जॉइंट फैमिली में रहकर बच्चे को बनाना चाहते हैं संस्कारी और समझदार? ये 5 आसान टिप्स आएंगे आपके काम

Edited by Saurabh Poddar
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जॉइंट फैमिली में बच्चे की परवरिश कैसे करें? Ai image

Parenting Tips: जॉइंट फैमिली में बच्चों की परवरिश करते समय सिर्फ प्यार ही नहीं, बल्कि समझदारी और सही को-ऑर्डिनेशन की भी जरूरत होती है. कुछ छोटी-छोटी बातों का ख्याल रखकर आप अपने बच्चे की ग्रोथ को बेहतर दिशा दे सकते हैं.

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Parenting Tips: दादा-दादी की कहानियां, चाचा-चाची का प्यार और भाई-बहनों के साथ पूरे घर में धूम मचाना, जॉइंट फैमिली में बिताया गया बचपन किसी त्योहार से कम नहीं होता है. जब बच्चे जॉइंट फैमिली में रहते हैं, तो उन्हें कभी भी अकेलेपन का एहसास नहीं होता है. लेकिन, सिक्के का दूसरा पहलू यह भी है कि बच्चे को सही और गलत सिखाने के लिए यहां एक ही घर में अलग-अलग लोगों से अलग-अलग राय मिलने लगती है. जब ऐसा होता है, तो अपने ही बच्चे की परवरिश करना माता-पिता के लिए एक चुनौती बन जाती है. कभी दादा-दादी का हद से ज्यादा प्यार बच्चे को बिगाड़ देता है, तो कभी कायदे-कानूनों को लेकर आपस में ही मतभेद बढ़ने लग जाते हैं. अगर ऐसा हो, तो भरे-पूरे परिवार के माहौल के बीच बच्चे को संस्कारी और डिसिप्लिंड कैसे बनाया जाए, यह एक बड़ी समस्या बनकर सामने आती है. अगर आप भी एक जॉइंट फैमिली में रहते हैं, तो आज की यह आर्टिकल आपके काम की होने वाली है. आज हम आपको कुछ बेहद ही आसान टिप्स बताने जा रहे हैं, जिन्हें अपनाकर आप एक जॉइंट फैमिली में रहते हुए भी अपने बच्चे की परवरिश ज्यादा बेहतर और बैलेंस्ड तरीके से कर सकेंगे. तो चलिए, इन टिप्स के बारे में विस्तार से जानते हैं.

दादा-दादी के लाड-प्यार और डिसिप्लिन में बैलेंस जरूरी

जॉइंट फैमिली में दादा-दादी अक्सर बच्चों को हद से ज्यादा लाड-प्यार करने लगते हैं. इसी बीच जब माता-पिता कई बार अपने बच्चे को किसी गलती पर डांटते हैं, तो बड़े बुजुर्ग बीच में आकर बच्चे का बचाव कर लेते हैं. जब बार-बार ऐसा होता रहता है तो आपका बच्चा जिद्दी बनने लग जाता है. इस समस्या से बचने के लिए माता-पिता को अलग से घर के सभी बड़ों से बात करनी चाहिए. उन्हें प्यार से यह समझाएं कि बच्चे के भले के लिए उसका डिसिप्लिन में रहना भी जरूरी है. जब बच्चा कोई गलती करे, तो सबके सामने बहस करने के बजाय अकेले में बैठकर रूल्स तय करें.

सभी के सामने बच्चे को न डांटें

जॉइंट फैमिली में कई लोग होते हैं और ऐसे में अगर बच्चा कोई गलती करता है, तो उसे सबके सामने आपको डांटने या फिर उसका मजाक उड़ाने की गलती कभी नहीं करनी चाहिए. अगर आप ऐसा करते हैं तो बच्चे के सेल्फ-इस्टीम को ठेस पहुंचती है और वह हीन भावना का शिकार हो सकता है. अगर बच्चे को उसकी गलती का अहसास कराना है, तो उसे अलग कमरे में ले जाकर अकेले में बातों को समझाएं. इससे बच्चा आपकी बात को ज्यादा गंभीरता से सुनेगा और समझेगा.

