ग्रेजुएशन के पांचवें सेमेस्टर में छात्रों के लिए इंटर्नशिप जरूरी, औरंगाबाद में आज आयेगी राज्य स्तरीय टीम; बिना इसके नहीं मिलेगा ऑनर्स

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बड़ा बदलाव : स्नातक के पांचवें सेमेस्टर के छात्रों को करनी होगी इंटर्नशिप, आज जिले में आयेगी राज्य स्तरीय टीम

औरंगाबाद के कॉलेजों में ग्रेजुएशन का तरीका बदल गया है. राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत मगध विश्वविद्यालय ने ऑनर्स कोर्स के पांचवें सेमेस्टर में इंटर्नशिप को अनिवार्य कर दिया है. बिना इसके डिग्री नहीं मिलेगी.

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Internship Mandatory for Graduation Students : औरंगाबाद शहर के कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए अब पढ़ाई सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रहेगी. राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत मगध विश्वविद्यालय ने स्नातक शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव लागू कर दिया है. अब ऑनर्स कोर्स के पांचवें सेमेस्टर में इंटर्नशिप करना अनिवार्य कर दिया गया है. इस फैसले के बाद छात्रों को डिग्री हासिल करने के लिए व्यावहारिक अनुभव लेना भी जरूरी होगा.

विश्वविद्यालय परीक्षा समिति और अभिषद की मंजूरी के बाद कुलसचिव द्वारा इस संबंध में सभी अंगीभूत और संबद्ध कॉलेजों को आधिकारिक पत्र भेज दिया गया है. निर्देश मिलते ही जिले के कई कॉलेजों ने भी छात्रों को सूचना जारी कर दी है और इंटर्नशिप की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.

पांच क्रेडिट की इंटर्नशिप अब अनिवार्य

जारी अधिसूचना के अनुसार यूजी सीबीसीएस पाठ्यक्रम के पांचवें सेमेस्टर में पांच क्रेडिट की इंटर्नशिप को अनिवार्य कर दिया गया है. साफ कर दिया गया है कि बिना इंटर्नशिप पूरा किए छात्रों को प्रतिष्ठा सहित उत्तीर्ण नहीं माना जाएगा.

विश्वविद्यालय का मानना है कि इस व्यवस्था से छात्रों को उद्योग, संस्थान, सामाजिक संगठनों और विभिन्न कार्यक्षेत्रों में काम करने का मौका मिलेगा. इससे उन्हें वास्तविक कार्य अनुभव मिलेगा और उनकी पढ़ाई ज्यादा उपयोगी साबित होगी.

Aurangabad News : दोनों सत्रों के छात्रों पर लागू होगा नियम

इस आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि शैक्षणिक सत्र 2023-27 और 2024-28 दोनों के छात्र इस नई व्यवस्था के दायरे में आएंगे. 2023-27 सत्र के छात्रों को पहले इंटर्नशिप का मौका नहीं मिला था, इसलिए उन्हें इंडियन नॉलेज सिस्टम विषय दिया गया था.

अब विश्वविद्यालय ने निर्णय लिया है कि ये छात्र भी पांचवें सेमेस्टर में इंटर्नशिप करेंगे. इंटर्नशिप पूरी होने के बाद उनके परीक्षा परिणाम में जरूरी संशोधन किया जाएगा, जिससे उन्हें भी इस नई व्यवस्था का लाभ मिल सके.

14 अगस्त तक पूरी करनी होगी तैयारी

विश्वविद्यालय ने सभी कॉलेजों के प्राचार्यों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि वे ऐसे संस्थानों और संगठनों से संपर्क करें, जहां छात्रों को इंटर्नशिप कराई जा सके. इसके लिए जरूरी प्रक्रिया पूरी कर 14 अगस्त तक इसकी जानकारी विश्वविद्यालय को देनी होगी.

इस कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने को कहा गया है, ताकि समय पर छात्रों की इंटर्नशिप शुरू हो सके.

कॉलेजों में हलचल, पटना से आएगी विशेष टीम

निर्देश मिलने के बाद औरंगाबाद जिले के कॉलेजों में हलचल तेज हो गई है. जंग बहादुर सिंह मेमोरियल कॉलेज, बिजौली ने बीए और बीएससी के छात्रों को सूचित किया है कि पांचवें सेमेस्टर में इंटर्नशिप अनिवार्य होगी.

कॉलेज प्रशासन के अनुसार 24 जुलाई को पटना से एक विशेष टीम महाविद्यालय पहुंचेगी, जो छात्रों को इंटर्नशिप की पूरी प्रक्रिया, प्रशिक्षण और जरूरी दिशा-निर्देशों की जानकारी देगी. सभी छात्रों से तय समय पर उपस्थित रहने को कहा गया है.

रोजगार और कौशल विकास पर फोकस

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से छात्रों को काफी फायदा मिलेगा. इंटर्नशिप के जरिए उन्हें कार्यस्थल का अनुभव मिलेगा, जिससे उनकी स्किल डेवलपमेंट बेहतर होगी और नौकरी के अवसर भी बढ़ेंगे.

इससे छात्रों में कार्य संस्कृति की समझ विकसित होगी और वे भविष्य के लिए ज्यादा तैयार हो सकेंगे.

एनईपी के तहत लिया गया फैसला

विश्वविद्यालय की परीक्षा समिति की नौ जुलाई को हुई बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई थी. इसके बाद 10 जुलाई को अभिषद की बैठक में इसे अंतिम रूप दिया गया. कुलपति प्रो दिलीप कुमार केसरी की अध्यक्षता में लिए गए इस निर्णय को एनईपी 2020 के तहत एक अहम कदम माना जा रहा है.


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Sudhir Kumar Singh

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By Sudhir Kumar Singh

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