औरंगाबाद में तीन दिनों में 110 लोग हुए आवारा जानवरों के शिकार

मरीजो का इलाज करते स्वास्थ्य कर्मी | Prabhat Khabar Network
औरंगाबाद में आवारा कुत्तों, बिल्लियों और बंदरों का आतंक बढ़ गया है. पिछले तीन दिनों में 110 लोग इनके हमलों का शिकार हुए हैं. सदर अस्पताल में एंटी-रेबीज इंजेक्शन की पर्याप्त उपलब्धता है.
Aurangabad News: औरंगाबाद जिले में इन दिनों आवारा कुत्तों, बिल्लियों, बंदरों और अन्य जानवरों का आतंक काफी बढ़ गया है. शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक लोग लगातार इनके हमले का शिकार हो रहे हैं. सदर अस्पताल से मिले आंकड़ों के मुताबिक, पिछले तीन दिनों (20 से 22 जुलाई) के भीतर ही 110 लोग जानवरों के काटने के बाद इलाज और एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगवाने पहुंचे हैं.
तीन दिनों में 110 लोग पहुंचे सदर अस्पताल
सदर अस्पताल के अनुसार, जानवरों के हमले के आंकड़े इस प्रकार हैं:
- 20 जुलाई: 42 लोग कुत्ते, 3 बिल्ली और 1 व्यक्ति बंदर के हमले से घायल हुआ.
- 21 जुलाई: 29 लोग कुत्ते, 4 बिल्ली और 2 लोग बंदर के काटने से पहुंचे.
- 22 जुलाई: 26 लोग कुत्ते, 2 बिल्ली और 1 व्यक्ति घोड़े के काटने के बाद इलाज के लिए पहुंचा.
स्वास्थ्यकर्मियों के अनुसार, यदि जुलाई माह के पिछले 22 दिनों का कुल आंकड़ा देखा जाए तो यह संख्या 1,000 के पार पहुंच सकती है.
अस्पताल में एंटी-रेबीज इंजेक्शन पर्याप्त: उपाधीक्षक
सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. आशुतोष कुमार सिंह ने बताया कि अस्पताल में एंटी-रेबीज इंजेक्शन की पर्याप्त उपलब्धता है और मरीजों को सभी आवश्यक डोज समय पर दिए जा रहे हैं. उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी जानवर के काटने पर घाव को तुरंत साबुन व पानी से अच्छी तरह धोएं और बिना किसी लापरवाही के तत्काल अस्पताल पहुंचकर डॉक्टरी सलाह लें.
वहीं, स्थानीय लोगों ने बढ़ते खतरे को देखते हुए नगर परिषद और जिला प्रशासन से आवारा कुत्तों व जानवरों की संख्या पर नियंत्रण लगाने की मांग की है.
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