हड़ियाही जलाशय को पूरा कराने की कवायद तेज

Published at :02 Feb 2016 7:20 AM (IST)
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हड़ियाही जलाशय को पूरा कराने की कवायद तेज

औरंगाबाद/अंबा : औरंगाबाद व झारखंड के पलामू जिले के किसानों की चिरपरिचित योजना हड़ियाही बटाने के कार्यों को पूरा कराने की कवायद होने लगी है. औरंगाबाद सासद सुशील कुमार सिंह, पलामू सांसद बीडी राम, छतरपुर विधायक राधा कृष्ण किशोर ने सोमवार को छतरपुर प्रखंड के गुलबझरी मिडिल स्कूल के प्रांगण में परियोजना को लेकर एक […]

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औरंगाबाद/अंबा : औरंगाबाद व झारखंड के पलामू जिले के किसानों की चिरपरिचित योजना हड़ियाही बटाने के कार्यों को पूरा कराने की कवायद होने लगी है. औरंगाबाद सासद सुशील कुमार सिंह, पलामू सांसद बीडी राम, छतरपुर विधायक राधा कृष्ण किशोर ने सोमवार को छतरपुर प्रखंड के गुलबझरी मिडिल स्कूल के प्रांगण में परियोजना को लेकर एक आमसभा की.
आमसभा में बटाने विस्थापित मंच के विस्थापित किसानों ने प्रभावित परिवारों की लंबी समस्या पर अपनी बातें रखीं. किसानों ने कहा कि 750 एकड़ अर्जित भूमि का मुआवजा भुगतान लंबित है. विस्थापित व प्रभावित परिवारों को पुनर्वास नीति के तहत मानवीय सुविधा मुहैया नहीं करायी जा सकी है.
पुनर्वास स्थल नावाडीह में विस्थापितों को बसने के लिए भूमि आवंटित की गयी,लेकिन उन्हें पुनर्वास स्थल पर भौतिक कब्जा नहीं दिलाया गया है. बटाने जलाशय योजना में विस्थापितों की संख्या 1047 है, लेकिन विस्थापितों की नियुक्ति में अन्याय किया गया. महज 10 लोगों को ही नियुक्त किया. किसानों ने अपनी समस्याओं से सांसदों व अन्य जनप्रतिनिधियों का ध्यान आकृष्ट कराया. आमसभा में उपस्थित सांसदों ने विस्थापित किसानों की मांग को जायज करार दिया और कहा कि उनके साथ न्याय होगा.
समस्या के समाधान के साथ-साथ मुआवजा भी दिलाया जायेगा. आमसभा को संबोधित करते हुए सांसद सुशील कुमार सिंह ने कहा कि बिहार-झारखंड के विभाजन के बाद भी दोनों का संबंध भाई का था और आगे भी रहेगा. पलामू व औरंगाबाद का नाता कभी अलग नहीं हो सकता. बटाने जलाशय के विस्थापितों को मुआवजा भी ससमय नहीं दिये जाने के कारण यह समस्या खड़ी हुई है. 40 साल पूर्व इस परियोजना का शुभारंभ किया गया था, लेकिन काम पूरा नहीं किया जा सका. समस्याओं के जड़ तक पहुंचने के लिए कोई प्रयास नहीं कर पाया.
कुछ दिन पहले पलामू के सांसद के साथ डैम तक पहुंचे तो पता चला कि विस्थापितों की कुछ मांगें है, जो व्यवहारिक और जायज है. विस्थापितों की वाजिब मांग को पूरा कराने का हर संभव प्रयास किया जायेगा. मुआवजे का प्रस्ताव बना कर भेज दिये जाने के बाद भी तीन साल तक भुगतान नहीं हो पाता तो योजना का पैसा लैप्स कर जाता है. उन्होंने कहा कि समस्या के समाधान के साथ मुआवजा मिलना चाहिए.
सांसद ने यह भी कहा कि आज पानी का स्टॉक नहीं होने के कारण केवल सिंचाई की ही परेशानी नहीं हो रही है, बल्कि डालटेनगंज व आसपास के इलाके में पेयजल संकट गहराता जा रहा है. जंगली जानवरों को भी पानी की जरूरत होती है. औरंगाबाद में पानी की तलाश में हाथियों के झुंड प्रवेश कर गया है. अभी तक दो लोगों की मौत हो चुकी है.
केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को इस मामले के प्रति ध्यान आकृष्ट कराया हूं. पलामू सांसद बीडी राम ने कहा कि विस्थापित नियम के विरुद्ध कार्य करने को तैयार नहीं है. उनकी मांगे वाजिब है. समस्या का समाधान निकाल कर जलाशय का काम पूरा कराया जायेगा. विधायक राधा कृष्ण किशोर ने कहा कहा कि विस्थापितों की कमेटी की बैठक नहीं होती है,इसलिए समस्या उत्पन्न हो रही है.
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