मशीन तो है पर नहीं मिले ऑपरेटर
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :20 Aug 2016 8:34 AM (IST)
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उदासीनता. मरीजों को अत्याधुनिक सुविधाओं का नहीं मिल रहा लाभ अस्पताल निर्माण के वक्त ही आइसीयू कक्ष का निर्माण किया गया था. जिसमें अत्याधुनिक मशीन लगाने के साथ साथ चिकित्सक व स्वास्थ्यकर्मी की तैनाती की जानी थी, लेकिन सदर अस्पताल आरंभ होने के बाद से आइसीयू के लिए न ही चिकित्सकों की बहाली की गयी […]
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उदासीनता. मरीजों को अत्याधुनिक सुविधाओं का नहीं मिल रहा लाभ
अस्पताल निर्माण के वक्त ही आइसीयू कक्ष का निर्माण किया गया था. जिसमें अत्याधुनिक मशीन लगाने के साथ साथ चिकित्सक व स्वास्थ्यकर्मी की तैनाती की जानी थी, लेकिन सदर अस्पताल आरंभ होने के बाद से आइसीयू के लिए न ही चिकित्सकों की बहाली की गयी और न ही मशीन के लिए फंड ही आया.
बांका : बेहतर स्वास्थ्य सेवा मुहैया कराने के लिए बांका के विधायक राम नारायण मंडल ने वर्ष 2010 में अनुमंडल अस्पताल को जिला अस्पताल में परिणत किया था. सौ सैया के वाले अस्पताल में सरकार का दावा था कि मरीजों व बांका वासियों को सभी अत्याधुनिक सुविधा बांका अस्पताल में मिलेगी.
किसी भी तरह की बीमारी के लिए यहां के मरीजों को बाहर रेफर नहीं किया जायेगा. लेकिन जिला अस्पताल में मरीजों के इलाज के लिए बहुत सारे मशीन लगाये गये है लेकिन उसको ऑपरेट करने के लिए तकनीकी कर्मी है और न ही चिकित्सक हैं. अस्पताल में सबसे अहम भाग आइसीयू का होता है जो अब तक इस अस्पताल में चालू नहीं किया गया है.
कहां अटका है पेच
बांकां शहर में जिला अस्पताल निर्माण के वक्त ही आइसीयू कक्ष का निर्माण किया गया था. जिसमें अत्याधुनिक मशीन लगाने के साथ साथ चिकित्सक व स्वास्थ्यकर्मी की तैनाती की जानी थी.
लेकिन सदर अस्पताल आरंभ होने के बाद से आइसीयू के लिए न ही चिकित्सकों की बहाली की गयी और न ही मशीन के लिए फंड ही आया. अस्पताल सूत्रों की माने तो विगत वर्ष राज्य से आइसीयू के लिए जगह की मांग की गयी थी. जिसके बाद सीएस के द्वारा तीसरे महल पर छह सैया वाला एक कमरा दिया गया. लेकिन उसके बाद से कोई कार्रवाई नहीं हुई है.
स्वास्थ्य विभाग की माने तो एक आइसीयू के लिए कम से कम चार चिकित्सक की जरूरत होती है जो स्पेशल आइसीयू के लिए ही हो. एक चिकित्सक की ड्यूटी आठ घंटे के लिए होता है. साथ ही आठ नर्स, दो एनाथेटिक्स की जरूरत होती है. लेकिन इस वक्त सदर अस्पताल में जेनरल फिजिशियन की ही कमी है तो आइसीयू कैसे खुलेगा.
क्या कहते हैं सीएस
अभी और चिकित्सकों की आवश्यकता है. सरकार के द्वारा पिछले साल आइसीयू के लिए जगह की मांग की गयी थी. जिस पर सदर अस्पताल में तीसरे महल पर एक छह सैया का कमरा दिया गया है. सरकार के आदेश के बाद आगे की कार्रवाई की जायेगी.
सुनील कुमार , सीएस
क्या कहते हैं विधायक
बांका वासियों को अच्छी स्वास्थ्य सुविधा मिले इसके लिए सदैव हम प्रयासरत हैं. हमारे प्रयास से ही जिले के लोगों को सदर अस्पताल मिला. लेकिन इस वक्त राज्य सरकार को आम जनजीवन से कोई लेना देना नहीं है. इस ओर बार बार ध्यान आकृष्ट कराने के बाद भी सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रही है.
राम नारायण मंडल, विधायक, बांका
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