जाति विहीन समाज के पक्षधर थे डॉ आंबेडकर
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :15 Apr 2016 8:13 AM (IST)
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दाउदनगर (अनुमंडल) : गुरुवार को विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में संविधान निर्माता बाबा साहब डाॅ भीमराव आंबेडकर की जयंती मनायी गयी. इस दौरान उनके व्यक्तित्व के बारे में बताया गया. साथ ही उनकी तसवीर पर पुष्पांजली की गयी. विवेकानंद मिशन स्कूल में निदेशक डाॅ शंभु शरण सिंह ने उन्हें कालजयी राजनेता, दलितों व बच्चों का मसीहा, […]
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दाउदनगर (अनुमंडल) : गुरुवार को विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में संविधान निर्माता बाबा साहब डाॅ भीमराव आंबेडकर की जयंती मनायी गयी. इस दौरान उनके व्यक्तित्व के बारे में बताया गया. साथ ही उनकी तसवीर पर पुष्पांजली की गयी. विवेकानंद मिशन स्कूल में निदेशक डाॅ शंभु शरण सिंह ने उन्हें कालजयी राजनेता, दलितों व बच्चों का मसीहा, संविधान व राष्ट्र निर्माता बताया.
उन्होंने कहा कि आज के राजनीतिक दावं-पेच के चलते उनका सपना बिखर कर रह गया. उन्होंने जाति विहीन समाज की कल्पना की थी, किंतु आज भी जातिगत व दलदल राजनीति हो रही है. करोड़ों दलितों की समस्याओं को समझने व उनके निराकरण की जरूरत है. शिक्षा में सभी समस्याओं का समाधान है. समाज के अंतिम पंक्ति तक शिक्षा को पहुंचाना स्कूल का लक्ष्य है. छात्रा मानसी कुमारी आदि ने भी अपनी बातें रखीं.
इस मौके पर सुनील कुमार सिंह, अभिषेक कुमार, ब्रजेश कुमार, दिनकर प्रसाद शर्मा व अजय कुमार आदि मौजूद थे. संस्कार विद्या, विद्या निकेतन व किड्ज वर्ल्ड में भी समारोह आयोजित कर बाबा साहेब को याद किया गया. तीनों संस्थाओं के सीएमडी सुरेश कुमार गुप्ता ने कहा कि आज बाबा साहब के आदर्श पर चलने की आवश्यकता है. सरकार ने उनके सम्मान में संविधान दिवस की घोषणा की है.
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