औरंगाबाद के गोरडीहा गांव में ईशान का पैतृक घर

औरंगाबाद के गोरडीहा गांव में ईशान का पैतृक घर फोटो नंबर-23- ईशान किशन के पैतृक घर, परदादा राजनंदन पांडेय, खेती कराते परदादा, ईशान के पिता प्रणव पांडेय, ग्रामीण मनोज कुमार चतुर्वेदी, राकेश पांडेय, मुखिया भगवान सिंह एवं विधायक वीरेंद्र कुमार सिन्हा़दाउदनगर प्रखंड के गोरडीहा गांव में रहते हैं ईशान के दादा व परदादापिता व मां […]
औरंगाबाद के गोरडीहा गांव में ईशान का पैतृक घर फोटो नंबर-23- ईशान किशन के पैतृक घर, परदादा राजनंदन पांडेय, खेती कराते परदादा, ईशान के पिता प्रणव पांडेय, ग्रामीण मनोज कुमार चतुर्वेदी, राकेश पांडेय, मुखिया भगवान सिंह एवं विधायक वीरेंद्र कुमार सिन्हा़दाउदनगर प्रखंड के गोरडीहा गांव में रहते हैं ईशान के दादा व परदादापिता व मां पटना में, तो दादी रहती हैं नवादा मेंप्रतिनिधि, औरंगाबाद/दाउदनगर बांग्लादेश में जनवरी में होनेवाले अंडर-19 क्रिकेट विश्व कप का कप्तान ईशान किशन मूल रूप से औरंगाबाद जिले के दाउदनगर प्रखंड क्षेत्र के गोरडीहा गांव का निवासी है. ईशान के पिता प्रणव पांडेय व मां सुचित्रा सिंह सपरिवार पटना के राजेंद्रनगर में रहते हैं और दवा के व्यवसाय से जुड़े हु हैं. ईशान का जन्म 1998 में हुआ है. उसका बड़ा भाई रवि किशन डॉक्टर बनने की दिशा में प्रयासरत है. मां सुचित्रा सिंह गृहणी हैं. दादी डाॅ सुचित्रा सिन्हा नवादा की सिविल सर्जन रह चुकी हैं. रिटायरमेंट के बाद दादी ने नवादा में ही अपना घर बना लिया है. गोरडीहा स्थित पैतृक घर में दादा रामउग्रह पांडेय (65) व परदादा रामजनम पांडेय (91 वर्ष) रहते हैं. दादा इलाहाबाद से कनीय अभियंता के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं. परदादा रामजनम पांडेय भी इलाहाबाद से ही प्राध्यापक पद से रिटायर्ड हुए हैं. ईशान की इस सफलता से दादा व परदादा इशान की उपलब्धि पर गौरवांवित महसूस कर रहे हैं. गोरडीहा गांव में जश्न का माहौल है. राकेश पांडेय व मनोज कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि ईशान की सफलता सिर्फ गांव की नहीं, बल्कि पूरे राज्य की है. ईशान साल में एक-दो बार ही अपने गांव आता है. गोरडीहा पंचायत के मुखिया भगवान सिंह ने कहा कि ईशान ने सबका सम्मान बढ़ाया है. इस बार जब वह गांव आयेगा, तो पूरे पंचायत की तरफ से अपने इस लाल को सम्मानित किया जायेगा. वह ईशान समेत पूरे परिवार को बधाई देते हैं. ईशान ने पूरा किया उनका सपना : परदादा मंगलवार को जब प्रभात खबर की टीम ईशान के पैतृक घर गोरडीहा पहुंची, तो घर में डोमन पासवान मवेशियों की देखरेख कर रहे थे. पता चला कि दादा दाउदनगर गये हैं और परदादा खेत पर हैं. खेत की क्यारियों से गुजरते हुए प्रभात खबर के प्रतिनिधि ईशान के परदादा रामजनम पांडेय तक पहुंचे, तो वे चने की खेती के लिए खेत की जुताई करा रहे थे. उन्होंने अपने परपोते की सफलता पर कहा कि ईशान ने उनका सपना पूरा कर दिया. उनकी कामना है कि वह भारतीय क्रिकेट टीम (सीनियर) का प्रतिनिधित्व करे. उन्होंने अपनी बहू को चिट्ठी लिख कर बधाई भेज दी है. इस दौरान उन्होंने राहुल द्रविड़ का नाम भी लिया. परदादा द्वारा बताया गया कि ईशान के पिता दो भाई हैं. ईशान के चाचा नीलोत्पल कांत पांडेय दिल्ली में रहते हैं. मुख्यमंत्री ने दी बधाईसूचना है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी ईशान किशन के पिता प्रणव पांडेय को फोन कर इस खुशी को साझा किया. उन्होंने परिवार को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी है. पिता ने प्रभात खबर को दूरभाष पर बताया कि मुख्यमंत्री ने मंगलवार को फोन किया था. परिवार के सदस्य काफी उत्साहित हैं. पिता ने बताया कि इस समय बेंगलुरु में झारखंड की तरफ से रणजी ट्रॉफी का मैच खेल रहे ईशान किशन को जैसे ही वक्त मिलेगा, वह गांव जरूर आयेगा. वैसे वह हर साल एक-दो बार गांव जाता रहता है.विधायक ने दी बधाईईशान की इस सफलता पर ओबरा विधायक वीरेंद्र कुमार सिन्हा ने बधाई देते हुए कहा कि इससे सूबे का मान बढ़ा है. क्षेत्र में खेल के विकास को गति प्रदान की जायेगी. इससे प्रतिभावान खिलाड़ी इससे उत्साहित होंगे. बीसीसीआई कर रही भेदभाव ईशान को बधाई देते हुए जिला क्रिकेट एसोसिएशन के सचिव रवींद्र कुमार रवि ने बताया कि बीसीसीआइ द्वारा बिहार के साथ भेदभाव कर रही है. इस कारण बेहतर खिलाड़ियों को दूसरे राज्यों का रुख करना पड़ रहा है. बिहार को बीसीसीआइ के टूर्नामेंट कैलेंडर में नहीं शामिल किया गया.
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