औरंगाबाद के दाउदनगर में बढ़ रहे सड़क हादसे, प्रमुख मार्गों पर स्पीड कैमरा लगाने की उठी मांग

Edited by Vivek Pandey
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Aurangabad News: औरंगाबाद के दाउदनगर अनुमंडल में तेज रफ्तार वाहनों के कारण लगातार सड़क हादसे हो रहे हैं. स्थानीय लोगों और व्यवसायिक संघ ने एनएच-139 व एनएच-120 समेत प्रमुख मार्गों पर स्पीड कैमरा लगाने और ऑनलाइन चालान व्यवस्था लागू करने की मांग की है.

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Aurangabad News (ओम प्रकाश) औरंगाबाद जिले के दाउदनगर अनुमंडल क्षेत्र में तेज रफ्तार वाहनों का कहर लगातार लोगों की जान ले रहा है. सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन और परिवहन विभाग की ओर से समय-समय पर जागरूकता अभियान चलाए जाने के बावजूद सड़क दुर्घटनाओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. हाल के दिनों में हुई कई दर्दनाक दुर्घटनाओं ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है. स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो हादसों की संख्या और बढ़ सकती है.

प्रमुख मार्गों पर धड़ल्ले से दौड़ रहे तेज रफ्तार वाहन

अनुमंडल के लगभग सभी प्रमुख मार्गों पर वाहन चालक गति सीमा की अनदेखी कर रहे हैं. चाहे एनएच-139 पर औरंगाबाद-दाउदनगर-पटना मुख्य मार्ग हो, एनएच-120 पर दाउदनगर-गोह-गया मार्ग हो या दाउदनगर-बारुण रोड, हर जगह तेज रफ्तार वाहन दौड़ते नजर आते हैं.

लापरवाही और ओवरटेकिंग बन रही हादसों की बड़ी वजह

सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार अधिकांश सड़क दुर्घटनाओं के पीछे तेज गति, लापरवाही से वाहन चलाना, गलत तरीके से ओवरटेक करना तथा यातायात नियमों का उल्लंघन प्रमुख कारण हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि तेज रफ्तार के कारण वाहन चालकों को अचानक ब्रेक लगाने का पर्याप्त समय नहीं मिल पाता, जिससे छोटी सी चूक भी बड़े हादसे में बदल जाती है. इन दुर्घटनाओं में कई परिवार अपने प्रियजनों को खो चुके हैं, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल होकर आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना कर रहे हैं.

व्यवसायिक संघ ने उठाई स्पीड कैमरा लगाने की मांग

बढ़ती दुर्घटनाओं को देखते हुए अब प्रमुख और संवेदनशील स्थानों पर स्पीड लिमिट कैमरा लगाने की मांग जोर पकड़ने लगी है. व्यवसायिक संघ, दाउदनगर के अध्यक्ष रमेश कुमार भारती ने कहा कि एनएच-139 के चौड़ीकरण में अभी काफी समय लग सकता है. ऐसे में तत्काल प्रभाव से दुर्घटनाओं पर नियंत्रण के लिए स्पीड लिमिट कैमरा और ऑनलाइन चालान व्यवस्था लागू की जानी चाहिए.

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उन्होंने सभी प्रमुख मार्गों पर गति सीमा संबंधी बोर्ड लगाने, बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों, विशेषकर ट्रैक्टरों की सघन जांच करने तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की भी मांग की.

इन स्थानों पर कैमरा लगाने की मांग

स्थानीय लोगों ने एनएच-139 पर तरारी ओवरब्रिज, उमरचक, ठाकुर बिगहा, शमशेर नगर और जिनोरिया के अलावा एनएच-120 पर नवरतनचक और सिहाड़ी तथा दाउदनगर-नासरीगंज सोन पुल रोड स्थित शहीद प्रमोद सिंह चौक के पास स्पीड कैमरा लगाने की मांग की है.

तकनीकी निगरानी से हादसों पर लग सकती है रोक

नागरिकों का कहना है कि तकनीकी निगरानी, ऑनलाइन चालान व्यवस्था और यातायात नियमों का सख्ती से पालन कराने पर ही तेज रफ्तार पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है. लोगों का मानना है कि यदि प्रशासन समय रहते आवश्यक कदम उठाता है तो सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है और कई लोगों की जान बचाई जा सकती है.

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Vivek Pandey

लेखक के बारे में

By Vivek Pandey

विवेक रंजन पांडेय का जन्म और पालन-पोषण बिहार के गौरवशाली इतिहास और ज्ञान की भूमि नालंदा में हुआ. इसी पावन धरती के संस्कारों ने उन्हें समाज और व्यवस्था को गहराई से देखने का नजरिया दिया. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर बदलने के लिए उन्होंने पटना के आर्यभट्ट विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. पिछले 7 वर्षों से टीवी चैनल के जरिए रिपोर्टिंग फील्ड में लगातार सक्रिय हैं. Network 10 National News Channel से करियर की शुरुआत की. उसके बाद कई संस्थानों में काम किया. शिक्षा और राजनीति के साथ कृषि, महिला सुरक्षा से जुड़े मुद्दे पर विशेष रूचि रखते हैं. पत्रकारिता की बारीकियों को सीखा और ग्राउंड जीरो पर रहकर जनता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया. वर्तमान में Prabhat Khabar के माध्यम से बिहार की खबरों को एक नया आयाम दे रहे हैं. वे बिहार की राजनीति के साथ-साथ देश की सियासी हलचलों पर भी पैनी नजर रखते हैं. अपने शानदार करियर में उन्होंने ​बिहार के वर्तमान मुख्यमंत्री जब वह उप मुख्यमंत्री थे तब इंटरव्यू किया. इसके साथ कैबिनेट के अधिकांश प्रमुख मंत्रियों का विशेष इंटरव्यू किया है. ​बिहार के शीर्ष नेताओं और नौकरशाहों को बहुत करीब से देखा, समझा और उनकी नीतियों का निष्पक्ष विश्लेषण किया. ​जटिल राजनीतिक घटनाक्रमों को बेहद सरल भाषा में जनता के सामने पेश किया है.

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