खरीफ महाभियान में किसानों को मिली आधुनिक खेती की जानकारी

Edited by AMIT KR SINHA
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Kharif Subsidy Distribution Banka :खरीफ महाअभियान के दौरान बांका में किसानों को आधुनिक खेती की तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया, जिसमें मिट्टी जांच, बीज उपचार और धान की सीधी बुआई पर विशेष जोर दिया गया

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अमरपुर (बांका )से प्रीतम कुमार की रिपोर्ट :

Kharif Subsidy Distribution Banka : अमरपुर प्रखंड कार्यालय स्थित कृषि कार्यालय के सभागार में शनिवार को खरीफ महाभियान सह उपादान वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्घाटन प्रखंड प्रमुख मंजू देवी, अंचलाधिकारी रजनी कुमारी, बीएओ सना कय्यूम एवं जदयू प्रखंड अध्यक्ष विमल कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया और कृषि विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं तथा आधुनिक खेती की तकनीकों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की.

कार्यक्रम के दौरान किसानों को खरीफ मौसम में बेहतर उत्पादन प्राप्त करने के लिए मिट्टी की जांच, उन्नत बीजों के चयन, बीज उपचार, संतुलित उर्वरक प्रयोग, कीट एवं रोग प्रबंधन तथा धान की सीधी बुआई जैसी वैज्ञानिक पद्धतियों के बारे में विस्तार से बताया गया. अधिकारियों एवं कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को सरकार की विभिन्न कृषि योजनाओं का लाभ लेने तथा आधुनिक तकनीक को अपनाकर खेती की लागत कम करने और उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रेरित किया.

किसानों की आय में वृद्धि को सरकार चला रहीं कई योजनाएं

सीओ रजनी कुमारी ने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार किसानों के हित में अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रही है. इन योजनाओं का उद्देश्य किसानों की आय में वृद्धि करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है.उन्होंने कहा कि किसानों को विभागीय योजनाओं की जानकारी रखनी चाहिए और समय पर आवेदन कर उनका लाभ उठाना चाहिए. उन्होंने किसानों से वैज्ञानिक पद्धति से खेती करने तथा जल संरक्षण एवं मृदा संरक्षण के प्रति जागरूक रहने की अपील की प्रखंड कृषि पदाधिकारी सना कय्यूम ने कहा कि कृषि क्षेत्र में लगातार नई तकनीकों का विकास हो रहा है.

यदि किसान परंपरागत खेती के साथ आधुनिक तकनीकों को अपनाते हैं तो उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है.उन्होंने बताया कि कृषि विभाग किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज, कृषि यंत्रों पर अनुदान तथा विभिन्न योजनाओं के माध्यम से आर्थिक सहायता उपलब्ध करा रहा है. उन्होंने कहा कि धान की सीधी बुआई, बीज उपचार और मिट्टी जांच जैसी तकनीकें किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी हैं और इनके प्रयोग से लागत में कमी तथा उत्पादन में बढ़ोतरी होती है.कृषि पदाधिकारी ने किसानों से अपील की कि वे किसी भी योजना की जानकारी के लिए कृषि कार्यालय से संपर्क करें तथा विभाग द्वारा आयोजित जागरूकता कार्यक्रमों में नियमित रूप से भाग लें.उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि प्रत्येक किसान तक योजनाओं का लाभ पहुंचे और खेती को अधिक लाभकारी बनाया जा सके.

अच्छी फसल के लिए सबसे पहले मिट्टी की गुणवत्ता को समझना आवश्यक

कार्यक्रम में मौजूद कृषि वैज्ञानिक संजय मंडल ने किसानों को वैज्ञानिक खेती के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अच्छी फसल के लिए सबसे पहले मिट्टी की गुणवत्ता को समझना आवश्यक है. उन्होंने कहा कि बिना मिट्टी जांच के उर्वरकों का प्रयोग करने से किसानों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाता है. मिट्टी जांच के आधार पर उर्वरकों का संतुलित उपयोग करने से उत्पादन बढ़ता है और भूमि की उर्वरा शक्ति भी बनी रहती है।उन्होंने किसानों को सलाह दी कि बुआई से पहले बीज उपचार अवश्य करें ताकि फसल विभिन्न रोगों से सुरक्षित रह सके.

कृषि वैज्ञानिक ने कहा कि वर्तमान समय में जलवायु परिवर्तन खेती के लिए बड़ी चुनौती बनकर उभरा है. ऐसे में किसानों को मौसम आधारित खेती और वैज्ञानिक सलाह को अपनाना चाहिए. उन्होंने बताया कि धान की सीधी बुआई तकनीक पानी की बचत के साथ श्रम लागत को भी कम करती है और किसानों के लिए लाभकारी सिद्ध हो रही है उपादान वितरण के साथ दी गई तकनीकी जानकारी के दौरान किसानों के बीच विभिन्न कृषि उपादानों का भी वितरण किया गया.

किसानों ने अधिकारियों के साथ साझाकी समस्याएं

किसानों ने विभागीय अधिकारियों एवं विशेषज्ञों से अपनी समस्याओं को साझा किया, जिनका समाधान मौके पर ही किया गया. किसानों ने कार्यक्रम को उपयोगी बताते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन से उन्हें नई तकनीकों और सरकारी योजनाओं की जानकारी मिलती है, जिससे खेती को और अधिक लाभकारी बनाया जा सकता है. प्लांट प्रोटेक्शन विशेषज्ञ बसंत सिंह, बीटीएम ऋषिका झा, एटीएम रखचंदा कुमारी,कृषि समन्वयक मिथिलेश कुमार, मंजीत सिंह पटेल, गौतम बिहारी तथा किसान सलाहकार संजीव सिंह, कृष्णा कुमार, राजेश शर्मा, आलोक कुमार, मिथिलेश पंजियारा, ब्रह्म कुमार मालाकार, मुरारी कुमार, नवनितेशकुमार, नवल पासवान, कुनालझा, कारू ठाकुर, बंशी मोदी, कमलकांत किशोर राय, रूपेश कुमार, राजीव कुमार सहित सभी कृषि समन्वयक, किसान सलाहकार एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे.

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