शहर में बढ़ रहा अपार्टमेंट कल्चर
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :25 Dec 2015 12:46 AM (IST)
विज्ञापन

मंहगी जमीन खरीदने के बजाय लोग खरीद रहे फ्लैट शहर में कई कंस्ट्रक्शंस कंपनियां बना रहीं अपार्टमेंट साढ़े सात लाख में घर के सपने हो रहे पूरे औरंगाबाद (ग्रामीण) : इंसान के जीवन में रोटी व कपड़ा का जितना महत्व है उससे कम मकान का महत्व नहीं है. सिर छुपाने के लिए छत बेहद जरूरी […]
विज्ञापन
मंहगी जमीन खरीदने के बजाय लोग खरीद रहे फ्लैट
शहर में कई कंस्ट्रक्शंस कंपनियां बना रहीं अपार्टमेंट
साढ़े सात लाख में घर के सपने हो रहे पूरे
औरंगाबाद (ग्रामीण) : इंसान के जीवन में रोटी व कपड़ा का जितना महत्व है उससे कम मकान का महत्व नहीं है. सिर छुपाने के लिए छत बेहद जरूरी है. हर इंसान चाहता है कि उसके सपनों का एक घर हो, जिसमें वह खुशी-खुशी परिवार के साथ जीवन व्यतीत कर सके. कमाने के लिए कई दरवाजे खुले हैं.
लेकिन छत पाने के लिए परिश्रम के साथ-साथ रुपयों की भी जरूरत पड़ती है. देश के बड़े-बड़े शहरों में ऊंची-ऊंची व खूबसूरत मकान को देख हर व्यक्ति के जेहन में होता है कि ऐसा मकान उसका भी हो. लेकिन बढ़ती महंगाई से कई के सपनों को पंख ही नहीं लगे. आज जमीन व निर्माण सामग्री के आसमान छू रही कीमतों ने घर बनाने की सपनों को चूर कर दिया है.
यही कारण है कि अब अधिकतर लोग जमीन खरीदकर घर बनाने से बेहतर फ्लैट लेने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं. हाल के दिनो में औरंगाबाद शहर में बिल्डिंग कंस्ट्रक्शंस कंपनियों के आगमन ने सपनों के घर खरीदने वाले लोगों की उम्मीदें जगा दी है. शहर के कई इलाकों में तेजी से हो रहे अपार्टमेंट के निर्माण ने शहर को विकास के रास्ते पर भी बढ़ाया है. अपार्टमेंट खरीदने के लिए लोग इनके दफ्तरों तक पहुंचने लगे है.
अधिकतर कंपनियों की बन रही बिल्डिंग को लोगों ने पसंद कर अपने नाम से बुक भी करा रहे हैं. औरंगाबाद शहर में वास्तु विहार, अपना बसेरा, समृद्धि कंस्ट्रक्शंस गोकुलम जैसी कई बिल्डिंग कंस्ट्रक्शंस कंपनियां लगातार अपने निर्माण कार्यों को आगे बढ़ा रही है. गोकुलम कंपनी कर्मा रोड में और अपना बसेरा सिन्हा कॉलेज रोड व चितौड़ नगर में अपार्टमेंट का निर्माण कर रही है. इन दोनों कंपनियों के अधिकतर फ्लैट बुक हो चुके हैं.
मकान बनाने में महंगी निर्माण सामग्री भी बाधक
शहर के विभिन्न इलाकों में जमीन के भाव अलग-अलग है. शहरी इलाकों में महंगी जमीन खरीद कर मकान बनाने की हिम्मत मिडिल क्लास फैमली के लोग नहीं कर सकते हैं. शहर से सटे हुए इलाकों में जमीन की कीमत छह लाख से 15 लाख रुपये डीसमिल तक है.
साधारण घर बनाने के लिए एक व्यक्ति को कम से कम डेढ़ से दो डीसमिल जमीन चाहिए, इसके लिए उन्हें 12 लाख से 30 लाख रुपये तक जमीन मालिक को देना पड़ सकता है, ऊपर से नगरपालिका क्षेत्र में रजिस्ट्री का शुल्क हजारों में अलग से जमा करना होगा. जमीन खरीदने के बाद मकान बनाने में महंगी सामग्री निर्माण में बाधक बन सकती है.
सरिया 3200 से 3600 प्रति क्विटंल, सीमेंट 240 से 350 रुपये प्रति बैग, गिट्टी 3500 से 3800 प्रति सीएफटी व ईंट 5000 से 5200 रुपये प्रति हजार बाजार में है. इसके अलावे निर्माण में कामगारों का शुल्क परेशानियों को बढ़ाने में एक और कारण है. प्रति मजदूर ढाई सौ रुपये व प्रति राजमिस्त्री साढे चार सौ रुपये मकान बनाने वालों के लिए मुश्किल साबित हो रहे हैं.
यानी दो डिसमिल जमीन खरीदकर एक साधारण मकान बनाने में 15 से 20 लाख रुपये खर्च करने पड़ेंगे. ऐसे में अगर साढे सात लाख से लेकर 10 लाख में शहरी इलाके में एक बीएच का मकान सारी सुविधाओं के साथ मिल जाये तो इससे बड़ी बात क्या होगी.
घर के साथ-साथ सुविधाएं कर रहीं आकर्षित
शहर में बड़ी-बड़ी कंस्ट्रक्शंस कंपनियां अपार्टमेंट निर्माण करा रही है. इन अपार्टमेंटों को सारी सुविधाओं से संपन्न किया गया है.
बेहतर मकान के साथ-साथ स्वच्छ पेयजल, बिजली, सुरक्षा, स्कूल व पूजा-पाठ के लिए मंदिर का लाभ तो दिया ही जा रहा है साथ में पार्किंग की व्यवस्था घर खरीदने वाले लोगों को आकर्षित कर रही है. गोकुलम के डायरेक्टर अमृतेश पाठक ने बताया कि जब औरंगाबाद में पहली बार अपार्टमेंट बनाने के लिए जमीन की खरीदी की थी, तो ऐसा लग रहा था कि अपार्टमेंट की ओर लोग आकर्षित नहीं होंगे. लेकिन निर्माण सामग्री व जमीन की ऊंची कीमतों ने अपार्टमेंट की ओर लोगों को मोड़ा है.
अभी अपार्टमेंट का निर्माण चल ही रहा है, लेकिन 60 प्रतिशत से ऊपर फ्लैट खरीदे जा चुके हैं. अमृतेश की माने तो वन बीएचके की कीमत नौ लाख 20 हजार व थ्री बीएचके कीमत 15 लाख 60 हजार हैं. इसमें सारी सुविधाएं घर मालिक को दी जायेगी. अपना बसेरा कपंनी के सीनियर मार्केटिंग एग्जिक्यूटिव विवेक कुमार अरुण ने बताया कि उनकी कंपनी में 2450 रुपये प्रति स्कावयर फुट की कीमत पर अपार्टमेंट की सुविधा दी जा रही है.
हमारे यहां शहर के दो जगहों पर निर्माण चल रहा है और दोनों जगहों पर अधिकतर फ्लैट बिक्री हो चुकी है. इनकी माने तो शहर से ज्यादा ग्रामीण क्षेत्र के लोग मकान की बुक कराये हैं. मकान खरीदने वालों में हर तरह के लोग हैं. वन बीएचके से लेकर थ्री बीएचके तक लोग खरीद रहे हैं. मकान लीज पर नहीं बल्कि उनके नाम से रजिस्ट्री की जा रही है
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










