‘अरे द्वार पालो कन्हैया से कह दो...’ कटोरिया में श्रीकृष्ण-सुदामा मिलन प्रसंग सुन छलक पड़े श्रद्धालुओं के आंसू
Published by : AMIT KUMAR SINH Updated At : 10 Jun 2026 11:56 AM
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Devotional Program : जमदाहा ठाकुरबाड़ी में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिन भक्ति और भावनाओं का अद्भुत संगम देखने को मिला. श्रीकृष्ण और सुदामा की अमर मित्रता का प्रसंग सुनकर श्रद्धालु भावुक हो उठे. वहीं ‘अरे द्वार पालो कन्हैया से कह दो’ भजन की प्रस्तुति ने कथा पंडाल में मौजूद लोगों की आंखें नम कर दीं.
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कटोरिया (बांका) से दीपक चौधरी की रिपोर्ट
Banka News : कटोरिया प्रखंड के जमदाहा बाजार स्थित श्रीश्री 108 पतित पावन राधा-कृष्ण मंदिर में चल रहे सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह ज्ञानयज्ञ का समापन बुधवार को हुआ. अंतिम दिन सुदामा चरित्र प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया गया. कथावाचक डॉ. रवि किशोर जी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता का महत्व बताते हुए श्रद्धालुओं को भक्ति और प्रेम का संदेश दिया. भजन की प्रस्तुति हुई. भजन के भावपूर्ण शब्दों ने श्रद्धालुओं के हृदय को छू लिया. कथा पंडाल में मौजूद कई लोगों की आंखें छलछला गयी.सखा का नाम सुन दौड़ पड़े थे श्रीकृष्ण
मंदराचल से पहुंचे कथावाचक डॉ. रवि किशोर जी महाराज ने कहा कि सच्ची मित्रता का सबसे बड़ा उदाहरण भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा हैं. उन्होंने बताया कि जब द्वारपाल ने सुदामा के आगमन की सूचना दी, तो भगवान श्रीकृष्ण नंगे पांव ही अपने मित्र से मिलने दौड़ पड़े. उन्होंने सुदामा को गले लगाया और पूरे सम्मान के साथ अपने सिंहासन पर बैठाया. कथावाचक ने कहा कि प्रेम और मित्रता में धन-दौलत का कोई महत्व नहीं होता. भगवान ने अपने व्यवहार से यही संदेश दिया.झांकी ने जीवंत किया मित्रता का प्रसंग
कथा के दौरान श्रीकृष्ण-सुदामा मिलन की आकर्षक झांकी प्रस्तुत की गई. झांकी में दोनों मित्रों के मिलन का दृश्य देखकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए. मंच पर प्रस्तुत दृश्य ने कथा को जीवंत बना दिया. श्रद्धालुओं ने तालियों और जयघोष के साथ झांकी का स्वागत किया. भक्ति गीतों और आध्यात्मिक वातावरण ने पूरे पंडाल को भक्तिमय बना दिया. लोग देर तक इस भावपूर्ण प्रस्तुति की चर्चा करते रहे.आरती और भंडारे के साथ हुआ समापन
सात दिवसीय भागवत कथा का समापन सामूहिक आरती, हवन और पूर्णाहूति के साथ हुआ. श्रद्धालुओं ने ‘श्री भागवत भगवान की है आरती’ का सामूहिक गायन किया. इसके बाद प्रसाद वितरण और भंडारे का आयोजन किया गया. जिसमें बड़ी संख्या में महिला और पुरुष श्रद्धालुओं ने भाग लिया. आयोजन को सफल बनाने में निताय बाबा, रोहित साह, राहुल चौधरी, शिवम साह, रितेश साह, आशीष साह, चंदन मिश्रा, किशोर मिश्रा, विजय राय, कौशल बाबा और लालमोहन मंडल सहित अन्य स्थानीय लोगों की महत्वपूर्ण भूमिका रही.प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
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