पूर्व मंत्री मंजू वर्मा की संपत्तियां कुर्क करने का अभियान हुआ खत्म

Updated at : 18 Nov 2018 5:35 PM (IST)
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पूर्व मंत्री मंजू वर्मा की संपत्तियां कुर्क करने का अभियान हुआ खत्म

बेगुसराय : बिहार पुलिस ने सीबीआई द्वारा हथियार कानून के तहत दर्ज मामले में गिरफ्तारी से भाग रहीं राज्य की पूर्व मंत्री मंजू वर्मा की संपत्तियां कुर्क करने के अपने दो दिवसीय अभियान का रविवार को समापन किया. सीबीआई मुजफ्फरपुर आश्रय स्कैंडल की जांच में जुटी है. रविवार को अर्जुनटोला गांव में वर्मा की संपत्ति […]

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बेगुसराय : बिहार पुलिस ने सीबीआई द्वारा हथियार कानून के तहत दर्ज मामले में गिरफ्तारी से भाग रहीं राज्य की पूर्व मंत्री मंजू वर्मा की संपत्तियां कुर्क करने के अपने दो दिवसीय अभियान का रविवार को समापन किया. सीबीआई मुजफ्फरपुर आश्रय स्कैंडल की जांच में जुटी है. रविवार को अर्जुनटोला गांव में वर्मा की संपत्ति कुर्क करने की कवायद की अगुवाई उपसंभागीय पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) सूर्यदेव कुमार ने की.

सूर्यदेव कुमार ने बताया कि पुलिस ने रविवार को 16 संपत्तियां कुर्क की. जबकि, शनिवार को 109 सामान जब्त कियेगये. अदालती आदेश से लैस पुलिस अधीक्षक अवकाश कुमार की अगुवाई वाली टीम ने शनिवार को यहां अर्जुनटोला में वर्मा की संपत्ति कुर्क करने की प्रक्रिया शुरु की थी. पुलिस ने शनिवार को जब्त सामान की सूची वर्मा के देवर हेमंत वर्मा को सौंपी थी.

एसडीपीओ ने कहा, ‘‘अर्जुनटोला में संपत्ति कुर्क करने का अभियान रविवार को समाप्त हुआ.” पुलिस ने शनिवार को कुर्की प्रक्रिया के दौरान वर्मा के घर के ग्रिल, दरवाजे, डोरफ्रेम हटा दिये थे. घर के अंदर मौजूद सारा सामान सीपीसी की धाराएं 82 और 83 के तहत शुरु किये गये दो दिवसीय अभियान के दौरान जब्त कर लिया गया. अपने पति चंद्रशेखर वर्मा के मुजफ्फरपुर आश्रय गृह स्कैंडल के मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर के साथ करीब संबंध की खबरें सामने आने के बाद वर्मा अगस्त में समाज कल्याण मंत्री पद से हट गयी थी.

मुजफ्फरपुर आश्रय गृह में 30 से अधिक लड़कियों के साथ कथित रुप से बलात्कार किया गया था. कुछ दिनों के बाद सीबीआई ने अर्जुनटोला में वर्मा के ससुराल के अलावा पटना में उनके निवास पर छापा मारा था जहां से हथियारों का जखीरा मिला था. तब उनके विरुद्ध मामला दर्ज किया गया था. वह अग्रिम जमानत के लिए बेगूसराय की एक अदालत पहुंचीं, लेकिन उनकी अर्जी अदालत ने खारिज कर दी. पटना उच्च न्यायालय से भी उन्हें राहत नहीं मिली. उनके पति ने 29 अक्टूबर को बेगूसराय की एक अदालत में आत्मसमर्पण किया.

उच्चतम न्यायालय ने पूर्व मंत्री को नहीं गिरफ्तार कर पाने पर 12 नवंबर को बिहार पुलिस की खिंचाई की थी और पुलिस महानिदेशक को 27 नवंबर तक उनके गिरफ्तार नहीं होने पर पेश होने का निर्देश दिया था. पुलिस वर्मा को गिरफ्तार करने के लिए बिहार और झारखंड में छापा मार रही है. वह एक महीने से भी अधिक समय से गिरफ्तारी से बचती फिर रही हैं और वह भगोड़ा घोषित की गयी हैं. 15 नवंबर को जदयू ने मंजू वर्मा को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया था. बिहार के पुलिस महानिदेशक केएस द्विवेद्वी ने शुक्रवार को कहा था कि पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने के लिए अथक प्रयास कर रही है.

कुर्की जब्ती की कार्रवाई के बाद हर ओर फैली है वीरानगी
फरार चल रही पूर्व समाज कल्याण मंत्री के घर कुर्की जब्ती की कार्रवाई के बाद हर ओर वीरानगी छायी हुई है. घर बिल्कुल सुनसान एवं वीरान पड़ा है. जबकि, फरार चलने के कारण कुर्की जब्ती की कार्रवाई के बाद घर में कूड़ा-कचड़े के अलावा कुछ नहीं रह गया है.

विभिन्न बैंकों के एकाउंट को भी फ्रीज करने की तैयारी
तमाम कीमती सामानों को पुलिस कुर्क कर लें जा चुकी है. लेकिन, इसके बाद भी पूर्व मंत्री को राहत मिलती नजर नहीं आ रही है. पुलिस सूत्रों से मिल रही जानकारी अनुसार सोमवार को पुलिस द्वारा पटना के सरकारी आवास को भी कुर्क करने के लिए न्यायालय में आवेदन दिया जा सकता है. इसके साथ ही उनकी चल संपत्ति जब्त होने के उपरांत अचल संपत्ति पर भी पुलिस की पैनी नजर है. विभिन्न बैंकों के एकाउंट को भी फ्रीज करने की तैयारी चल रही है. जबकि, कुर्की जब्ती के बाद वहां पहुंचने वाले पूर्व मंत्री के करीबियों एवं शुभचिंतकों को बैठने के लिए एक कुर्सी तक भी नहीं छोड़ा गया है.

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