Aurangabad News: उत्तर कोयल नहर परियोजना की धीमी, रफ्तार पर होगी बड़ी समीक्षा

Published by : Vivek Pandey Updated At : 24 May 2026 10:15 AM

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Aurangabad News: पूर्व सांसद सुशील कुमार सिंह आज वाप्कोस चेयरमैन के साथ करेंगे बैठक, किसानों में सिंचाई संकट को लेकर नाराजगी

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Aurangabad News: (विश्वनाथ पांडेय) औरंगबद जिले में उत्तर कोयल मुख्य नहर रिमॉडलिंग परियोजना की धीमी प्रगति और किसानों की बढ़ती नाराजगी के बीच आज रविवार को एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी. पूर्व सांसद सुशील कुमार सिंह एरका सिंचाई कॉलोनी परिसर में वाप्कोस चेयरमैन शिल्पा सिंदे के साथ बैठक कर परियोजना के विभिन्न निर्माण कार्यों की समीक्षा करेंगे. बैठक में जल संसाधन विभाग के चीफ इंजीनियर, सुपरिटेंडेंट इंजीनियर समेत वाप्कोस के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे.

लाइनिंग और स्ट्रक्चर निर्माण की धीमी रफ्तार से किसान परेशान

मिली जानकारी के अनुसार समीक्षा बैठक में उत्तर मुख्य नहर के सीएनएस वर्क, लाइनिंग, पुल-पुलिया, सीडी, वेंट, सीआर गेट एवं एचआर गेट सहित विभिन्न निर्माण कार्यों की प्रगति पर चर्चा होगी. भीम बराज मोहम्मदगंज से अंतिम छोर तक करीब 109 किलोमीटर क्षेत्र में 11 अलग-अलग पैकेज में नहर रिमॉडलिंग कार्य कराया जाना है। इसमें दो पैकेज झारखंड क्षेत्र में तथा पैकेज संख्या तीन से 11 तक बिहार के मगध प्रक्षेत्र में शामिल हैं. हालांकि किसानों का आरोप है कि लाइनिंग और स्ट्रक्चर निर्माण का कार्य बेहद धीमी गति से चल रहा है, जिससे सिंचाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है.

निर्माण गुणवत्ता पर भी उठ रहे सवाल

किसानों ने आरोप लगाया है कि सीएनएस कार्य में 185 आरडी से 189 आरडी के बीच मोरम की जगह मिट्टी मिलाकर निर्माण कराया जा रहा है, जिससे गुणवत्ता प्रभावित हो रही है. वहीं मुख्य नहर के 151.33 आरडी से 168 आरडी के बीच बनी लाइनिंग ध्वस्त होकर नहर बेड में गिर गई है. इसके कारण जल प्रवाह बाधित हो रहा है, लेकिन अब तक उस हिस्से का पुनर्निर्माण शुरू नहीं किया गया है. किसानों का कहना है कि परियोजना की सुस्त रफ्तार के कारण हर साल फसल प्रभावित हो रही है और सिंचाई संकट गहराता जा रहा है.

कई महत्वपूर्ण निर्माण कार्य अब भी अधूरे

जानकारी के अनुसार मुख्य नहर के 46.46 किलोमीटर के समीप अतिरिक्त वेंट को ट्रांससेशन के साथ पूरा करना जरूरी है, ताकि पिछले वर्ष कांडी गांव के पास हुई टूटन जैसी स्थिति दोबारा न उत्पन्न हो. वहीं 47.46 किलोमीटर के पास महुअरी उपवितरणी का एचआर गेट कार्य अब तक अधूरा है. इसके अलावा 51.37 किलोमीटर के समीप सीआर, एचआर एवं एसएलआर पुल निर्माण अधूरा रहने से पूरे अंबा क्षेत्र में सिंचाई बाधित होने की आशंका बनी हुई है. स्थानीय लोगों के अनुसार पुल का लेवल सड़क से काफी नीचे है, जिससे भविष्य में आवागमन की समस्या भी उत्पन्न हो सकती है.

ढीबर गांव की कनेक्टिविटी पर संकट

51.40 किलोमीटर के समीप एसएलआर पुल निर्माण अधूरा रहने से ढीबर गांव की कनेक्टिविटी प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है. इसके अलावा 51.65 किलोमीटर इनलेट प्वाइंट के समीप बारिश का पानी नहर में आता है, लेकिन वर्तमान निर्माण कार्य के दौरान यह हिस्सा बंद हो गया है. किसानों का कहना है कि खरीफ सिंचाई से पहले इसे दुरुस्त नहीं किया गया तो आसपास के क्षेत्रों में भारी जलजमाव की समस्या उत्पन्न हो सकती है.

झारखंड क्षेत्र में भी अधूरा पड़ा निर्माण

झारखंड क्षेत्र के सिमरसौत गांव के समीप एक बड़े नाले के ऊपर से नहर गुजरती है, लेकिन वहां अब तक सीडी निर्माण नहीं हुआ है. इससे मुख्य नहर के तटबंध को नुकसान पहुंचने की आशंका बनी हुई है. बताया जा रहा है कि झारखंड क्षेत्र में करीब 31.40 किलोमीटर नहर रिमॉडलिंग कार्य होना था, लेकिन पिछले छह वर्षों से कार्य जारी रहने के बावजूद 50 प्रतिशत काम भी पूरा नहीं हो सका है.

परियोजना पूरी होने से कई प्रखंडों को मिलेगा लाभ

गौरतलब है कि पूर्व सांसद सुशील कुमार सिंह के प्रयास से वर्षों से लंबित उत्तर कोयल नहर परियोजना को दोबारा गति मिली है. किसानों को उम्मीद है कि नहर रिमॉडलिंग कार्य पूरा होने एवं कुटकू डैम में गेट लगाए जाने के बाद मगध प्रक्षेत्र के कई प्रखंडों में बेहतर सिंचाई सुविधा बहाल होगी, जिससे खेती को बड़ा लाभ मिलेगा.

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Vivek Pandey

लेखक के बारे में

By Vivek Pandey

विवेक पाण्डेय टीवी चैनल के माध्यम से पिछले 7 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हूं . करियर की शुरुआत Network 10 National News Channel से की. अभी प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहा हूं. देश और राज्य की राजनीति, कृषि और शिक्षा में रुचि रखता हूं.

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