सोन नद की झाड़ियों की आड़ में चल रही थी मिनी गन फैक्टरी

Published at :24 Dec 2015 6:53 PM (IST)
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सोन नद की झाड़ियों की आड़ में चल रही थी मिनी गन फैक्टरी

सोन नद की झाड़ियों की आड़ में चल रही थी मिनी गन फैक्टरी मास्टर माइंड ने खोले कई राज फोटो नंबर-7,8,परिचय-गिरफ्तार हथियार निर्माण कर्ता के साथ प्रेस वार्ता करते एसपी बाबू राम, बरामद निर्मित व अर्धनिर्मित हथियारऔरंगाबाद (नगर).अवैध रूप से हथियार बनाने के लिए बारुण में मिनी गन फैक्टरी सोन नद की झाड़ियों में वर्षों […]

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सोन नद की झाड़ियों की आड़ में चल रही थी मिनी गन फैक्टरी मास्टर माइंड ने खोले कई राज फोटो नंबर-7,8,परिचय-गिरफ्तार हथियार निर्माण कर्ता के साथ प्रेस वार्ता करते एसपी बाबू राम, बरामद निर्मित व अर्धनिर्मित हथियारऔरंगाबाद (नगर).अवैध रूप से हथियार बनाने के लिए बारुण में मिनी गन फैक्टरी सोन नद की झाड़ियों में वर्षों से चल रही थी. पुलिस अधीक्षक बाबू राम के अनुसार सोन नदी की झाड़ियों की आड़ में अपराधियों ने मिनी गन फैक्टरी बना रखा था. मिनी गन फैक्टरी का मुख्य सरगना मास्टर माइंड संजय विश्वकर्मा, पिता मुखलाल मिस्त्री झारखंड राज्य के गढ़वा जिला अंतर्गत रामपुर गांव का रहनेवाला है और पिछले काफी दिनों से सोन नद में मिनी गन फैक्टरी बना कर हथियारों की सप्लाइ नक्सलियों व अपराधियों के बीच कर रहा था. छापेमारी के दौरान यहां से एक पुराना हथियार भी पुलिस ने बरामद किया है, जो किसी अपराधी ने मरम्मत करने के लिए दिया था. पूछताछ के क्रम में मुख्य सरगना संजय विश्वकर्मा ने पुराना हथियार को बनाने के लिए देनेवाले व्यक्ति का नाम का भी खुलासा किया है, लेकिन पुलिस अभि नाम सार्वजनिक नहीं करना चाहती है. नाम आने पर इसका फायदा अपराधी उठा कर भाग सकते हैं. एसपी ने बताया कि संजय विश्वकर्मा ने हथियार लेने व बनवाने वालों के संबंध में भी कई राज खोले हैं, जिस पर कार्रवाई जारी है. एसपी ने बताया कि मुख्य सरगना गढ़वा में भी हथियार बनाने का काम करता था और पिछले ढ़ाई साल से सोन नद में हथियार बनाने का काम कर रहा था. इस अवैध फैक्टरी में छह राउंड का पिस्टल बनाने का भी उपकरण बरामद हुआ है. इससे स्पष्ट होता है कि यहां छह राउंड का पिस्टल भी बनाये जाते थे. लोहे की पाइप को हथियार की नली बनाने का उपयोग में लाया जाता था. एसपी ने यह भी बताया कि छापेमारी के पहले हथियार बनानेवाले अपराधियों ने हथियार को और कहीं छिपा कर रखा था. संभावना है कि उन्हें पुलिस के आने की भनक मिल गयी थी, अन्यथा और अधिक मात्रा में हथियार बरामद होते. अर्धनिर्मित हथियार बरामद : सोन नद के दियारा क्षेत्र में पकड़े गये मिनी गन फैक्टरी से एक 315 बोर की थ्री नॉट थ्री, दो 315 बोर का देशी कट्टा, पांच जिंदा कारतूस, लोहे का बना तीन अवैध शस्त्र, लोहे का बना दो देशी कट्टा, लोहे का बना हुआ सात ट्रिंगर, लोहे का चार ट्रिंगर का कभर, वाहन की स्टेरिंग की तीन पाइप, लोहे का बना सिक्स राउड रिवालवर की एक चकरी, छह पीस हेक्सा ब्लेड, सात पीस लोहे की रेती, 20 छेनी, दो सड़सी, दो हथौड़ी, एक लोहे का नेहाई, एक लकड़ी पर कसा हुआ लोहे का वाइस मशीन व अन्य सामान बरामद हुए हैं.रुपये व मोबाइल भी मिले : पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इन लोगों के पास से खाना बनाने के बरतन व सामग्री भी बरामद किये गये है,जिनमें एक डेकची, एक केन, दो थाली, एक छोलनी, एक कड़ाही, एक मग, लोहा साफ करने वाला सरेस कागज दो, भोला साव के पास से पर्स में 1560 रुपये, एक काला रंग का सैमसंग कंपनी को मोबाइल सेट, भरत पासवान के पास से ब्लू रंग का समसैंग कंपनी का मोबाइल सेट बरादम किया गया है.

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