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कुटुंबा के सात स्कूलों में बीआरबीसीएल ने उपलब्ध कराया बेंच-डेस्क

Updated at : 12 Sep 2025 6:45 PM (IST)
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कुटुंबा के सात स्कूलों में बीआरबीसीएल ने उपलब्ध कराया बेंच-डेस्क

कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत स्कूलों को मिला नया फर्नीचर

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कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत स्कूलों को मिला नया फर्नीचर

अंबा. कुटुंबा प्रखंड अंतर्गत सात प्राथमिक एवं मिडिल स्कूलों में बेंच-डेस्क उपलब्ध कराया गया. विद्यालय में यह सुविधा बीआरबीसीएल नवीनगर द्वारा कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत प्रदान किया गया है. जिन विद्यालय में बेंच-डेस्क उपलब्ध कराया गया, उनमें मध्य विद्यालय रसलपुर, प्राथमिक विद्यालय गंगतुआ, प्राथमिक विद्यालय कन्नौद, प्राथमिक विद्यालय लोहा बिगहा, मध्य विद्यालय मुडिला, प्राथमिक विद्यालय लेदी दोहर व प्राथमिक विद्यालय सिमरा शामिल है. विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्राथमिक विद्यालय कन्नौद में 20 तथा अन्य सभी छह विद्यालय में 30-30 बेंच-डेस्क उपलब्ध कराया गया है. बीआरबीसीएल के मुख्य महाप्रबंधक दीपक रंजन देहूरि, अपर महाप्रबंधक संतोष कुमार उपाध्याय, कार्यपालक सीएसआर फ़ज़ल प्रवेज व उप महाप्रबंधक नीरज कुमार ने बताया कि कंपनी क्षेत्र के सामाजिक विकास व शैक्षणिक उन्नयन को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है. बच्चों की शिक्षा स्वास्थ्य एवं ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को उपलब्ध कराने की दिशा में प्राथमिकता दी जाती है. मुख्य प्रबंधक ने बताया कि डिमांड के अनुसार और आगे भी बेंच-डेस्क उपलब्ध कराया जायेगा.

बच्चों को पढ़ाई में होगी सहुलियत

बेंच-डेस्क उपलब्ध नहीं होने से छोटे बच्चों को जमीन पर बैठकर पढ़ाई करना पड़ता था. आज भी कहीं ऐसे विद्यालय हैं जहां बेंच-डेस्क का अभाव है. कई विद्यालय में बेंच-डेस्क है भी तो केवल उच्चे क्लास के बच्चों की बैठने के लिए ही व्यवस्था हो पाती है. प्रखंड के अधिकतर विद्यालयों में आज भी छोटे बच्चे बेंच–डेस्क के अभाव में जमीन पर बैठकर पढ़ाई करते हैं. ऐसे में बीआरबीसीएल द्वारा बेंच-डेस्क उपलब्ध कराये जाने से छोटे बच्चों को पढ़ाई में काफी सहूलियत होगी. विकास कुमार विश्वास, नीरज कुमार पांडेय, संतोष कुमार, नागेंद्र कुमार आदि ने बीआरबीसीएल के इस पहल को सराहनीय बताया है. शिक्षकों ने कहा कि बेंच-डेस्क मिलने से बच्चे काफी खुश है. इससे शैक्षिक वातावरण बेहतर होगा तथा विद्यार्थियों को अब फर्श पर बैठकर पढ़ाई नहीं करनी पड़ेगी. स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों ने बीआरबीसीएल के इस योगदान का स्वागत किया. उन्होंने कहा कि लंबे समय से बच्चों को बैठने की समुचित व्यवस्था न होने से काफी कठिनाई होती थी, परंतु अब आधुनिक बेंच-डेस्क से बच्चों को पढ़ाई में नई ऊर्जा और सुविधा मिलेगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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SUJIT KUMAR

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By SUJIT KUMAR

SUJIT KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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