जिला में पशु तस्कर सक्रिय, पशुपालकों की नींद हराम

Published at :02 Sep 2016 5:57 AM (IST)
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जिला में पशु तस्कर सक्रिय, पशुपालकों की नींद हराम

जिले भर में फैला है पशु तस्करों का नेटवर्क मवेशी की चोरी कर दूसरे राज्य में बेचते हैa तस्कर पशुपालकों में दशहत का माहौल बांका : ले में पशु तस्करी की टीम हाल के दिनों में सक्रिय हुई है. इन पशु तस्करों का नेटवर्क ग्रामीण क्षेत्रों तक फैला हुआ है. पहले ये तस्कर मवेशियों की […]

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जिले भर में फैला है पशु तस्करों का नेटवर्क

मवेशी की चोरी कर दूसरे राज्य में बेचते हैa तस्कर
पशुपालकों में दशहत का माहौल
बांका : ले में पशु तस्करी की टीम हाल के दिनों में सक्रिय हुई है. इन पशु तस्करों का नेटवर्क ग्रामीण क्षेत्रों तक फैला हुआ है. पहले ये तस्कर मवेशियों की रैकी करते हैं. बाद में मौका पाकर रात व बहियार में चर रहे मवेशी की चोरी कर दूसरे राज्य को भेजते हैं. पशु तस्करों का अंतर्राज्यीय कनेक्शन है. चोरी किये गये पशु को वो आराम से देर रात में वाहनों पर लाद कर दूसरे राज्य के व्यपारियों को भेजते हैं. दुधारू पशु पर इन तस्करों की पहली नजर रहती है.
दुधारू पशु नहीं मिलने पर ही अन्य पशुओं पर अपना निशाना साधते हैं. हाल में ही सदर थाना क्षेत्र के करनाबै गांव निवासी कृष्णानंद सिंह के घर के सामने में बांधी हुई गाय को तस्करों ने चुरा लिया, लेकिन कुछ दूर जाने के बाद गाय किसी तरह चोरों के चंगुल से निकल कर भाग आया. लेकिन गाय के साथ जा रहे बछड़े को चुराने में सफल रहा. सुबह जब पशुपालक की नींद खुली तो देखा गाय खुला हुआ है लेकिन बछड़ा गायब है. पशु पालक ने बछड़े की काफी खोजबीन की लेकिन वह नहीं मिला. दूसरी घटना बगल के मुढहारा गांव निवासी कांता प्रसाद सिंह के घर घटित हुई जहां से तस्करों ने एक दुधारू गाय की चोरी कर ली. तीसरी घटना में एक सप्ताह बाद फिर उसी गांव से तस्कर द्वारा देर रात में दो दुधारू भैंस की चोरी कर अपने साथ ले जा रहे थे. लेकिन ग्रामीणों को इसकी भनक लग गयी. हो-हल्ला होने तब चोर तस्कर मवेशी छोड़ कर भाग निकले. फुल्लीडुमर थाना क्षेत्र में भी राता गांव के अनिल सिंह व बगल के बलराम यादव के घर से कीमती दुधारू पशुओं की दो दिन पूर्व चोरी हुई है. ग्रामीणों की मानें तो तस्कर का एक टीम दिन में ही मवेशी की रेकी करते हैं और मौका पाते ही मवेशी लेकर चंपत हो जाते हैं. माजरा यह है कि अब ग्रामीणों को अपनी-अपनी मवेशी की रखवाली के लिए रतजगा करना पड़ रहा है. कुछ पशुपालक अपने मवेशी को अपने घर में रखने को विवश हैं या फिर कर्ज लेकर गोशाला बनाने लगे हैं. यह घटना बांका प्रखंड के अलावे अमरपुर, चांदन, कटोरिया, बौंसी आदि प्रखंडों में इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है. इन प्रखंडों में आधा दर्जन से अधिक दुधारू मवेशियों की चोरी हो चुकी है. कुछ एक मामले में पशुपालकों द्वारा थाना में प्राथमिकी दर्ज की गयी है. ज्यादातर मामले में पशुपालक पुलिस में जाने से परहेज कर रहे हैं. पशु तस्करी को लेकर पशुपालकों में हड़कंप मचा हुआ है.
मवेशियों से भरा वाहन .
क्या कहते हैं अधिकारी
इस तरह की घटना को रोकने के लिए तस्कारों के विरूद्ध अभियान चला कर कार्यवाही की जायेगी. इसके लिए सभी थानाध्यक्ष को मवेशी चोर की पहचान कर इनके गिरोह को पकड़ने का आदेश दिया गया है. साथ ही रात्री गश्ती में वाहनों की तलाशी करने के लिए विशेष दिशा-निर्देश दिया गया है.
राजीव रंजन , एसपी , बांका
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