प्रधानाध्यापक ने लगाया शिक्षक पर मारपीट का आरोप, शिक्षक ने बताया बेबुनियाद

Published by :SUJIT KUMAR
Published at :16 Apr 2025 4:02 PM (IST)
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प्रधानाध्यापक ने लगाया शिक्षक पर मारपीट का आरोप, शिक्षक ने बताया बेबुनियाद

प्रखंड कल्याण पदाधिकारी सह प्रभारी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी विकास कुमार विद्यालय परिसर में पहुंचकर जांच-पड़ताल किये

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दाउदनगर. अनुमंडल मुख्यालय के बालिका इंटर विद्यालय के एक शिक्षक पर प्रभारी प्रधानाध्यापक के साथ मारपीट करने का आरोप लगा है. प्रभारी प्रधानाध्यापक ने इसकी मौखिक सूचना जिला शिक्षा पदाधिकारी से की. जिसके बाद प्रखंड कल्याण पदाधिकारी सह प्रभारी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी विकास कुमार विद्यालय परिसर में पहुंचकर जांच-पड़ताल किये. हालांकि, स्थानीय स्तर पर पदाधिकारी इस संबंध में कुछ कहने से परहेज करते रहे. जानकारी के अनुसार, प्रभारी प्रधानाध्यापक रविंद्र नाथ ने विद्यालय के शिक्षक डॉ राजकुमार सिंह पर मारपीट करने का आरोप लगाया है. राजकुमार सिंह बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ के अनुमंडल सचिव भी हैं. घटना बुधवार की सुबह करीब 6:30 बजे की बतायी जा रही है. प्रभारी प्रधानाध्यापक का कहना है कि वे विद्यालय परिसर में पहुंचे और ऑनलाइन हाजिरी बनाने का प्रयास कर रहे थे. इसी दौरान शिक्षक सदन से निकलकर डॉ राजकुमार सिंह आये. प्रभारी प्रधानाध्यापक का आरोप है कि डॉ सिंह ने आते ही थप्पड़ चला दिये, जिससे उनका चश्मा के साथ उसका शीशा गिर गया, फिर मारपीट भी की. उनके द्वारा मनमानी करने का आरोप लगाया गया. प्रभारी प्रधानाध्यापक का कहना है कि इस घटना के समय कुछ शिक्षक व नौवीं कक्षा की नयी नामांकित छात्राएं भी मौजूद थी. प्रभारी प्रधानाध्यापक का कहना है कि वे इस संबंध में जिला शिक्षा पदाधिकारी को आवेदन भी देंगे.

हाजिरी बनाने का है मामला

बताया जाता है कि इस पूरे विवाद का जड़ 14 अप्रैल की तिथि को हाजिरी बनाने का मामला है. 14 अप्रैल को चार शिक्षक अनुपस्थित थे, जिनकी उपस्थित पुस्तिका में हस्ताक्षर में कॉलम खाली छूटा था. प्रभारी प्रधानाध्यापक ने बताया कि तीन शिक्षकों ने अपने मन से हाजिरी बना लिया था. एक शिक्षक द्वारा नहीं बनाया गया था. उपस्थिति नहीं बनाने वाले शिक्षक द्वारा पूछे जाने पर प्रभारी प्रधानाध्यापक ने कहा कि जो मन में आये करे और उस शिक्षक ने भी हाजिरी बना लिया, जिसका फोटो डॉ राजकुमार सिंह ने प्रभारी बीइओ को दिखाया. सूत्रों से पता चला कि विवाद की जड़ में यही मामला है. प्रभारी प्रधानाध्यापक का कहना है कि 13 अप्रैल तक यह सूचना नहीं थी कि 14 अप्रैल को अवकाश रहेगा या नहीं, लेकिन उन्होंने पहले के निर्धारित छुट्टी की तिथि को देखते हुए अवकाश घोषित कर दिया था. 13 अप्रैल की शाम में सूचना आने के बाद उन्होंने वाट्सअप ग्रुप में 14 अप्रैल को विद्यालय खुला होने की बात लिखी और बाबा साहब डॉ भीमराव आंबेडकर की जयंती विद्यालय परिसर में मनायी गयी. उस दिन चार शिक्षक अनुपस्थित थे.

शिक्षक ने मारपीट के आरोप को बताया गलत

इधर, शिक्षक डॉ राजकुमार सिंह ने कहा कि उन्होंने प्रभारी प्रधानाध्यापक के साथ मारपीट नहीं की है. वे संघ के अनुमंडल सचिव हैं. अनुपस्थिति के बावजूद प्रभारी प्रधानाध्यापक द्वारा अनुपस्थित शिक्षकों से हाजिरी बनवा लिया गया, जिसका फोटोग्राफ भी उन्होंने बीइओ को दिखाया है. कुछ शिक्षकों की शिकायत पर उन्होंने इसके बारे में प्रभारी प्रधानाध्यापक से पूछा है और कहा कि जब एक आदमी नहीं आ रहा है, तो उसकी हाजिरी बनवा दी जा रही है और अगर कोई 10 मिनट भी लेट आ रहा है, तो उस पर कलम चला दिया जा रहा है. ऐसा भेदभाव क्यों. इनका कहना है कि प्रभारी प्रधानाध्यापक द्वारा उन पर लगाया गया आरोप गलत व बेबुनियाद है.

प्रभारी बीइओ ने की जांच

जिला शिक्षा पदाधिकारी के निर्देश पर प्रभारी बीइओ विकास कुमार ने विद्यालय परिसर में पहुंचकर घटनाक्रम की जांच की. प्रभारी बीइओ ने सिर्फ इतना बताया कि विवाद की सूचना पर पहुंचे थे. समाधान करा दिया गया. वहीं, दूसरी ओर, सूत्रों से पता चला कि इस पूरे विवाद को समझौता की ओर ले जाया गया और विवाद का पटाक्षेप कराया गया. प्रभारी प्रधानाध्यापक को बेहतर तरीके से विद्यालय का प्रबंधन करने के लिए कहा गया है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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