बांका मंडी में बढ़ी ढुलाई लागत ने बिगाड़ा बाजार का गणित, बांका में खाद्यान्न से मसालों तक महंगाई की मार

Published by : Pratyush Prashant Updated At : 31 May 2026 7:20 AM

विज्ञापन

सांकेतिक तस्वीर

Banka Mandi : विक्रमशिला सेतु बंद होने के बाद लंबा हुआ ट्रांसपोर्ट रूट, मंडी में जिंसों के दाम अस्थिर

विज्ञापन

बांका से मदन कुमार की रिपोर्ट

Banka Mandi : बांका की मंडी इन दिनों बढ़ती परिवहन लागत के असर से जूझ रही है. खाद्यान्न से लेकर मसालों तक कई जिंसों के दाम अस्थिर बने हुए हैं. व्यापारियों का कहना है कि भागलपुर स्थित विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने के बाद माल ढुलाई का पूरा गणित बदल गया है, जिसका सीधा असर बाजार और उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ रहा है.

बांका की मंडी मुख्य रूप से पूर्णिया के गुलाबबाग और कोलकाता की मंडियों से आने वाले माल पर निर्भर करती है. पहले पूर्णिया से भागलपुर के रास्ते करीब 100 किलोमीटर की दूरी तय कर ट्रांसपोर्ट वाहन सीधे बांका पहुंच जाते थे. लेकिन विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने के बाद अब वाहनों को मुंगेर के कृष्णा सेतु होकर लगभग 250 किलोमीटर का लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है.

लंबा रूट बना महंगाई की बड़ी वजह

व्यापारियों के अनुसार अतिरिक्त दूरी के कारण डीजल खर्च, टोल और परिवहन शुल्क में भारी बढ़ोतरी हुई है. इसका असर खाद्यान्न, दलहन, तेलहन और मसालों की कीमतों पर साफ दिखाई दे रहा है. थोक विक्रेताओं से लेकर खुदरा दुकानदारों तक को पहले की तुलना में अधिक भाड़ा देना पड़ रहा है.

कारोबारियों का कहना है कि जो कीमतें बढ़ चुकी हैं, उनमें निकट भविष्य में कमी की संभावना कम है. महंगाई का असर केवल उपभोक्ताओं पर ही नहीं, बल्कि व्यापारियों पर भी पड़ रहा है. बाजार में आवक और मांग के बीच संतुलन बनाए रखना चुनौती बन गया है.

खाद्यान्न बाजार में बना हुआ है दबाव

स्थानीय व्यवसायिक मंडी के अनुसार जिंसों की आवक सामान्य है, लेकिन बढ़ी हुई ढुलाई लागत के कारण अधिकांश वस्तुओं के भाव ऊंचे बने हुए हैं. दाल, तेल, आटा और मसालों की कीमतों में भी पिछले दिनों की तुलना में तेजी देखी जा रही है.

रविवार को बांका मंडी में गेहूं 2600 से 2650 रुपये, मक्का 2100 से 2150 रुपये, मंसूरी चावल 3250 से 3400 रुपये और बासमती चावल 12500 से 13500 रुपये प्रति क्विंटल के बीच कारोबार करता रहा. वहीं अरहर दाल 11000 से 14500 रुपये, पीला सरसों 7300 से 7550 रुपये तथा सरसों तेल (15 लीटर) 2070 से 2470 रुपये के बीच बिकता रहा.

आलू 1200 से 1450 रुपये और प्याज 1800 से 1900 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर कारोबार हुआ. व्यापारियों का मानना है कि परिवहन व्यवस्था सामान्य होने तक बाजार में कीमतों का उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है.

Also Read: बोधगया भ्रमण के बाद वापस लौटे म्यांमार के राष्ट्रपति, विशेष विमान से दिल्ली के लिए हुए रवाना

विज्ञापन
Pratyush Prashant

लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन