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बप्पा के जयघोष के साथ गणेशोत्सव का हुआ आगाज

Updated at : 07 Sep 2024 10:41 PM (IST)
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बप्पा के जयघोष के साथ गणेशोत्सव का हुआ आगाज

श्रद्धालुओं के सैलाब से पटा मंदिर परिसर, 10 दिनों तक चलेगा कार्यक्रम

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औरंगाबाद कार्यालय. महाराष्ट्र की तर्ज पर औरंगाबाद में आयोजित गणेशोत्सव का आगाज हो गया. शहर के धर्मशाला चौक स्थित गणपति मंदिर में विराजमान भगवान के दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी. अहले सुबह से कतारबद्ध होकर श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश की पूजा अर्चना की. पूजा करने वाले श्रद्धालुओं में महिलाओं की संख्या अधिक थी. इसके पीछे कारण यह था कि तीज पर उपवास व पूजा करने वाली महिलाएं भगवान के दर्शन पूजन के बाद ही पारण करना चाहती थीं. औरंगाबाद शहर के कोने-कोने से श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे थे. भगवान गणेश का जन्मोत्सव होने की वजह से श्रद्धालुओं की संख्या काफी अधिक थी. इधर वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच गणेशोत्सव का आगाज हो गया. मंदिर के संरक्षक रंजीत कुमार सिंह के नेतृत्व में पूरे दिन पूजा अर्चना का दौर चला. भगवान को पूरे विधिविधान के साथ स्नान, शृंगार के बाद भोग लगाया गया. मंदिर के आचार्य मनीष पाठक, सुनील मिश्रा सहित अन्य आचार्यों ने भगवान की पूजा अर्चना करायी. इधर, शाम सात बजे से गणेशोत्सव की पहली महाआरती हुई. यजमान के रूप में औरंगाबाद एसपी स्वप्ना जी मेश्राम और डीएम श्रीकांत शास्त्री की पत्नी शामिल हुई. परंपरा के अनुसार मंदिर के आचार्यों द्वारा यजमानों से भगवान की पूजा करायी गयी. आधे घंटे तक पूजा अर्चना का दौर चला. इसके बाद महाआरती की शुरूआत हुई. दोनों यजमानों के साथ मंदिर प्रांगण में खड़े हजारों लोगों ने एक साथ भगवान की आरती कर गणपति बप्पा मोरया-मंगल मूरति मोरया का जयघोष किया. भगवान के जयकारा से शहरी इलाका गूंजयमान हो उठा. महाआरती के बाद एसपी ने एक-एक श्रद्धालु को अपने हाथ से महाप्रसाद दिया. एसपी ने बताया कि औरंगाबाद का गणेशोत्सव अपने आप में एक बड़ा त्यौहार है. परिवार के साथ-साथ जिले की सुख-शांति के लिए उन्होंने भगवान की महाआरती की. जब भी उन्हें मौका मिलता है तो वे भगवान का दर्शन पूजन करने से नहीं चुकती है.

समिति के कार्यकर्ताओं ने श्रद्धालुओं का रखा ध्यान

औरंगाबाद में गणेशोत्सव की शुरूआत वर्ष 2012 में गणेश सेवा समिति के तत्कालीन संरक्षक व पत्रकार गोपाल प्रसाद सिंह ने की थी. प्रारंभिक दौर के बाद आयोजन भव्यता की ओर बढ़ने लगा. देखते-देखते 12 साल बीत गये और यह कार्यक्रम महाराष्ट्र की तर्ज पर औरंगाबाद में प्रसिद्ध हो गया. कुछ जगहों पर प्रतिमाएं रखकर महाआरती की रिवाज भी शुरू हो गयी. एक-दो नहीं बल्कि कई जगहों पर अब पूजा का आयोजन होने लगा है. इधर, महाआरती के दौरान गणेश सेवा समिति के कार्यकर्ताओं ने श्रद्धालुओं का गंभीरता से ध्यान रखा. संरक्षक रंजीत कुमार सिंह ने बताया कि गणेशोत्सव का समापन 16 सितंबर को होगा. प्रतिदिन संध्या समय में भक्ति जागरण एवं महाआरती का आयोजन होगा. 15 सितंबर को भक्ति जागरण का आयोजन होगा वहीं 16 सितंबर को शहर में शोभा यात्रा निकाली जायेगी. इधर, महाआरती के दौरान समिति के अध्यक्ष कौशल कुमार उर्फ पिंटू, कार्यकारी अध्यक्ष वृन्द कुमार सिंह एवं सूर्य नारायण सिंह, संयोजक प्रमोद कुमार सिंह, सचिव विनय कुमार सिंह, संयुक्त सचिव मुरारी सिंह, सुरक्षा समिति अध्यक्ष रवींद्र कुमार सिंह, उपाध्यक्ष सुबोध सिंह एवं मंटू सिंह, कोषाध्यक्ष ओपी पांडेय, उपकोषाध्यक्ष अभय कुमार सिंह, कार्यकारिणी सदस्य कुंदन सिंह, मुन्ना तिवारी, बबलू सिंह, प्रवीण सिंह, विजय गुप्ता, निशांत कुमार, राजू शाह, सुरेश विद्यार्थी आदि मौजूद थे.

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