औरंगाबाद में उत्तर कोयल नहर परियोजना को मिली रफ्तार, होइस्ट सिस्टम पहुंचा, जल्द चालू होंगे क्रॉस रेगुलेटर

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:-(1) होइस्ट सिस्टम सेट करते टेक्निकल मैन  (2) 168.50आरडी के समीप का अधूरा क्रॉस रेगुलेटर | Prabhat Khabar Network

आरडी के समीप निर्माणाधीन क्रॉस रेगुलेटर

उत्तर कोयल मुख्य नहर परियोजना को गति मिल गई है. अहमदाबाद से होइस्ट सिस्टम पहुंचने के बाद क्रॉस रेगुलेटर और हेड रेगुलेटर के निर्माण में तेजी आई है. यह सिस्टम जुलाई के अंत तक चालू हो जाएगा, जिससे किसानों को अंतिम छोर तक पानी पहुंचेगा.

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औरंगाबाद/कुटुंबा. उत्तर कोयल मुख्य नहर के निर्बाध संचालन को सुनिश्चित करने के लिए जल संसाधन विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं. री-मॉडलिंग कार्य के दौरान निर्धारित समय तक क्रॉस रेगुलेटर (सीआर) और हेड रेगुलेटर (एचआर) का निर्माण पूरा नहीं होने से परियोजना की गति प्रभावित हुई थी. हालांकि अब अहमदाबाद से होइस्ट सिस्टम पहुंचने के बाद कार्य में तेजी आने की उम्मीद है.

अहमदाबाद से पहुंचा होइस्ट सिस्टम, शुरू हुई फिटिंग

भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय द्वारा अधिकृत एजेंसी वाप्कोस ने अहमदाबाद की कावेरी कंस्ट्रक्शन को क्रॉस रेगुलेटर और हेड रेगुलेटर का कार्य सौंपा है. शुक्रवार से मुख्य नहर के 168.50 आरडी स्थित ढीबर पुल के समीप होइस्ट सिस्टम लगाने और उसकी एडजस्टिंग का कार्य शुरू कर दिया गया है. टेक्निकल टीम सिस्टम की फिटिंग और परीक्षण में जुटी हुई है.

बसडीहा वितरणी के लिए महत्वपूर्ण है 168.50 आरडी

168.50 आरडी से बसडीहा वितरणी निकलती है, जिससे कुटुंबा, नवीनगर और बारूण प्रखंड के हजारों एकड़ कृषि क्षेत्र की सिंचाई होती है. वाप्कोस के प्रोजेक्ट प्रबंधक फारूक खान ने बताया कि मुख्य नहर के सभी रेगुलेटरों के संचालन के लिए कुल आठ होइस्ट सिस्टम की जरूरत है. फिलहाल पांच सेट कार्यस्थल पर पहुंच चुके हैं, जबकि तीन अन्य सेट जल्द पहुंच जाएंगे.

तीन अन्य क्रॉस रेगुलेटरों पर भी लगेगा सिस्टम

विभागीय जानकारी के अनुसार बसडीहा वितरणी के अलावा मुख्य नहर के 211 आरडी और 224 आरडी स्थित क्रॉस रेगुलेटरों पर भी होइस्ट सिस्टम लगाया जाएगा. वहीं 210 आरडी के समीप बरियांवा गांव के पास नहर में बनाए गए अवैध पक्के बांध को क्रॉस रेगुलेटर का कार्य पूरा होने के बाद हटाया जाएगा.

क्या है होइस्ट सिस्टम और क्यों है जरूरी

होइस्ट सिस्टम एक भारी यांत्रिक उपकरण है, जिसका उपयोग 20 टन से अधिक वजनी क्रॉस रेगुलेटर और हेड रेगुलेटर गेटों को सुरक्षित तरीके से खोलने और बंद करने के लिए किया जाता है. पहले जहां चैनल सिस्टम से एक व्यक्ति गेट संचालित कर लेता था, वहीं अब रॉड और गियर आधारित आधुनिक प्रणाली लागू की गई है, जिसके संचालन में दो कर्मियों की आवश्यकता पड़ सकती है.

जुलाई के अंत तक परीक्षण, अगस्त में मिलेगा लाभ

अधिकारियों के अनुसार होइस्ट सिस्टम की फिटिंग, एडजस्टिंग और परीक्षण में चार से पांच दिन का समय लगेगा. इसके बाद अन्य स्थानों पर भी सिस्टम स्थापित किया जाएगा. संभावना है कि अगस्त माह तक सभी प्रमुख क्रॉस रेगुलेटर पूरी तरह कार्यशील हो जाएंगे.

चीफ इंजीनियर बोले. किसानों को मिलेगा अंतिम छोर तक पानी

जल संसाधन विभाग के चीफ इंजीनियर अर्जुन प्रसाद सिंह ने बताया कि सभी क्रॉस रेगुलेटरों पर होइस्ट सिस्टम लगने के बाद नहर के गेटों का संचालन अधिक प्रभावी होगा. इससे अंतिम छोर तक के किसानों को आवश्यकता के अनुसार सिंचाई का पानी उपलब्ध कराया जा सकेगा. उन्होंने कहा कि सीआर और एचआर का कार्य पूरा कराने की जिम्मेदारी वाप्कोस की है.


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Ambuj Kumar

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