बच्चों के बीच कम्पेरिजन करने से बचें

जॉइंट फैमिली में अक्सर हमउम्र कजिन्स यानी कि भाई और बहन एक साथ रहते हैं. ऐसे में अनजाने में ही सही, बड़ों के बीच बच्चों का कम्पेरिजन होने लगता है, उदहारण के लिए ‘देखो वह पढ़ाई में कितना अच्छा है और तुम दिनभर खेलते रहते हो.’ आपकी यह आदत बच्चे के मन में अपने भाई-बहनों के प्रति नफरत या जलन पैदा कर सकती है. आपको हमेशा यह बात समझनी होगी कि हर बच्चा अपने आप में यूनिक होता है. उसकी तुलना किसी और से करने के बजाय, उसकी खुद की खूबियों को बढ़ावा दें.

माता-पिता के रूप में अपने क्वालिटी टाइम को न भूलें

भले ही घर में बच्चे के साथ खेलने के लिए बहुत से लोग हों, लेकिन बच्चे को माता-पिता के साथ की सबसे ज्यादा जरूरत होती है. जॉइंट फैमिली की बिजी लाइफ के बीच भी रोज थोड़ा समय ऐसा निकालें जो सिर्फ आपके और आपके बच्चे के लिए हो. इस दौरान उससे उसके स्कूल, दोस्तों और उसकी पसंद-नापसंद के बारे में बात करें. इससे बच्चा आपके ज्यादा करीब आएगा और अपनी हर बात आपके साथ शेयर कर सकेगा.

मिलकर रहने और शेयरिंग की आदत सिखाएं

जॉइंट फैमिली का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यहां बच्चे को शुरुआत से ही मिल-बांटकर रहना आ जाता है. अपने बच्चों को यह जरूर सिखाएं कि घर में आने वाली चीजें या खिलौने सिर्फ उनके नहीं हैं, बल्कि उनके भाई-बहनों के भी हैं. आपके ऐसा करने से बच्चों को चीजें शेयर करना, दूसरों की इज्जत करना और घर के छोटे-मोटे कामों में सबकी मदद करना सीखने में मदद मिलेगी. ये संस्कार उन्हें आने वाले समय में एक अच्छा इंसान बनने में मदद करेंगे.

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Saurabh Poddar

लेखक के बारे में

By Saurabh Poddar

सौरभ पोद्दार एक लाइफस्टाइल जर्नलिस्ट हैं और पिछले 4 सालों से डिजिटल मीडिया में एक्टिव हैं. उन्होंने रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया है. फिलहाल, सौरभ 'प्रभात खबर' के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बतौर कंटेंट राइटर काम कर रहे हैं. सौरभ को उन विषयों पर लिखना सबसे ज्यादा पसंद है, जो हमारी रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े हैं. उनके आर्टिकल्स में आपको हेल्थ, फिटनेस, स्किन-हेयर केयर, पेरेंटिंग, हेल्दी रेसिपीज, घरेलू नुस्खे, रिलेशनशिप और वास्तु शास्त्र जैसी उपयोगी जानकारियां मिलेंगी. फिटनेस और अच्छी सेहत सौरभ की निजी जिंदगी का भी अहम हिस्सा हैं. वे जिन विषयों पर लिखते हैं, उन्हें अपनी रूटीन में फॉलो भी करते हैं. उनका मानना है कि जब आप किसी चीज को खुद एक्सपीरियंस करते हैं, तभी दूसरों तक सही और प्रैक्टिकल जानकारी पहुंचा सकते हैं. उनकी हमेशा यही कोशिश रहती है कि वे ट्रेंडिंग टॉपिक्स पर बिल्कुल आसान और आम बोलचाल की भाषा में लिखें, ताकि हर पाठक उसे आसानी से समझ सके. यही वजह है कि उनके लिखे आर्टिकल्स काफी एंगेजिंग और एसईओ फ्रेंडली होते हैं.

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