घटना को याद कर आज भी सिहर उठते हैं लोग

घटना को याद कर आज भी सिहर उठते हैं लोग दारोगा भगवान सिंह और दो आरक्षी हमले में हुए थे शहीदफोटो 2 बीएएन 64 आनंदपुर ओपी का भवनप्रतिनिधि, कटोरिया नक्सल प्रभावित आनंदपुर ओपी के गौरा गांव स्थित काली पूजा मेला के दौरान पुलिस गश्ती दल पर हुए नक्सली हमले की घटना के दस साल पूरे […]
घटना को याद कर आज भी सिहर उठते हैं लोग दारोगा भगवान सिंह और दो आरक्षी हमले में हुए थे शहीदफोटो 2 बीएएन 64 आनंदपुर ओपी का भवनप्रतिनिधि, कटोरिया नक्सल प्रभावित आनंदपुर ओपी के गौरा गांव स्थित काली पूजा मेला के दौरान पुलिस गश्ती दल पर हुए नक्सली हमले की घटना के दस साल पूरे हो गये हैं. गत 3 नवंबर 2005 ई को काली पूजा मेला में गश्ती दल पर अचानक नक्सलियों ने गोली व बमों से हमला कर ड्यूटी पर तैनात दारोगा भगवान सिंह व दो आरक्षियों की हत्या कर उनके सभी हथियार भी लूट लिये थे़ हालांकि इस घटना के बाद से आज तक गौरा काली पूजा मेला की पुरानी रौनक नहीं लौट सकी है़ ज्ञात हो कि जमुई जिला के बॉर्डर से सटे आनंदपुर ओपी का काफी बड़ा क्षेत्र जंगली व पहाड़ी इलाकों से घिरा हुआ है़ बांका व जमुई जिला के बॉर्डर एरिया का जंगली क्षेत्र नक्सलियों के छिपने व ठिकाने बनाने के लिए काफी सेफ जोन माना जाता है़ वर्ष 2005 ई के काली पूजा मेला में भी पुलिस गश्ती दल पर हमला करने हेतु पहले से महिला-पुरुष नक्सली छिपे थे़ शाम ढलने से पहले अचानक नजदीक से हमला कर नक्सलियों ने पहले दारोगा व आरक्षियों से हथियार छीनने के दौरान हाथापाई की़ इसके बाद बम व गोलियां बरसानी शुरू कर दी़ दारोगा भगवान सिंह समेत तीन पुलिस कर्मियों के शहीद हो जाने से क्षेत्र में सनसनी फैल गयी थी़
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