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Aurangabad News : अटेंडेंस बनाने के नाम पर मांगी थी घूस, छह सदस्यीय टीम ने की छापेमारी

Updated at : 19 Jan 2026 10:49 PM (IST)
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Aurangabad News : अटेंडेंस बनाने के नाम पर मांगी थी घूस, छह सदस्यीय टीम ने की छापेमारी

Aurangabad News: अस्पताल में छोटे-छोटे कार्यों के लिए मांगे जाते हैं रुपये : निगरानी डीएसपी

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दाउदनगर. अनुमंडलीय अस्पताल दाउदनगर में प्रधान लिपिक बृजमोहन लाल की सोमवार को दो हजार रुपये रिश्वत के साथ हुई गिरफ्तारी के बाद निगरानी डीएसपी आदित्य राज ने बताया कि नर्स अर्चना कुमारी ने शिकायत की थी कि अटेंडेंस बनाने के नाम पर तीन हजार रुपये रिश्वत मांगी जा रही है. रिश्वत की राशि दो हजार रुपये तय हुई. इसका सत्यापन कराया गया. इसके बाद छह सदस्यीय टीम ने छापेमारी करते हुए प्रधान लिपिक बृजमोहन लाल को गिरफ्तार किया. वह स्थापना का कार्य भी देखते हैं. एक सवाल के जवाब में निगरानी डीएसपी ने कहा कि जांच के दौरान यह भी मामला सामने आया है कि यहां छोटे-छोटे अमाउंट के रूप में पैसे लिये जा रहे हैं. छुट्टी देने, अटेंडेंस रजिस्टर पर साइन कराने जैसे कार्यों के लिए छोटे-छोटे अमाउंट की मांग की जाती है. उन्होंने बताया कि फिलहाल प्राथमिकी अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया गया है. आगे जांच में जो भी संभावना निकलेगी, उसके अनुसार कार्रवाई की जायेगी. प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि निगरानी अन्वेषण ब्यूरो पटना की वर्ष 2026 में भ्रष्टाचार के विरुद्ध यह नौवीं प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई है. इसमें ट्रैप संबंधित आठवां कांड है. कांड दर्ज कर अभी तक कुल छह अभियुक्तों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है. 75 हजार की राशि बरामद की गयी है.

कई घंटे तक विजिलेंस की टीम ने की गहन जांच-पड़ताल

अनुमंडलीय अस्पताल में कार्रवाई के दौरान विजिलेंस की टीम द्वारा गहन जांच-पड़ताल की गयी. एक उपस्थिति पंजी भी जब्त कर टीम अपने साथ ले गयी है. वहीं, शिकायतकर्ता जीएनएन अर्चना कुमारी ने मीडिया कर्मियों के साथ बातचीत में अनुमंडलीय अस्पताल के डीएस, मैनेजर और गिरफ्तार लिपिक पर गंभीर आरोप लगाये हैं. हालांकि, प्रभारी उपाधीक्षक ने आरोपों को गलत बताया है. जीएनएम ने बताया कि वे लोग छठ के समय छुट्टी पर गये थे. किसी की चार दिन, किसी की छह दिन, तो किसी की 10 दिन तक छुट्टी थी. उस समय सीएल का आवेदन ले लिया गया. रिसीविंग नहीं दी गयी. उस समय भी पैसे की मांग की गयी थी. आठ लोगों ने अपने 1500-1500 रुपये दे दिये थे. उन्होंने और स्टाफ नर्स जूली कुमारी ने पैसा नहीं दिया था. उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि प्रभारी उपाधीक्षक, मैनेजर और लिपिक दो बार बुलाकर बोलने लगे कि पैसा क्यों नहीं दे रहे हैं. वे बहाना बनाकर टालती रही. फिर उन्हें लगा कि या तो पैसा दें या फिर इस बात को खत्म करें. उन्होंने इंटरनेट से विजिलेंस का नंबर निकाला और शिकायत की. उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को अपने हक के लिए लड़ना चाहिए. अनुमंडल अस्पताल में 25 जीएनएम हैं. एक दिन भी छुट्टी नहीं मिलती है. रविवार को भी छुट्टी नहीं मिलती है. स्टाफ नर्स रेखा कुमारी के बेटे की तबीयत खराब थी. उन्हें छुट्टी नहीं मिली. उनका चार दिनों का वेतन काट लिया गया. इन्होंने अभी आरोप लगाया कि उपाधीक्षक रोज नहीं आती हैं. सप्ताह में दो दिन आती हैं.

उपाधीक्षक ने आरोपों को बताया गलत

अनुमंडलीय अस्पताल की प्रभारी उपाधीक्षक डॉ शांता कुमारी ने जीएनएम के आरोपों को गलत व बेबुनियाद बताते हुए कहा कि उन पर लगाये गये आरोप पूरी तरह गलत हैं. छठ के समय ये लोग छुट्टी पर चली गयी थी. उस समय सारी छुट्टियां कैंसिल थी. आरआइडी जांच में आयी थीं. उनके अटेंडेंस कटे थे. लिपिक द्वारा पैसा मांगे जाने का मामला उनके संज्ञान में नहीं था.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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AMIT KUMAR SINGH_PT

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