बाराहाट में साइबर कैफे की आड़ में फर्जी दस्तावेज बनाने का चल रहा खेल
Published by : AMIT KUMAR SINH Updated At : 29 May 2026 3:52 PM
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Banka News : बाराहाट प्रखंड में एक साइबर कैफे को लेकर बड़ा खुलासा सामने आया है. आरोप है कि यहां फर्जी दस्तावेज तैयार कर आधार कार्ड बनाए जा रहे हैं. इतना ही नहीं, गरीब और कम पढ़े-लिखे लोगों से 2 हजार से 5 हजार रुपये तक वसूले जा रहे हैं.
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बाराहाट बांका से अजय कुमार झा की रिपोर्ट
Banka News : बांका जिले के बाराहाट प्रखंड क्षेत्र में इन दिनों फर्जी दस्तावेज और आधार कार्ड बनाने के कथित खेल को लेकर चर्चाएं तेज हैं. भेड़ा मोड़ चौक स्थित एक साइबर कैफे पर आरोप है कि वहां फर्जी कागजात के जरिए आधार कार्ड बनाने का काम धड़ल्ले से किया जा रहा है. स्थानीय लोगों का दावा है कि कैफे की आड़ में साइबर फ्रॉड से जुड़े लोग भी सक्रिय हैं, जो जरूरतमंद और कम पढ़े-लिखे लोगों को निशाना बना रहे हैं.प्रखंड मुख्यालय के आसपास होती है रेकी
स्थानीय लोगों के अनुसार करीब आधा दर्जन युवक इस पूरे नेटवर्क में सक्रिय हैं, जिनकी उम्र 18 से 25 वर्ष के बीच बताई जा रही है. आरोप है कि ये युवक पहले प्रखंड मुख्यालय के आसपास घूमकर उन लोगों की पहचान करते हैं, जो आधार कार्ड या अन्य दस्तावेज बनवाने के लिए आते हैं.इसके बाद उन्हें आसानी से काम कराने का झांसा देकर साइबर कैफे तक ले जाया जाता है. वहां पहुंचने के बाद आधार कार्ड बनाने के नाम पर मोटी रकम की मांग की जाती है.आधे घंटे में तैयार हो जाते हैं दस्तावेज
लोगों का दावा है कि कैफे संचालक जन्म प्रमाण पत्र, विद्यालय से जुड़े दस्तावेज और अन्य जरूरी कागजात बेहद कम समय में तैयार कर देते हैं. आरोप यह भी है कि उनके पास कई अधिकारियों और दस्तावेज जारी करने वाले विभागों के मोहर और स्टांप मौजूद हैं.स्थानीय लोगों के मुताबिक जिन कार्यों के लिए आम लोगों को प्रखंड और अंचल कार्यालय के कई चक्कर लगाने पड़ते हैं, वही काम ये लोग आधे घंटे में कर देने का दावा करते हैं. फर्जी दस्तावेज तैयार होने के बाद आधार कार्ड बनाने की प्रक्रिया पूरी की जाती है.साइबर फ्रॉड गिरोह सक्रिय होने की भी चर्चा
क्षेत्र में यह भी चर्चा है कि कुछ साइबर फ्रॉड से जुड़े सदस्य भी कैफे की आड़ में सक्रिय हैं. ये लोग कम पढ़े-लिखे और गरीब लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं. इससे पहले भी बाराहाट प्रखंड का पथरा और बभनगामा क्षेत्र फर्जी सर्टिफिकेट और दस्तावेज बनाने के मामलों में चर्चा में रह चुका है. ऐसे मामलों में कुछ लोगों को जेल भी जाना पड़ा था.कहते हैं अधिकारी
इस मामले में प्रखंड विकास पदाधिकारी गोपाल कुमार गुप्ता ने कहा कि मामला फिलहाल उनके संज्ञान में नहीं है. उन्होंने बताया कि समय-समय पर कैफे संचालकों की जांच की जाती है. आने वाले दिनों में इस विषय पर विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा. जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
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