औरंगाबाद के सरकारी स्कूलों में शुरू होगी व्यावसायिक शिक्षा, अब पढ़ाई के साथ मिलेगा हुनर

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अब स्कूलों में पढ़ाई के साथ हुनर भी:जिले के दर्जनों विद्यालयों में शुरू होगी व्यावसायिक शिक्षा

विद्यालय में पढ़ाई कर रहे बच्चों का फाइल फोटो

Aurangabad News: नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत औरंगाबाद जिले के सरकारी स्कूलों में अब पढ़ाई के साथ-साथ छात्रों को व्यावसायिक कौशल भी सिखाया जाएगा. इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को रोजगार और स्वरोजगार के लिए तैयार करना है. जिले के दर्जनों विद्यालयों में यह पहल शुरू हो चुकी है.

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Aurangabad News: नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तहत औरंगाबाद जिले के सरकारी उच्च एवं प्लस-टू विद्यालयों में अब छात्रों को पढ़ाई के साथ व्यावसायिक कौशल भी सिखाया जाएगा. इसी शैक्षणिक सत्र से जिले के दर्जनों विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा (Vocational Education) शुरू की जा रही है. इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को रोजगार और स्वरोजगार के लिए तैयार करना है.

दर्जनों विद्यालयों में शुरू हुई तैयारी

शिक्षा विभाग ने चयनित विद्यालयों में आवश्यक संसाधन उपलब्ध करा दिए हैं. कई स्कूलों में वोकेशनल शिक्षकों की तैनाती के बाद कक्षाएं शुरू हो चुकी हैं, जबकि अन्य विद्यालयों में शिक्षकों के चयन की प्रक्रिया अंतिम चरण में है. विभाग का लक्ष्य है कि सभी चयनित विद्यालयों में जल्द नियमित रूप से व्यावसायिक शिक्षा शुरू कर दी जाए.

आउटसोर्सिंग एजेंसी के जरिए हो रही शिक्षकों की नियुक्ति

व्यावसायिक शिक्षकों की नियुक्ति आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से की जा रही है. प्रारंभिक तौर पर शिक्षकों की नियुक्ति एक वर्ष के लिए होगी. कार्य संतोषजनक रहने पर उनका कार्यकाल पांच वर्षों तक बढ़ाया जा सकता है.

विद्यालयों में भेजने से पहले सभी चयनित शिक्षकों को एससीईआरटी, पटना में विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि वे विद्यार्थियों को व्यवहारिक और रोजगारपरक शिक्षा प्रभावी ढंग से दे सकें.

इन ट्रेडों में मिलेगा व्यावहारिक प्रशिक्षण

चयनित विद्यालयों में स्थानीय जरूरत और रोजगार की संभावनाओं को देखते हुए कई ट्रेड शुरू किए जाएंगे. इनमें कृषि, वेब डेवलपर, सेल्फ एम्प्लॉयड टेलर, सोलर सिस्टम तकनीक, रिटेल, प्लंबिंग, सिलाई मशीन ऑपरेटर, होम अप्लायंस, इलेक्ट्रॉनिक्स, परिधान निर्माण, टूरिज्म और हेल्थ केयर शामिल हैं.

प्रत्येक विद्यालय में दो अलग-अलग ट्रेड संचालित होंगे और प्रत्येक ट्रेड के लिए अलग शिक्षक नियुक्त किए जाएंगे.

इन विद्यालयों में शुरू हो चुकी हैं कक्षाएं

जिले के कई विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा की कक्षाएं शुरू हो चुकी हैं. इनमें दाउदनगर का क्यादरी इंटर स्कूल, आरके नारायण हाई स्कूल शमशेरनगर, राष्ट्रीय इंटर स्कूल दाउदनगर, गोह का सरस्वती प्रोजेक्ट कन्या हाई स्कूल, औरंगाबाद का अनुग्रह इंटर स्कूल और हाई स्कूल जम्होर, रफीगंज का आरबीआई हाई स्कूल, ओबरा का आरके हाई स्कूल भरूब और हाई स्कूल ओबरा, नवीनगर का इंटर स्कूल फुलडीहा, कुटुंबा का कन्या हाई स्कूल अंबा, देव का हाई स्कूल पवई, मदनपुर का प्रोजेक्ट जयप्रभा कन्या हाई स्कूल तथा बारुण का हाई स्कूल सिरिस शामिल हैं.

अगले महीने और स्कूलों में भी होगी शुरुआत

विभागीय सूत्रों के अनुसार जुलाई के अंतिम सप्ताह या अगस्त के पहले सप्ताह तक जिले के कई अन्य विद्यालयों में भी व्यावसायिक शिक्षा शुरू कर दी जाएगी. इन विद्यालयों के लिए शिक्षकों के चयन की प्रक्रिया तेजी से चल रही है.

रोजगार से जुड़ेगी स्कूल की पढ़ाई

शिक्षा विभाग का मानना है कि व्यावसायिक शिक्षा लागू होने से विद्यार्थियों को स्कूल स्तर पर ही तकनीकी और रोजगारपरक कौशल सीखने का अवसर मिलेगा. इससे उच्च शिक्षा के साथ-साथ स्वरोजगार और रोजगार की संभावनाएं भी बढ़ेंगी. यह पहल नई शिक्षा नीति और "स्किल इंडिया" अभियान के उद्देश्य को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है.


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Ambuj Kumar

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