महिलाओं पर हो रही हिंसा से बचने के कारगर हथियार है 181 हेल्पलाइन नंबर

Updated at : 02 Apr 2019 8:18 AM (IST)
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महिलाओं पर हो रही हिंसा से बचने के कारगर हथियार है 181 हेल्पलाइन नंबर

बेगूसराय : जब छात्राएं व महिलाएं किसी भी मुसीबत या परेशानी में फंस जाये तो उन्हें किसी से लड़ने की जरूरत नहीं, हाथापाई, कलह मचाने और हंगामा करने की जरूरत नहीं. क्योंकि महिलाओं पर हो रहे हर हिंसा से बचने के लिए उनका सबसे बड़ा हथियार 181 हेल्पलाइन नंबर है. बेगूसराय जिले में महिला हेल्पलाइन […]

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बेगूसराय : जब छात्राएं व महिलाएं किसी भी मुसीबत या परेशानी में फंस जाये तो उन्हें किसी से लड़ने की जरूरत नहीं, हाथापाई, कलह मचाने और हंगामा करने की जरूरत नहीं. क्योंकि महिलाओं पर हो रहे हर हिंसा से बचने के लिए उनका सबसे बड़ा हथियार 181 हेल्पलाइन नंबर है.
बेगूसराय जिले में महिला हेल्पलाइन की स्थापना 25 मई 2009 को की गयी. उद्देश्य था महिलाओं और बालिकाओं में आत्मविश्वास उत्पन्न करना व समाज में सम्मानजनक तरीके से प्रतिष्ठित करना और इनको क्षति पहुंचाने वाले विकृत मानसिकता वाले लोगों को दंडित करना. महिलाओं को सुरक्षा व भयमुक्त वातावरण बनाने को लेकर सरकार भी कृत संकल्पित है.
जिले में समाहरणालय परिसर में चल रहे कम संसाधनों से युक्त महिला हेल्पलाइन अगले तीन महीनों में संसाधनों से युक्त सदर अनुमंडल परिसर में बन रहे नवनिर्मित भवन में शिफ्ट हो जायेगी.
इन महिलाओं को यहां मिलती है आवश्यक सुविधा: महिला हेल्पलाइन में घरेलू हिंसा, दहेज प्रताड़ना, यौन उत्पीड़न,मानव व्यापार,महिला प्रताड़ना के साथ-साथ कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न, सोशल साइट के माध्यम से महिलाओं के साथ की जाने वाली यौनिक हिंसा से संबंधित पीड़ित महिलाओं को नि:शुल्क सेवा प्रदान को जाती है व परामर्श के माध्यम से सुलह समझौता करवाकर उजड़े घर बसाया जाता है.
उक्त से संबंधित अगर किसी पीड़िता को एफआइआर की आवश्यकता पड़ती है तो उन्हें इसमें मदद की जाती है. साथ ही महिला हेल्पलाइन में लीगल पैनल के अधिवक्ता द्वारा मुफ्त में कानूनी सलाह दी जाती है. वहीं ऐसी पीड़ित महिला जिन्हें आश्रय की जरूरत होती है, उसे जिले में चल रहे अल्पाहार गृह (रतनपुर विष्णुपुर) में तत्काल पुन:वासन तक आश्रय प्रदान किया जाता है.
जिले की बात करें तो महिला हेल्पलाइन के परामर्शी मणिभूषण मिश्र बताते हैं कि महीने में लगभग तीस से पैंतीस आवेदन प्राप्त होते हैं, जिसमें ज्यादातर आवेदन घरेलू हिंसा से संबंधित होती है.
महिलाओं को अस्तित्व योजना के तहत दी जाती है सहयोग राशि :महिला हेल्पलाइन में घरेलू हिंसा, दहेज प्रताड़ना, यौन उत्पीड़न सहित अन्य आये आवेदन के आलोक में पीड़िताओं को चिह्नित कर जिन्हें सहयोग राशि की सख्त आवश्यकता है, उन्हें अस्तित्व योजन के तहत पुनर्वास कोष की राशि दी जाती है.
महिला हेल्पलाइन की वीणा कुमारी ने बताया कि यौन उत्पीड़न मामला, दहेज के लिए प्रताड़ित महिला जिनका मामला कोर्ट में चल रहा हो, वैसे लाभुकों को चिह्नित कर प्राथमिकता दी जाती है.
उन्होंने बताया कि पहले इस तरह के पीड़िताओं को स्वावलंबी व सहयोग के तहत छह हजार रुपये दिये जाते थे, पर अब नये गाइड लाइन के तहत पंद्रह हजार की राशि प्रदान की जायेगी. बताते चलें कि 11 सितंबर 2018 को अंतिम 39 पीड़ित लाभुकों को छह-छह हजार की राशि सीधे बैंक खातों के माध्यम से दी गयी थी.
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