शादी के मंडप में दूल्हा ढूंढ़ने निकली दुल्हन, हंसी और इमोशन से भरपूर है खुशाली कुमार की फिल्म

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Dulhaniya Le Jayegi

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नव्या की अनोखी शादी की कहानी 'दुल्हनिया ले आएगी' सिनेमाघरों में है. पिता की तबीयत के कारण वह उसी मंडप में नया दूल्हा ढूंढने निकल पड़ती है. यह फिल्म हंसी, इमोशन और एक मजबूत संदेश का संगम है.

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इस हफ्ते सिनेमाघरों में खुशाली कुमार की फिल्म 'दुल्हनिया ले आएगी' रिलीज हो गई है. फिल्म की कहानी शुरुआत से ही अलग लगती है. आमतौर पर दूल्हा दुल्हन को लेकर आता है, लेकिन यहां दुल्हन खुद अपने लिए नया दूल्हा ढूंढ़ने निकल पड़ती है. यही बात फिल्म को बाकी फिल्मों से अलग बनाती है. अगर आप हल्की-फुल्की, परिवार के साथ बैठकर देखने वाली फिल्म पसंद करते हैं, तो यह फिल्म आपको पसंद आ सकती है.

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क्या है फिल्म की कहानी?

फिल्म की कहानी नव्या (खुशाली कुमार) की है, जो एक बड़ी कंपनी में एचआर हेड है. उसकी शादी की सारी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं. लेकिन शादी से ठीक पहले उसे पता चलता है कि उसका होने वाला पति अच्छा इंसान नहीं है और महिलाओं के साथ गलत व्यवहार करता है.

नव्या शादी तोड़ना चाहती है, लेकिन उसके पिता देवी प्रसाद (महेश मांजरेकर) की तबीयत बहुत खराब है. उन्हें यह बात पता चल गई तो बड़ा सदमा लग सकता है. ऐसे में नव्या एक बड़ा फैसला लेती है. वह उसी शादी के मंडप में नया दूल्हा ढूंढ़ने निकल पड़ती है. इस पूरे मिशन में उसका साथ उसकी दोस्त रागिनी (स्नेहिल दीक्षित), मामा और कुछ मजेदार किरदार देते हैं. इसके बाद फिल्म में कई मजेदार और इमोशनल मोड़ आते हैं.

निर्देशन कैसा है?

निर्देशक आकाशादित्य लामा ने एक अलग कहानी को आसान और मजेदार तरीके से दिखाया है. फिल्म में कॉमेडी है, इमोशन है और परिवार की अहमियत भी दिखाई गई है. कहानी कहीं भी बहुत भारी नहीं लगती. बीच-बीच में ऐसे सीन आते हैं जो हंसाते भी हैं और सोचने पर भी मजबूर करते हैं. फिल्म यह भी दिखाती है कि आज के समय में सही जीवनसाथी चुनना कितना जरूरी है.

कलाकारों की एक्टिंग कैसी है?

खुशाली कुमार ने नव्या के रोल में अच्छा काम किया है. उन्होंने कॉमेडी और इमोशनल दोनों सीन अच्छे से निभाए हैं. महेश मांजरेकर एक प्यार करने वाले पिता के किरदार में दिल जीत लेते हैं.

पियूष मिश्रा अपनी शानदार डायलॉग डिलीवरी से हर बार की तरह प्रभावित करते हैं. स्नेहिल दीक्षित (बीसी आंटी) फिल्म की सबसे मजेदार कलाकारों में से एक हैं. उनकी कॉमिक टाइमिंग कई जगह खूब हंसाती है. ओमकार कपूर और अगू स्टेनली ने भी अपने किरदारों के साथ कहानी को मजबूत बनाया है.

फिल्म क्यों देखें?

अगर आप ऐसी फिल्म देखना चाहते हैं जिसमें हंसी भी हो, इमोशन भी हो और परिवार के साथ बैठकर बिना झिझक देखी जा सके, तो 'दुल्हनिया ले आएगी' एक अच्छा विकल्प है. फिल्म सिर्फ मनोरंजन नहीं करती, बल्कि यह भी सिखाती है कि शादी जैसा बड़ा फैसला सोच-समझकर लेना चाहिए और गलत इंसान के साथ जिंदगी बिताने से बेहतर है सही फैसला लेना.

फाइनल वर्डिक्ट

'दुल्हनिया ले आएगी' एक हल्की-फुल्की फैमिली एंटरटेनर है, जिसमें कॉमेडी, इमोशन और अच्छा संदेश तीनों हैं. खुशाली कुमार, महेश मांजरेकर, पियूष मिश्रा और स्नेहिल दीक्षित की शानदार परफॉर्मेंस फिल्म को और मजेदार बनाती है. अगर इस वीकेंड परिवार के साथ कोई साफ-सुथरी और मनोरंजक फिल्म देखना चाहते हैं, तो यह फिल्म आपकी लिस्ट में जरूर होनी चाहिए.

रेटिंग: 3.5/5


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