जान हथेली पर रखकर बिजली बहाल करते हैं मानव बल, सुरक्षा उपकरणों के अभाव में बढ़ रहा खतरा

Edited by AMIT KUMAR SINH
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Risking Lives for Power Supply: भीषण गर्मी में जब बिजली गुल होती है तो लोग तुरंत बिजली विभाग को फोन कर सप्लाई बहाल करने की मांग करते हैं. लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि गांवों और कस्बों में बिजली बहाल करने वाले मानव बल किस तरह अपनी जान जोखिम में डालकर यह जिम्मेदारी निभाते हैं. अमरपुर प्रखंड में बिजली विभाग के मानव बल आज भी बांस की सीढ़ी और सीमित संसाधनों के सहारे खतरनाक परिस्थितियों में काम करने को मजबूर हैं.

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अमरपुर बांका से प्रीतम कुमार की रिपोर्ट

Banka News : प्रखंड क्षेत्र में बिजली विभाग के अधीन कार्यरत मानव बल (लाइनमैन) उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति देने के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे हैं. लेकिन विभागीय स्तर पर पर्याप्त सुरक्षा उपकरण और आधुनिक संसाधन उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें हर दिन अपनी जान जोखिम में डालकर कार्य करना पड़ रहा है.

बांस की सीढ़ी बनी सहारा, खतरा बना रहता है साथ

क्षेत्र में बिजली लाइन में फॉल्ट आने पर मानव बल साइकिल या अन्य साधनों से बांस की सीढ़ी लेकर मौके पर पहुंचते हैं. इसके बाद उसी सीढ़ी के सहारे बिजली के खंभों पर चढ़कर मरम्मत कार्य करते हैं.सुरक्षा बेल्ट, इंसुलेटेड सीढ़ी, हेलमेट, दस्ताने और अन्य आवश्यक सुरक्षा उपकरणों की कमी के बावजूद ये कर्मी उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं.

गर्मी में बढ़ जाता है दबाव

भीषण गर्मी के दौरान बिजली आपूर्ति बाधित होते ही उपभोक्ताओं के फोन लगातार आने लगते हैं. लोग जल्द से जल्द बिजली बहाल करने की मांग करते हैं.ऐसे में मानव बल बिना देर किए संबंधित क्षेत्र में पहुंचते हैं और फॉल्ट खोजने तथा उसे ठीक करने में जुट जाते हैं. कई बार उन्हें तेज धूप, उमस और कठिन परिस्थितियों में घंटों तक काम करना पड़ता है.

33 हजार वोल्ट लाइन का फॉल्ट बनता है बड़ी चुनौती

मानव बलों के अनुसार सबसे अधिक चुनौती तब सामने आती है जब 33 हजार वोल्ट की लाइन में खराबी आ जाती है. ऐसी स्थिति में उन्हें पूरी रात अलग-अलग स्थानों पर पहुंचकर फॉल्ट की तलाश करनी पड़ती है.बरसात, आंधी या अंधेरे जैसी परिस्थितियों में भी बिजली आपूर्ति बहाल करने का दबाव बना रहता है, जिससे दुर्घटना की आशंका कई गुना बढ़ जाती है.

क्षेत्र की बिजली व्यवस्था के असली नायक

स्थानीय लोगों का कहना है कि मानव बलों की मेहनत और तत्परता के कारण ही क्षेत्र में बिजली व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो रही है. विपरीत परिस्थितियों में भी वे बिना किसी शिकायत के अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हैं.ग्रामीणों का मानना है कि इन कर्मियों को बेहतर सुरक्षा और संसाधन उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता होनी चाहिए.

आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराने की मांग

मानव बलों का कहना है कि यदि उन्हें आधुनिक सुरक्षा उपकरण और आवश्यक संसाधन उपलब्ध करा दिए जाएं तो वे अधिक सुरक्षित और प्रभावी तरीके से कार्य कर सकेंगे.क्षेत्रवासियों ने बिजली विभाग के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि मानव बलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हेलमेट, इंसुलेटेड सीढ़ी, सुरक्षा बेल्ट, दस्ताने और अन्य आधुनिक उपकरण जल्द उपलब्ध कराए जाएं, ताकि वे बिना किसी भय के अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर सकें

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