महत्वपूर्ण है, िफर भी उपेक्षित है मंदारहिल स्टेशन

बौंसी : पर्यटन स्थली मंदार में प्रतिदिन हजारों की संख्या में सैलानी देश के विभिन्न प्रांतों से आते हैं. उन सैलानियों की सुविधा के लिए ब्रिटिश जमाने में ही मंदारहिल रेल लाईन का निर्माण कराया गया था ताकि मंदारहिल में सैलानी आ सकें. इतने सालों तक मंदारहिल रेल लाइन ही एकमात्र रेल सेवा थी जो […]
बौंसी : पर्यटन स्थली मंदार में प्रतिदिन हजारों की संख्या में सैलानी देश के विभिन्न प्रांतों से आते हैं. उन सैलानियों की सुविधा के लिए ब्रिटिश जमाने में ही मंदारहिल रेल लाईन का निर्माण कराया गया था ताकि मंदारहिल में सैलानी आ सकें. इतने सालों तक मंदारहिल रेल लाइन ही एकमात्र रेल सेवा थी जो लोगों को मंदार पर्वत को रेल सेवा से जोड़ती थी. सैलानी एकमात्र मंदारहिल ट्रेन के जरिये ही आते थे. लेकिन इतने महत्वपूर्ण स्थली होने के बावजूद इस स्टेशन को उपेक्षित कर दिया गया है.
लोगों को यह यकीन ही नहीं हो रहा है कि आखिर मंदारहिल स्टेशन की उपेक्षा क्यों की गयी. मंदारहिल स्टेशन इस रेल खंड का सबसे पुराना स्टेशन के तौर पर जाना जाता है. जब स्व.. दिग्विजय सिंह रेल राज्य मंत्री बने तो मंदारहिल स्टेशन के अच्छे दिन आ गये थे और उन्होंने यहां पर भारत का तीसरा रेल यात्री निवास बनवाया. साथ ही रेलवे आफिसर्स आईबी बनवाया जो काफी भव्य है. रेल के बड़े अधिकारी जब यहां आते हैं तो उसी में ठहरते हैं.
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