डीजल राशि गबन का मामला गुम
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :05 Sep 2016 5:21 AM (IST)
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लापरवाही. ढाई साल बाद भी किसानों की सूची व वाउचर जमा नहीं राज्य सरकार द्वारा सूखे से निबटने के लिए किसानों को दिये जाने वाले डीजल अनुदान की लगभग नौ लाख की राशि वितरण करने की बजाय गबन कर लिया गया है. मामला मार्च 2014 का ही है. रजिस्टर पर फर्जी ढंग से डीजल अनुदान […]
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लापरवाही. ढाई साल बाद भी किसानों की सूची व वाउचर जमा नहीं
राज्य सरकार द्वारा सूखे से निबटने के लिए किसानों को दिये जाने वाले डीजल अनुदान की लगभग नौ लाख की राशि वितरण करने की बजाय गबन कर लिया गया है. मामला मार्च 2014 का ही है. रजिस्टर पर फर्जी ढंग से डीजल अनुदान की राशि का वितरण तो दिखा दिया गया है.
कटोरिया : ढाई सालों बाद भी किसानों की सूची एवं भाउचर जमा नहीं किये गये. इस संबंध में जनप्रतिनिधियों व किसानों ने डीएम के जनता दरबार में कार्रवाई हेतु आवेदन दिया. मामले की जांच भी हुई. जांच में व्यापक अनियमितता भी उजागर हुई. बावजूद इसके अब तक गबन के इस मामले में संलिप्त अधिकारी व कर्मी पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गयी है. प्रखंड के मनिया पंचायत के रणघट्टा गांव निवासी उमेश प्रसाद सिंह ने भी डीएम के जनता दरबार में आवेदन देकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.
वरीय उपसमाहर्ता भी कर चुके हैं जांच: पूर्व प्रमुख अनिल मरांडी द्वारा दायर परिवाद पत्र के आलोक में वरीय उपसमाहर्ता विभूति रंजन चौधरी ने बीडीओ की उपस्थिति में 3 फरवरी 2016 को मामले की जांच की. उन्होंने डीएम को सौंपे जांच रिपोर्ट में लिखा है कि डीजल अनुदान वितरण में भारी अनियमितता हुई है. तत्कालीन प्रखंड नाजिर बृजमोहन राम द्वारा जानबूझ कर 9 लाख 15 हजार पांच सौ रूपये का अभिश्रव (भाउचर) को गायब कर दिया गया है. अभिलेख की कार्यालय प्रति उपलब्ध नहीं कराने के कारण प्रखंड कृषि पदाधिकारी प्रहलाद मिश्र की संलिप्तता से इनकार नहीं किया जा सकता. वरीय उपसमाहर्ता ने 4 फरवरी 2016 को ही प्रखंड नाजिर व बीएओ के खिलाफ कड़ी अनुशासनिक कार्रवाई करते हुए अन्य विधि सम्मत कार्रवाई व संदर्भित राशि की वसूली हेतु कार्रवाई करने की अनुशंसा भी की है.
क्या कहते हैं बीडीओ
इस संबंध में बीडीओ प्रेमप्रकाश ने कहा कि डीजल अनुदान राशि वितरण में अनियमितता की शिकायत पर नाजिर व प्रखंड कृषि पदाधिकारी को अपना पक्ष रखने हेतु नोटिस भेजी गयी है. उसके बाद आगे की कार्रवाई की जायेगी.
बीएओ व नाजिर की है मिलीभगत
बीएओ व नाजिर की है मिलीभगत
कृषि विभाग के रोकड़ पंजी में जिला से डीजल अनुदान मद में गत 21 मार्च को 2014 को 9 लाख 15 हजार पांच सौ रूपये का आवंटन प्राप्त हुआ. लेकिन प्रखंड कृषि पदाधिकारी ने उसी दिन 2001 किसानों के बीच सारी राशि का वितरण दिखला दिया. जबकि बीएओ ने उक्त राशि को बैंक से 21, 22 व 23 मार्च को निर्गत किया है. लेकिन बीडीओ द्वारा लिखित निर्देश दिये जाने के बावजूद डीजल अनुदान की राशि से संबंधित प्रखंड नाजिर द्वारा कोई भी अभिलेख या भाउचर अब तक जमा नहीं किया.
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