नीतीश का लालू परिवार पर प्रहार, कहा- पति-पत्नी की 15 वर्षों की सरकार में बिहार को पीछे धकेल दिया

By Prabhat Khabar Digital Desk
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किशनगंज/पूर्णिया/बांका/भागलपुर : किशनगंज, पूर्णिया, बांका व भागलपुर जिले के शाहकुंड (बांका लोस क्षेत्र) में सोमवार को चुनाव सभा संबोधित करते हुए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि आजतक हमने किसी काम में समाज के किसी तबके की उपेक्षा नहीं की है. जो भी योजना हम चलाते हैं, उससे समाज के हर तबके के लोगों को फायदा होता है. हम जाति, धर्म, संप्रदाय व मजहब के नाम पर राजनीति नहीं करते. सेवा ही मेरा धर्म है.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा, कुछ लोगों का काम सेवा नहीं, सत्ता हासिल कर धन कमाना है. 13 वर्षों से लगातार सेवा करते आ रहा हूं. मूल उद्देश्य न्याय के साथ विकास करना है. उन्होंने कहा कि आज केंद्र में मोदी जी की सरकार है. लोग कहते हैं कि उनके साथ हैं, हां उनके साथ हैं. बिहार के विकास के लिए साथ हैं, कल्याण के लिए साथ हैं. उन्होंने कहा कि मदरसा के शिक्षक सरकार से मांग करने गये पति-पत्नी वाले सरकार में मदरसा शिक्षकों की जमकर पिटाई की. जब मुझे काम करने का मौका मिला तो तत्काल मदरसा के शिक्षकों को सरकार से सहायता बढ़ा दी. पति- पत्नी के राज में दलित, आदिवासी समाज को भी आरक्षण नहीं था, मैंने महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत का आरक्षण दिया.

सीएम नीतीश ने कहा कि पहले दलित, महादलित, अल्पसंख्यक समुदायों के साढ़े 12 प्रतिशत बच्चे स्कूलों से बाहर रहते थे. वैसे बच्चों को टोला सेवक, तालिमी मरकज के माध्यम से स्कूल से जोड़ा गया. अनुसूचित जाति व जनजाति को 16 प्रतिशत, अति पिछड़ा को 20 तथा महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया. महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण देने वाला पहला राज्य बिहार बना. गरीब मेधावी बच्चों के लिए स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड, प्रत्येक जिला में इंजीनियरिंग, पॉलिटेक्निक, महिला आईटीआई, जीएनएम संस्थान खोले गये. सात निश्चय योजना लाकर गांव-गांव का विकास किया जा रहा है. समय बदल गया है घर-घर बिजली आ गयी तो अब लालटेन युग समाप्त हो चुका है. मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना से लोगों को लाभ मिल रहा है.

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