ईरान का ट्रंप को खुला चैलेंज, कहा- 5 साल तक जंग लड़ेंगे; झुकेंगे नहीं, खून बहाने को तैयार
डॉ अब्दुल मजीद हकीम इलाही, फोटो एएनआई
Iran Israel War: ईरान-इजराइल और अमेरिका के बीच 14वें दिन भी जंग जारी है. इस बीच ईरान ने डोनाल्ड ट्रंप से बात करने से साफ इनकार कर दिया है. कहा- दुश्मनों के आगे नहीं झूकेंगे, खून बहाने के लिए तैयार हैं.
Iran Israel War: भारत में ईरान के प्रतिनिधि डॉ अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने डोनाल्ड ट्रंप के बयान पर करारा जवाब दिया है. उन्होंने कहा- ईरान अमेरिका से बातचीत नहीं करना चाहता, क्योंकि इस जंग की शुरुआत उन्होंने ही की थी. हमें उनके साथ अब तक दो बार ऐसा अनुभव हो चुका है. हम उनसे बातचीत कर रहे थे, और उन्होंने हम पर हमला कर दिया. हमें अपनी रक्षा करनी होगी. हम अपनी गरिमा, अपनी स्वतंत्रता और अपने देश के लिए अपना खून बहाने को तैयार हैं. हम अपने दुश्मनों के सामने झुकने को तैयार नहीं हैं. हम इस युद्ध के अंत तक डटे रहेंगे. ट्रंप ने कहा था ईरान बातचीत करना चाहता है. लेकिन बातचीत की इच्छा के बावजूद अमेरिका ईरान पर हमला जारी रखेगा.
इस युद्ध की कोई समय-सीमा नहीं : ईरान
न्यूज एजेंसी एएनआई के साथ बातचीत में इजराइल-अमेरिका के साथ जारी जंग पर डॉ अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने कहा- मुझे इस युद्ध की कोई समय-सीमा नहीं पता, लेकिन मुझे यह पता है कि ईरान इस युद्ध को अंत तक, यहां तक कि 5 साल तक भी जारी रखने के लिए तैयार है. अगर दुनिया के नेता इस युद्ध को रोकना चाहते हैं, तो उन्हें अपनी आवाजें एक साथ उठानी होंगी और इसे रोकने की कोशिश करनी होगी.
हम युद्ध नहीं चाहते थे, उन्होंने हमपर हमला किया: ईरान
इजराइल-अमेरिका के साथ जारी जंग को लेकर डॉ अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने कहा- हम युद्ध नहीं चाहते थे. जब हम बातचीत की मेज पर थे, तभी उन्होंने हम पर हमला कर दिया. इस युद्ध की शुरुआत कर दी. ये वैश्विक समस्याएं और यह संघर्ष ईरान की वजह से नहीं हैं, बल्कि दूसरी तरफ वालों ने इन्हें पैदा किया है.
युद्ध रुकवाने के लिए अमेरिका पर दबा डालें दुनिया भर के नेता : ईरान
भारत में ईरान के प्रतिनिधि ने कहा- हम दूसरे लोगों की तकलीफों, गैस, पेट्रोल या तेल की कमी से खुश नहीं हैं, लेकिन हमें अपनी रक्षा तो करनी ही होगी. दुनिया के नेताओं का यह फर्ज और जिम्मेदारी है कि वे अमेरिका पर दबाव डालें. उनसे कहें कि, कृपया, हम तकलीफ उठा रहे हैं, इसलिए इस युद्ध को रोकें.
क्या ईरान होर्मुज स्ट्रेट में भारत को देगा रियायत?
होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में भारत को कोई रियायत देने के सवाल पर डॉ अब्दुल मजीद ने कहा, मैं यह कह सकता हूं कि ज्यादातर भारतीयों का दिल ईरान के साथ है. मैं तो यह भी कह सकता हूं कि वे युद्ध के खिलाफ हैं. मैंने अपने देश को बताया कि भारत के लोग गैस और पेट्रोल की कमी से जूझ रहे हैं. होर्मुज स्ट्रेट से भारतीय जहाजों को बे रोक-टोक गुजरने की सुविधा दी जाएगी.
पड़ोसी देशों का इस्तेमाल कर ईरान पर हमला कर रहा अमेरिका: डॉ अब्दुल मजीद
मिडिल ईस्ट पर हमले पर डॉ अब्दुल मजीद ने कहा- अमेरिका ईरान से 6,000 मील से भी ज्यादा दूर है. वे ठिकाने कहां हैं जिनका इस्तेमाल अमेरिका ईरान पर हमला करने के लिए कर रहा है? अमेरिका हमले के लिए ईरान के पड़ोसी देशों का सहारा ले रहा है. कल मैंने कुछ अमेरिकी सीनेटरों से सुना कि अमेरिका ने ईरान के आस-पास 45 ठिकाने बना रखे हैं. हमने युद्ध से पहले अपने पड़ोसियों से कहा था कि वे अमेरिका को ऐसे ठिकाने न दें जिनका इस्तेमाल ईरान के खिलाफ किया जा सके. लेकिन पड़ोसियों ने ऐसा नहीं किया.
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By अरबिंद कुमार मिश्रा
अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.
झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.
करियर का सफरनामा
अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.
प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग
खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:
34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.
पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.
पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.
शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)
UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.
बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.
एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.
लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.
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