बिना किताब कैसे होगी पढ़ाई

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शिक्षा सत्र के पांच माह बाद भी नहीं मिलीं किताबें अंबा : नये वर्ष में शिक्षा सत्र के शुरू हुए पांच माह बीत गये, लेकिन सरकारी स्कूलों में अभी तक बच्चों को किताबें नहीं मिली है. स्थिति यह है कि बच्चों को किताबें कब मिलेंगी इसकी भी कोई निश्चित जानकारी नहीं मिल रही है. बच्चे […]

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शिक्षा सत्र के पांच माह बाद भी नहीं मिलीं किताबें

अंबा : नये वर्ष में शिक्षा सत्र के शुरू हुए पांच माह बीत गये, लेकिन सरकारी स्कूलों में अभी तक बच्चों को किताबें नहीं मिली है. स्थिति यह है कि बच्चों को किताबें कब मिलेंगी इसकी भी कोई निश्चित जानकारी नहीं मिल रही है.

बच्चे किताबों के बारे में प्रतिदिन शिक्षकों से पुछते हैं, लेकिन शिक्षक उनके सवाल पर टाल मटोल का रवैया अपनाते हैं. बच्चों को लग रहा है कि इस वर्ष उनको किताबें नहीं मिलेगी.

हालांकि पिछले माह किताबें आयीं और बच्चों के बीच बांटी भी गयीं, लेकिन किसी भी स्कूल में सभी क्लास के किताबों के सेट का वितरण नहीं हो सका. सबसे अधिक परेशानी आठवीं कक्षा के छात्रों का है, क्योंकि उनको एक भी किताब नहीं मिल पायी है. हैरत की बात तो यह है कि सरकारी स्कूल में चलने किताब अब दुकानों में भी उपलब्ध नहीं रहते. इसे विडंबना ही कहेंगे कि किसी स्कूल में हिंदी की जगह उर्दू की किताब मिली है.

क्या कहते हैं अधिकारी

जून में किताब आने की बात वरीय अधिकारियों ने कही थी. जुलाई में कुछ किताबें आई और कुछ अगस्त में, पर अभी भी सभी कक्षाओं की पूरा सेट उपब्ध नहीं हो पाया है. जो किताबें आयी है उसका वितरण किया जा रहा है.

महेंद्र नाथ, बीइओ, अंबा

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