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आज भी प्रासंगिक है विनोबा भावे के विचार, अपनाने की जरूरत

Updated at : 11 Sep 2025 7:40 PM (IST)
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आज भी प्रासंगिक है विनोबा भावे के विचार, अपनाने की जरूरत

दाउदनगर महाविद्यालय में विनोबा भावे की जयंती पर दर्शनशास्त्र विभाग द्वारा सेमिनार का आयोजन किया गया

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दाउदनगर. दाउदनगर महाविद्यालय में विनोबा भावे की जयंती पर दर्शनशास्त्र विभाग द्वारा सेमिनार का आयोजन किया गया. विनोबा भावे के सामाजिक व राजनीतिक विचारों की प्रासंगिकता विषय पर वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किया. कार्यक्रम के समन्वयक एवं मुख्य वक्ता डॉ बरुण कुमार चौबे ने कहा कि विनोबा भावे के सामाजिक व राजनीतिक विचार आज भी प्रासंगिक हैं एवं कालातीत हैं. वे महात्मा गांधी से प्रभावित थे. भूदान आंदोलन, सर्व धर्म समभाव व नैतिक राजनीति की बात जो उन्होंने की है वह आज भी प्रासंगिक है. आज जो राजनीति में भष्टाचार, छल, कपट मौजूद है, वहां विनोबा भावे के विचार को अपनाने की जरूरत है. भूदान आंदोलन समाज के ऊंच-नीच की भावना को दूर करने का प्रयास है. डॉ रोजी कांत ने कहा कि उनका विचार अध्यात्म से ओतप्रोत था. उन्होंने बुद्ध के करुणा एवं गांधी के नैतिक विचारों को लेकर समाज सुधार का कार्य किया. आइक्यूएसी के प्रभारी डॉ ज्योतिष कुमार ने कहा कि विनोबा भावे के गुरु महात्मा गांधी थे और वे उन्हीं से प्रेरणा लेकर सामाजिक सुधार का कार्य किये. उन्होंने नारी को सशक्त बनाने एवं शिक्षा का उद्देश्य समाज का कल्याण एवं सेवा भाव हो जैसी बात कही है.कार्यक्रम में महाविद्यालय के सभी शिक्षक, शिक्षकेतर कर्मी एवं छात्र छात्राएं शामिल थे. यह जानकारी पीआरओ डॉ देव प्रकाश ने दी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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SUJIT KUMAR

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