बांका को सरकार से सिंचाई के लिए मिले 370 लाख

Published at :29 Jan 2017 4:11 AM (IST)
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बांका को सरकार से सिंचाई के लिए मिले 370 लाख

अब बांका के किसान होंगे खुशहाल, खेतों तक आसानी से पहुंचेगा पानी सरकार द्वारा मिली राशि से जल स्रोत का निर्माण, उसका जीर्णोद्धार, संरक्षित जल को बिना अपव्यय के सिंचाई के लिए खेत तक पहुंचाने का विकसित किया जायेगा साधन बांका : बांका कृषि प्रधान जिला है. यहां की 80 प्रतिशत आबादी खेती पर निर्भर […]

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अब बांका के किसान होंगे खुशहाल, खेतों तक आसानी से पहुंचेगा पानी

सरकार द्वारा मिली राशि से जल स्रोत का निर्माण, उसका जीर्णोद्धार, संरक्षित जल को बिना अपव्यय के सिंचाई के लिए खेत तक पहुंचाने का विकसित किया जायेगा साधन
बांका : बांका कृषि प्रधान जिला है. यहां की 80 प्रतिशत आबादी खेती पर निर्भर है. हालांकि यहां का चार चार प्रखंड यथा बेलहर, फुल्लीडुमर, कटोरिया व चांदन पूर्णरूपेण पठारी क्षेत्र है, जबकि यहां करीब एक दर्जन पहाड़ी नदियां भी हैं, और करीब दर्जन भर डैम भी हैं. दूसरे जिले के लोगों को यह लगता है कि यहां पर नदियां ज्यादा है तो यहां के किसान को सिंचाई की समस्या से जूझना नहीं पड़ता होगा, लेकिन इसकी जमीनी हकीकत कुछ और है. यहां के किसानों को सालों भर अपने खेतों में पानी पहुंचाने के लिए जूझना होता है. पहाड़ी नदी होने की वजह से यहां की नदियों में सिर्फ बरसात के वक्त ही पानी आता है,
लेकिन अब वह भी नसीब में नहीं है. क्योंकि जिस प्रकार से बालू संवेदक के द्वारा नियम कानून को ताक पर रखकर बालू का उठाव कराया जा रहा है उससे नदियां गहरी व बालू विहीन हो रही है. इसकी वजह से नदियों से पानी का बहाव नहीं हो पाता है. इसके अलावे अगर कहीं कहीं नदियों में अगर पानी रहता भी है तो वह किसानों के खेतों तक नहीं पहुंच पाता है. क्योंकि पहले जो डांड़ और पैन बना था वह नदी के बराबर का था लेकिन अब जब नदी गहरी हो गयी है तो वह उस पैन और डाड़ के सतह तक नहीं पहुंच पाती है. जिसकी वजह से यहां के किसानों को सालों भर अपने खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए दिन रात मेहनत करना पड़ता है.
किसानों पर मेहरबान हुई सरकार : इस जिले के किसानों की समस्या को देखते हुए सरकार ने अपने खजाने को खोल दिया है. बांका जिला सहित पूरे बिहार के 23 जिले के लिए केंद्र सरकार ने 2961.958 लाख रुपये तथा राज्य सरकार ने 1974.578 लाख रुपये किसानों के लिए खर्च करने के लिए दिये हैं. केंद्र प्रायोजित प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना पर ड्रॉप मोर क्रॉप योजना के तहत पूरे बिहार को केंद्र व राज्य सरकार की ओर से 4936.536 लाख रुपये पूरे बिहार के किसानों के लिए दिये हैं. कृषि विभाग के प्रधान सचिव ने पत्र संख्या पीपीएम-69/2016 के तहत 27 जनवरी को महालेखाकार बिहार को पत्र लिख कर राशि निर्गत करने को कहा है.
पैसे कहां कहां पर होंगे खर्च : सरकार के द्वारा मिलने वाली राशि से जल स्त्रोत का निर्माण, उसका जीर्णोद्धार, संरक्षित जल को बिना अपव्यय के सिंचाई हेतु खेत तक पहुंचाने का साधन विकसित किया जायेगा.
इसके तहत वर्षा जल संग्रहण जल निकासी के निर्माण के साथ : 50 स्थानों पर
जल निकासी तालाब : 50 स्थानों पर
पूर्ण जीवित करते हुए मरम्मति : 10 तालाब का
डगवेल : 25
बोरवेल : 20
पाइप के तहत जल परिवहन : 220 स्थानों पर काम होगा.
कहते हैं बीएओ
यह योजना भूमि संरक्षण विभाग को मिली है. इसके तहत किसानों के खेतों तक सिंचाई का पानी पहुंचाया जायेगा.
सुदामा महतो, कृषि पदाधिकारी, बांका.
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