औरंगाबाद के सरकारी स्कूलों में अंधेरा: स्मार्ट मीटर बना जी का जंजाल, तपती गर्मी में बिना बिजली के पढ़ रहे बच्चे

Author Om prakash
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औरंगाबाद के सरकारी स्कूलों में अंधेरा: स्मार्ट मीटर बना जी का जंजाल, तपती गर्मी में बिना बिजली के पढ़ रहे बच्चे

Smart Meter School Bihar: औरंगाबाद के दाउदनगर प्रखंड के कई सरकारी स्कूलों में स्मार्ट मीटर के कारण बिजली आपूर्ति ठप है. भीषण गर्मी में बच्चे बिना पंखे और रोशनी के पढ़ाई करने को मजबूर हैं.

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Smart Meter School Bihar: औरंगाबाद जिले में ग्रीष्मावकाश के बाद मंगलवार से सरकारी विद्यालयों में पढ़ाई शुरू हुआ, लेकिन दाउदनगर प्रखंड के कई विद्यालयों में बच्चों का स्वागत भीषण गर्मी और उमस ने किया. स्मार्ट मीटर से जुड़े दर्जनों विद्यालयों की बिजली आपूर्ति बंद रहने के कारण पंखे और ट्यूब लाइट सिर्फ शोभा की वस्तु बनकर रह गए हैं. इससे हजारों छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.

मध्य विद्यालय बेलवां में बिजली नहीं, पंखे बने शोपीस

मध्य विद्यालय बेलवां की स्थिति सबसे अधिक चिंताजनक है. विद्यालय में 14 कक्षाएं और एक कार्यालय है, जहां प्रतिदिन 200 से अधिक छात्र-छात्राएं पढ़ने आते हैं. प्रत्येक कक्षा में चार-चार पंखे और दो-दो ट्यूब लाइट लगी हैं, लेकिन बिजली नहीं रहने के कारण इनका कोई उपयोग नहीं हो पा रहा है. मंगलवार को स्कूल खुलने के बाद बच्चे भीषण गर्मी में कक्षाओं में बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर दिखे.

कई अन्य स्कूल भी बिजली संकट से जूझ रहे

बिजली संकट केवल बेलवां तक सीमित नहीं है. प्राथमिक विद्यालय अकबरपुर, संसा, उचकुंधी, नान्हु बिगहा, सिंदुआर, अमौना, कन्या प्राथमिक विद्यालय मखमलपुर, मध्य विद्यालय नोनार और मध्य विद्यालय शमशेर नगर सहित कई सरकारी विद्यालयों में भी बिजली आपूर्ति बाधित है.

विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों का कहना है कि बिजली नहीं रहने से पढ़ाई का माहौल प्रभावित हो रहा है. साथ ही शिक्षकों को एफआरएस (Face Recognition System) के माध्यम से उपस्थिति दर्ज करने में भी परेशानी हो रही है.

शिक्षा विभाग से भुगतान में देरी बनी वजह

जानकारी के अनुसार इन विद्यालयों में स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं और इनके बिजली बिल का भुगतान शिक्षा विभाग द्वारा विभागीय प्रक्रिया के तहत किया जाता है. समय पर भुगतान नहीं होने के कारण बिजली आपूर्ति बाधित हो गई है. हालांकि विद्यालयों तक बिजली लाइन उपलब्ध है, लेकिन स्मार्ट मीटर के बाद आपूर्ति बंद है.

24 स्कूलों में बिजली बहाल करने के लिए भेजा गया था पत्र

प्रखंड कल्याण पदाधिकारी सह प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी विकास कुमार ने 22 जून को सहायक विद्युत अभियंता को पत्र भेजकर 24 स्मार्ट मीटर संचालित विद्यालयों में तत्काल बिजली बहाल कराने का अनुरोध किया था. इसके बावजूद विद्यालय खुलने तक स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ.

सहायक विद्युत अभियंता संतोष कुमार ने पहले बिजली बहाल करने का दावा किया था, लेकिन मंगलवार को स्कूल खुलने पर अधिकांश विद्यालयों में बिजली आपूर्ति बंद मिली.

जिला शिक्षा पदाधिकारी को भेजी जाएगी रिपोर्ट

प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी विकास कुमार ने बताया कि संबंधित विद्यालयों से बिजली आपूर्ति की अद्यतन रिपोर्ट मंगाई जा रही है. पूर्व में सहायक विद्युत अभियंता को पत्र भेजा जा चुका है. अब पूरे मामले से जिला शिक्षा पदाधिकारी को अवगत कराया जाएगा, ताकि जल्द से जल्द बिजली आपूर्ति बहाल कराई जा सके.

भीषण गर्मी में प्रभावित हो रही पढ़ाई

बिजली नहीं रहने के कारण बच्चे उमस भरी गर्मी में बिना पंखे के पढ़ाई करने को मजबूर हैं. इससे पढ़ाई प्रभावित हो रही है और अभिभावकों में भी चिंता बढ़ गई है. स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द बिजली बहाल कराने की मांग की है.

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