ePaper

Aurangabad News : सरकारी धान क्रय केंद्रों पर घोर अनियमितता का आरोप, किसानों में उबाल

Updated at : 02 Jan 2026 9:54 PM (IST)
विज्ञापन
Aurangabad News : सरकारी धान क्रय केंद्रों पर घोर अनियमितता का आरोप, किसानों में उबाल

Aurangabad News: बीडीओ को दिया ज्ञापन, वास्तविक किसानों से नहीं हो रही खरीदारी

विज्ञापन

कुटुंबा. प्रखंड क्षेत्र के सरकारी धान क्रय केंद्रों पर धान की खरीद में घोर अनियमितता बरते जाने का आरोप किसानों ने लगाया है. किसानों का कहना है कि बड़े जोत वाले किसानों से एक क्विंटल भी धान नहीं खरीदा जा रहा है, जबकि गैर रैयत किसानों, जिन्होंने एक कट्ठा जमीन में भी धान की खेती नहीं की है, उन्हें तरजीह दी जा रही है. इन आरोपों को लेकर शुक्रवार को प्रखंड मुख्यालय अंबा बाजार में किसानों की एक बैठक आयोजित की गयी. बैठक की अध्यक्षता किसान संघर्ष समिति के प्रखंड अध्यक्ष अजीत कुमार ने की. उन्होंने कहा कि कई पैक्स अध्यक्ष अपने भाई-भतीजे, पत्नी, चाचा-चाची और अपने घर-परिवार तथा सिर्फ अपने समुदाय के लोगों का ही धान खरीद रहे हैं. इससे किसानों में गहरी निराशा और आक्रोश है. बैरांव पंचायत के किसान देवेंद्र सिंह और ललन सिंह ने सरकारी धान क्रय केंद्रों पर व्याप्त अनियमितताओं को लेकर विस्तृत चर्चा की. उन्होंने आरोप लगाया कि सहकारी समितियां अब पैक्स अध्यक्षों के पॉकेट में चली गई हैं और संबंधित विभाग के कुछ अधिकारी कालाबाजारी में संलिप्त हैं. ऐसे में सरकारी क्रय केंद्रों पर धान की खरीद किसानों के लिए सहज नहीं रह गयी है.

कर्मचारियों की मनमानी से नहीं मिल पा रहा समर्थन मूल्य

सूही पंचायत के मुखिया मंजीत यादव ने कहा कि पैक्स अध्यक्षों और कर्मियों की मनमानी और सौदेबाजी के कारण किसानों को धान का पूरा समर्थन मूल्य नहीं मिल पा रहा है. हार्वेस्टिंग के बाद जब किसान पैक्स में धान पहुंचाते हैं तो उन्हें खरीद पर्ची तक नहीं दी जाती. भुगतान के समय सरकारी समर्थन मूल्य के अनुरूप कागजों में खरीद दिखाकर वास्तविक राशि कम दी जाती है. उन्होंने आरोप लगाया कि कई मामलों में किसानों के खाते में अधिक राशि भेजकर शेष रकम वापस निकलवाने की भी प्रक्रिया अपनाई जा रही है. मंजीत यादव ने कहा कि सूही पैक्स में वास्तविक किसानों से धान की खरीद नहीं की जाती है. यहां तक कि किसी भी किसान को आज तक एक बोरी उर्वरक तक उपलब्ध नहीं कराया गया है. उन्होंने सवाल उठाया कि जब सहकारी समितियां किसानों के हित में काम नहीं कर रहीं, तो फिर उनका औचित्य ही क्या है. उन्होंने यह भी कहा कि लाखों रुपये की लागत से तैयार चावल मिल और अर्धनिर्मित पैक्स गोदाम शोभा की वस्तु बनकर रह गये हैं.

समर्थन मूल्य से काफी कम भुगतान का आरोप

रामपुर गांव के किसान अरुण यादव ने बताया कि सामान्य धान का समर्थन मूल्य 2369 रुपये प्रति क्विंटल और ग्रेड ए धान का 2389 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित है, इसके बावजूद किसानों को औसतन 1700 से 1800 रुपये प्रति क्विंटल ही भुगतान किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि बोरा, पलदारी और ढुलाई का पूरा खर्च किसान स्वयं वहन कर रहे हैं. सूही पंचायत के किसान रामाश्रय सिंह ने कहा कि उनके पैक्स में जिन किसानों ने पांच-छह वर्ष पूर्व भी धान दिया था, उनका भुगतान आज तक लंबित है. ऐसी स्थिति में किसानों में रोष होना स्वाभाविक है. बैठक में शामिल किसानों ने कहा कि अधिकांश किसानों के पास भंडारण और परिवहन की समुचित व्यवस्था नहीं है. गोदाम पहुंचाने पर तकनीकी कारणों का हवाला देकर खरीद से इंकार कर दिया जाता है. ऐसी स्थिति में किसान पैक्स की शर्तों पर धान बेचने को मजबूर हो जाते हैं. किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि जिले में ऐसे लोगों के नाम पर भी धान खरीद दर्शाई गयी है, जिन्होंने धान की खेती ही नहीं की है. इस संबंध में किसानों ने आवेदन प्रखंड विकास पदाधिकारी कुटुंबा को सौंपा है. साथ ही जिलाधिकारी औरंगाबाद, मुख्यमंत्री बिहार सरकार, सहकारिता मंत्री और प्रधान सचिव को ईमेल के माध्यम से भी शिकायत भेजी गयी है. किसानों ने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने को विवश होंगे. बैठक में श्यामजीत कुमार, चमन सिंह, ओमप्रकाश सिंह, दीनानाथ वर्मा, मुकेश पांडेय, रामनरेश सिंह, ललन सिंह, सुबोध कुमार, हिमांशु कुमार, सौरभ कुमार, कुंदन यादव, मनोज यादव, मंटू कुमार, रवींद्र कुमार, मंटू मेहता, अर्जुन प्रसाद, चंदन कुमार सहित विभिन्न पंचायतों के दर्जनों किसान उपस्थित थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
AMIT KUMAR SINGH_PT

लेखक के बारे में

By AMIT KUMAR SINGH_PT

AMIT KUMAR SINGH_PT is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन