नहीं हुई है अलाव की व्यवस्था
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :12 Dec 2016 7:14 AM (IST)
विज्ञापन

परेशानी . जानलेवा शीतलहर से घरों में दुबकने को मजबूर हुए लाेग परा के अचानक लुढ़कने से लोगों की कंपकंपी छूट रही है. वहीं प्रशासन द्वारा अबतक गरीबों व मजदूरों को ध्यान में रखते हुए अलाव की भी व्यवस्था नहीं की गयी है. बाजारों में भी सन्नाटा है. बांका : पारा लुढ़कता जा रहा है […]
विज्ञापन
परेशानी . जानलेवा शीतलहर से घरों में दुबकने को मजबूर हुए लाेग
परा के अचानक लुढ़कने से लोगों की कंपकंपी छूट रही है. वहीं प्रशासन द्वारा अबतक गरीबों व मजदूरों को ध्यान में रखते हुए अलाव की भी व्यवस्था नहीं की गयी है. बाजारों में भी सन्नाटा है.
बांका : पारा लुढ़कता जा रहा है और जिला प्रशासन ठंड की बढ़ती कनकनी की ओर उदासीन बना हुआ है. रविवार को जिले का पारा अधिकतम 22 डिग्री एवं न्यूंतम 12 डिग्री सेल्सियस रहा. ठंड को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा जिला मुख्यालय सहित सभी प्रखंडों के चौक चौराहों पर अलाव की व्यवस्था की जाती थी. लेकिन न्यूंतम पारा 12 डिग्री से पहुंचने के बाद भी जिला प्रशासन इस दिशा में मौन धारण किये हुए है. हालांकि जिलेवासियों को थोड़ी राहत इससे मिल रही हैकि सुबह के दस बजे तक धूप निकल आता है. लेकिन धूप में भी कनकनी महसूस किया जा रहा है. अलाव की व्यवस्था राज्य आपदा विभाग से प्रतिवर्ष जिले को आवंटन भेज कर करवाया जाता है. जिला आपदा पदाधिकारी बढ़ती ठंड को देखते हुए यह निर्णय लेते है कि कब से अलाव जलाना है.
लेकिन भीषण ठंड के चार दिन बीत जाने के बाद भी जिले में अलाव की व्यवस्था अब तक आरंभ नहीं हुई है. शाम होते ही पारा लुढ़क जाता है. जो रात तक 10 डिग्री से तक पहुंच जाता है. ज्यादातर लोग अपने अपने बाजार के कार्यों को शाम होते होते निवटाकर घरों में दुबक जाते है. वहीं शहर के दुकानदार भी ग्राहकों के कम आवाजाही पर जल्दी ही दुकान बंद कर घर की ओर निकल रहे है.
अलाव की व्यवस्था नहीं रहने से विक्षिप्त व गरीबों की सामत आ गयी है. अलाव के सहारे ही वो अपनी रात गुजारते है लेकिन अलाव की व्यवस्था नहीं रहने से उनके सामने रात गुजारना एक कठिन चुनौती है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




