48 लाख से बनेगी महिला हेल्पलाइन की नयी इमारत

By Prabhat Khabar Digital Desk
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बेगूसराय : महिलाओं व लड़कियों पर हो रहे घरेलू हिंसा, पारिवारिक,सामाजिक अथवा कार्य स्थल पर किसी महिला के साथ हो रहे शारीरिक,मानसिक एवं आर्थिक हिंसा से निवारण के लिए सखी वन स्टॉप सेंटर सह महिला हेल्पलाइन की स्थापना समाहरणालय परिसर में वर्ष-2009 में की गयी थी.

जिसका मुख्य उद्देश्य है कि महिलाओं के साथ किसी भी प्रकार की हिंसा का निवारण किया सके. महिला हेल्पलाइन में महिलाओं को मनोवैज्ञानिक परामर्श, विधिक परामर्श के साथ-साथ चिकित्सीय सेवा और प्राथमिकी दर्ज कराने की सहायता प्रदान की जाती है.
सखी वन स्टॉप सेंटर सह महिला हेल्पलाइन आगामी पंद्रह दिनों में सदर अनुमंडल परिसर में निर्मित जिला महिला सशक्तीकरण कार्यालय में संचालित किया जायेगा,जिसकी स्वीकृति जिला पदाधिकारी द्वारा दी गयी है. समाज में अक्सर देखा जाता है कि महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार किया जाता है और महिलाएं इसे सहन करती हैं.
मूल रूप से यौन शोषण, घरेलू हिंसा, मानव व्यापार आदि के शिकार महिलाओं को सरकार की तरफ से वर्तमान में 15,000 रुपये पुनर्वासित के लिए दिये जाने का प्रावधान है. पूर्व इसके वर्ष-2015 में 37 ऐसी महिलाओं को लाभ दिया गया. वर्ष 2017-18 में 39 महिलाओं को प्रति महिला 6,000 रुपये प्रदान किया गया था. वर्ष 2018-19 का पैसा अभी विभाग को प्राप्त नहीं हो पाया है.
जमीन चिह्नित कर ली गयी है
सखी वन स्टॉप सेंटर सह महिला हेल्पलाइन समाहरणालय परिसर में संचालित किया जा रहा है. जहां कार्यालय, चिकित्सीय सेवा, आवासन आदि की समस्या है. स्वर्ण जयंती पुस्तकालय के सामने सखी वन स्टॉप सेंटर सह महिला हेल्पलाइन भवन के लिए जमीन चिह्नित कर लिया गया है. विभाग को विवरणी उपलब्ध करवाने के लिए जिला पदाधिकारी के माध्यम से अवगत करा दिया गया है.
48,69,371 रुपये की राशि से बनने वाले नये महिला हेल्पलाइन भवन में प्रशासकीय कार्यालय के लिए एक कमरा, प्रशासक के आवासन के लिए दो कमरे, कार्यालय व वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के लिए एक कमरा, परामर्शी एवं चिकित्सीय सेवा के लिए एक कमरा,संवासिनों के आश्रय के लिए पांच बेड लगाने हेतु एक हॉल के अलावा दो शौचालय, दो रसोईघर एवं एक आगंतुक कक्ष बनाये जायेंगे.
जहां शोषित पीड़ित महिलाओं को एक ही स्थान पर मनोवैज्ञानिक परामर्श,विधिक परामर्श,चिकित्सीय सेवा,प्राथमिकी दर्ज कराने में सहयोग,अल्पाश्रय प्रदान करते हुए मुख्यधारा में जोड़ने का कार्य किया जायेगा.
जिला महिला सशक्तीकरण कार्यालय अनुमंडल परिसर में तैयार :महिलाओं व किशोरियों के लिए सरकार द्वारा चलायी जानें वाली विभिन्न प्रकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं को प्रशिक्षण के द्वारा आम जनता के बीच पहुंचाने के उद्देश्य से सदर अनुमंडल परिसर में जिला महिला सशक्तीकरण कार्यालय तैयार किया गया है. कार्यालय पूर्णरूपेण तैयार कर लिया गया है. बस जरूरत है कार्य क्रियान्वयन की शुरुआत करने की.
यहां महिलाओं को बाल विवाह, दहेज प्रथा निषेध कार्यक्रम, सखी वन स्टॉप सेंटर, अल्पावास गृह आदि की काउंसेलिंग के साथ-साथ पुनर्वासित के लिए कार्य किया जायेगा. इस परिसर में शोषित,पीड़ित महिलाओं के लिए एक हॉल, पांच कमरे समेत आवासन की भी व्यवस्था की गयी है. इसके अलावा जरूरत के अनुसार और व्यवस्था की जा रही है.
घरेलू हिंसा के आते हैं ज्यादातर मामले:सखी वन स्टॉप सेंटर सह महिला हेल्पलाइन में ज्यादातर मामले घरेलू हिंसा के आते हैं. परामर्शी मणिभूषण ने बताया कि 08 मई 2017 से 30 नवंबर 2019 तक कुल 799 मामले महिला हेल्पलाइन में आये. जिसमें 704 मामलों का निष्पादन कर लिया गया है. वहीं 95 मामले अब भी लंबित हैं. परामर्शी ने बताया कि इस बदलते परिवेश में घरेलू हिंसा की शिकार महिलाएं ज्यादा हो रही हैं.
उन्होंने बताया कि उपरोक्त अवधि में 329 घरेलू हिंसा, दो बलात्कार, यौन शोषण, छेड़छाड़ के 16, बाल यौन शोषण के एक, बाल विवाह के 06, साइबर क्राइम के एक, दहेज प्रताड़ना एवं हत्या से जुड़े 195 एवं अन्य 187 मामले प्राप्त हुए थे. जिसमें नब्बे फीसदी से ज्यादा मामलों का निष्पादन कर लिया गया है.
बोले पदाधिकारी
महिलाओं को परिवार व समाज में किसी प्रकार की हिंसा सहने की जरूरत नहीं है. महिलाओं को समाज में समानता का अधिकार प्राप्त है. यदि किसी महिला व किशोरी शारीरिक, मानसिक, लैंगिक हिंसा का शिकार होती हैं. तो उन्हें सखी वन स्टॉप सेंटर सह महिला हेल्पलाइन में सहयोग कर मुख्यधारा में जोड़ने का कार्य किया जायेगा.
कविता रानी, जिला परियोजना प्रबंधक,महिला विकास निगम
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