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विधिक सेवा प्राधिकार ने छात्र-छात्राओं को दी अधिकारों व कानूनों की जानकारी

Updated at : 07 Dec 2024 12:10 AM (IST)
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विधिक सेवा प्राधिकार ने छात्र-छात्राओं को दी अधिकारों व कानूनों की जानकारी

जागरूकता कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा बच्चों को कानूनी अधिकार पर जागरूक किया गया.

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कटोरिया हाइस्कूल के सभाकक्ष में आयोजित हुआ जागरूकता कार्यक्रम

कटोरिया(बांका).

इंटरस्तरीय हाइस्कूल कटोरिया के सभाकक्ष में शुक्रवार को आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा बच्चों को कानूनी अधिकार पर जागरूक किया गया. जिसमें मुख्य अतिथि सह विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव सह अवर न्यायाधीश राजेश कुमार सिंह, किशोर न्याय परिषद बांका के मजिस्ट्रेट अश्विनी कुमार, चीफ डिफेंस काउंसिल के अधिवक्ता संतोष कुमार सिंह, विधि सेवा प्राधिकार समिति के सदस्य सह पूर्व उपप्रमुख बालेश्वर दास, नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी अनुराग कुमार व उपचेयरमैन प्रतिनिधि फकरे आलम ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर जागरूकता कार्यक्रम का विधिवत उदघाटन किया.

किशोर न्याय अधिकार 2015 एवं लैंगिक अपराध का संरक्षण अधिनियम 2012 के नियम व प्रावधानों पर संवेदीकरण सह जागरूकता कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि सह अवर न्यायाधीश राजेश कुमार सिंह ने कहा कि 18वर्ष से कम उम्र के बच्चों यानि 40 प्रतिशत आबादी को न्याय व संरक्षण से ही देश का विकास संभव है. उन्होंने बच्चों के विभिन्न अधिकारों व कानूनों जैसे बाल-संरक्षण, जेजे एक्ट, पॉक्सो एक्ट, शिक्षा का अधिकार आदि के बारे में जानकारी दी. साथ ही बाल-श्रम, बाल-विवाह, पॉक्सो एक्ट, नशा मुक्ति, साइबर क्राइम जैसी महत्वपूर्ण बिंदुओं पर भी कई अहम जानकारी दी. उन्होंने कहा कि 6 से 14 वर्ष तक के बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा का अधिकार है. इस अधिकार का सदुपयोग कर यानि मेहनत व लगन से पढ-लिखकर आप जो पद चाहें, उसे प्राप्त कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि बडों की तरह ही बच्चों को भी समानता व सम्मान के साथ जीने का अधिकार है, विचारों की अभिव्यक्ति का अधिकार है. संविधान को परिभाषित करते हुए उन्होंने कहा कि किसी देश को चलाने के लिए नियम व कानून की आवश्यकता होती है. उन नियमों को एक जगह संग्रहित कर बने दस्तावेज को संविधान कहते हैं. गत 26 जनवरी 1950 को भारतीय संविधान लागू हुआ था.

अवर न्यायाधीश ने उपस्थित छात्र-छात्राओं को बाल-विवाह व नशे का सेवन नहीं करने की सामूहिक रूप से शपथ भी दिलायी. इस मौके पर कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेन फाउंडेशन की सहयोगी संस्था मुक्ति निकेतन के समन्वयक मनोज कुमार सिंह, प्रधानाध्यापक संजीव कुमार सिंह, शिक्षिका राखी कुमारी के अलावा सैकडों की संख्या में कटोरिया हाइस्कूल व प्रोजेक्ट गर्ल्स हाइस्कूल की छात्र-छात्राएं मौजूद थे.

समय व दिमाग जैसी अनमोल पूंजी से भविष्य को बनाएं उज्वल : अश्विनी कुमारजेजेबी कोर्ट के न्यायाधीश अश्विनी कुमार ने उपस्थित छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि आप अपनी अनमोल पूंजी समय व दिमाग का सदुपयोग आगामी चार से पांच सालों तक करके अपना कैरियर बनाकर जीवन को उज्वल बना सकते हैं. नशा रूपी राक्षस के चंगुल से अपने अंदर के सुपरमैन को जगाकर विजय प्राप्त कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि किसी भी प्रतियोगिता परीक्षा पास करने का एकमात्र मूल मंत्र है कि सिलेबस खत्म करो व परीक्षा पास कर जाओ. उन्होंने कहा कि आज के बच्चे यौन हिंसा या नशा सहित अन्य अपराध का ट्राई करने के चक्कर में फंसते चले जाते हैं. इससे बचने के लिए संगति सुधारना जरूरी है.

अपराध सहने की बजाय कानून का लें सहारा : अधिवक्ता

व्यवहार न्यायालय के अधिवक्ता सह चीफ डिफेंस काउंसिल के प्रतिनिधि संतोष कुमार सिंह ने किशोर-किशोरियों को संबोधित करते हुए कहा कि यौन शोषण सहित अन्य प्रकार के अपराधों से पीडित होने की स्थिति में अपराध सहने की बजाय कानून का सहारा लें, दोषियों के विरूद्ध आवाज उठाएं. यौन शोषण जैसे मामलों में पीडित को तीन से सात लाख तक सरकार द्वारा मुआवजा प्रदान किया जाता है.

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