नवीनगर. नवीनगर के बड़ेम में कला-संस्कृति युवा विभाग एवं जिला प्रशासन के तत्वावधान में सूर्य राघव महोत्सव का आयोजन किया गया. पहले सोन नदी और सूर्य मंदिर में पूजा-अर्चना की गयी. इसके बाद सुरों की महफिल सजी. कार्यक्रम का शुभारंभ बिहार गीत से हुआ. महोत्सव का उद्घाटन विधायक चेतन आनंद, एडीएम जयप्रकाश नारायण, जिला कला संस्कृति पदाधिकारी पप्पू राज, प्रमुख लव कुमार सिंह, बीडीओ अरुण कुमार सिंह, सूर्य राघव न्यास समिति अध्यक्ष संजीव कुमार सिंह द्वारा संयुक्त रूप सें दीप जलाकर व फीता काटकर किया गया. अतिथियों का स्वागत ड्रीमलैंड पब्लिक स्कूल की छात्राओं द्वारा स्वागत गीत गाकर किया गया. सूर्य राघव न्यास समिति के सदस्यों ने अतिथियों को शॉल, पौधा व मोमेंटो देकर सम्मानित किया. महोत्सव में उपस्थित वक्ताओं ने सूर्य राघव मंदिर की महत्ता पर प्रकाश डाला गया. इसके बाद महोत्सव में स्थानीय कलाकारों को मौका दिया गया. स्थानीय कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति से समा बांध दिया. पारपंरिक लोकगीत, भोजपुरी गाने गाये. मुख्य कलाकार के रूप में तान्या मौआर, सृष्टि लक्ष्मी, सनोज सागर और अंतरा घोष ने अपनी प्रस्तुति दी, जिसकी दर्शकों ने काफी सराहना की. गीत-संगीत की प्रस्तुति पर लोग झूमते रहे. जेनिथ एकेडमी, ड्रीमलैंड पब्लिक स्कूल के बच्चों द्वारा गीत-संगीत की प्रस्तुति दी गयी, जिसका दर्शकों ने भरपूर आनंद उठाया. इस मौके पर सीओ निकहत परवीन, सीडीपीओ श्वेता सिन्हा, प्रखंड समन्वयक सुमित्रा कुमारी, तकनीकी सहायक प्रिंस कुमार समेत कई अन्य लोग मौजूद थे.
परंपरा-संस्कृति को जिंदा रखने में महोत्सव की अहम भूमिका : चेतन आनंद
महोत्सव में अपने संबोधन के दौरान विधायक चेतन आनंद ने कहा कि महोत्सव यह बताता है कि हमारी संस्कृति की पहचान जिंदा है. परंपरा को जीवित रखने के लिए महोत्सव मनाया जाता है. ऐसे आयोजनों की सराहना होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि जो स्नेह व अपनत्व गांव में मिलता है, वह शहर में नहीं है. यह अपनापन बहुत पुराना है. नवीनगर और शिवहर का पुराना रिश्ता है. जब लवली आनंद नवीनगर से विधायक थीं, तब आनंद मोहन शिवहर से सांसद थे. वे नवीनगर से विधायक हैं और लवली आनंद शिवहर की सांसद हैं. सभी लोगों से जनसंपर्क के माध्यम से हम जुड़े हुए हैं. युवाओं को अपनी जड़ों से जुड़कर रहना चाहिए. नवीनगर के सिर को झुकने नहीं दिया जायेगा. इसे हमेशा मान-सम्मान के साथ बरकरार रखा जायेगा.प्रकृति के संरक्षण के बिना जीवन की परिकल्पना नहीं : एडीएम
एडीएम जयप्रकाश नारायण ने कहा कि महोत्सव मनाने की परंपरा लोगों को जागरूक करती है. प्रकृति को भी संरक्षित करने की जरूरत है, तभी जीवन की परिकल्पना की जा सकती है. महोत्सव के माध्यम से अपनी सभ्यता व संस्कृति को संरक्षित किया जा रहा है. सूर्य और सूर्यवंशी का पुराना रिश्ता है. अन्य वक्ताओं ने कहा कि महोत्सव के माध्यम से बिहार सरकार मंदिरों को संरक्षित रखने के लिए जन जागरूकता फैलाने का प्रयास किया जा रहा है. कहा कि महोत्सव के आयोजन होने से सूर्य राघव मंदिर की महत्ता और भी बढ़ गयी है.संस्कृति को संरक्षित की जरूरत : संजीव
सूर्य राघव न्यास समिति के अध्यक्ष संजीव सिंह ने कहा कि जिले के नवीनगर में सबसे ज्यादा महोत्सव होता है, जो नवीनगर के लिए सौभाग्य की बात है. अपनी परंपरा व संस्कृति को संरक्षित करने की जरूरत है. प्रमुख लव सिंह ने कहा कि सूर्य राघव मंदिर की महत्ता अपरंपार है. इस गांव में चार महोत्सव मनाया जाता है. इस गांव की माटी का यह सौभाग्य है. कार्यक्रम को कई अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

