मानदेय बढ़ाने की मांग को लेकर औरंगाबाद में 300 से ज्यादा सफाईकर्मी बैठे हड़ताल पर, नगर परिषद-कार्य एजेंसी पर लगा शोषण का आरोप

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सड़क पर सफाई कर्मियों की भीड़

औरंगाबाद नगर परिषद के 300 से अधिक सफाईकर्मियों ने मानदेय बढ़ाने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की, जिससे शहर की सफाई व्यवस्था पर संकट मंडराया।

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Aurangabad Safaikarmi Hadtaal : बिहार में इन दिनों सफाईकर्मियों की हड़ताल का असर साफ नजर आने लगा है. अलग-अलग जिलों में कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर काम बंद कर सड़कों पर उतर आए हैं. पटना समेत कई शहरों में सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई है. प्रशासन की ओर से स्वच्छता को लेकर अभियान जरूर चलाए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि सड़कों, गलियों और मोहल्लों में कचरे का अंबार लग चुका है. बारिश के मौसम में इस तरह फैली गंदगी से लोगों का जीना मुश्किल हो गया है और बीमारियों का खतरा भी बढ़ता जा रहा है.

इसी कड़ी में औरंगाबाद नगर परिषद क्षेत्र में भी सफाई व्यवस्था पर संकट खड़ा हो गया है. यहां के सफाईकर्मियों ने मानदेय बढ़ाने समेत कई मांगों को लेकर बुधवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है. इस हड़ताल में 300 से अधिक सफाई मजदूर शामिल हैं, जिससे शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप पड़ने की आशंका है.

मानदेय बढ़ाने की मांग पर अड़े सफाईकर्मी

हड़ताल पर बैठे सफाईकर्मियों का कहना है कि उन्हें वर्तमान में 12 से 15 हजार रुपये मासिक मानदेय मिलता है, जो बढ़ती महंगाई के दौर में परिवार चलाने के लिए बेहद कम है. मजदूरों ने मांग की है कि उन्हें प्रतिदिन 428 रुपये की दर से नहीं, बल्कि सरकार द्वारा निर्धारित मानदेय के अनुसार 22 से 25 हजार रुपये मासिक वेतन दिया जाए.

नगर परिषद प्रशासन और कार्य एजेंसी पर लगा आरोप

उनका आरोप है कि नगर परिषद प्रशासन और कार्य एजेंसी लगातार उनका शोषण कर रही है. बार-बार मांग उठाने के बावजूद उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है.

पहले भी मिला था आश्वासन, नहीं हुआ समाधान

सफाईकर्मियों ने बताया कि इससे पहले भी वेतन बढ़ाने को लेकर आंदोलन किया गया था. उस समय नगर परिषद की ओर से जल्द समाधान का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक उस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया.

इसी कारण इस बार मजदूरों ने आर-पार की लड़ाई का फैसला किया है. उनका कहना है कि जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक हड़ताल जारी रहेगी.

नगर परिषद और एजेंसी पर लापरवाही का आरोप

औरंगाबाद नगर परिषद में सफाई व्यवस्था एक एनजीओ के माध्यम से संचालित होती है. सफाईकर्मियों का आरोप है कि एजेंसी और नगर परिषद दोनों की उदासीनता के कारण उन्हें न तो उचित मानदेय मिल रहा है और न ही जरूरी सुविधाएं.

हड़ताली कर्मियों का कहना है कि नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी और अध्यक्ष के रवैये से वे काफी निराश हैं और अब केवल आश्वासन पर भरोसा नहीं करेंगे.

शहर में बढ़ा कचरे का संकट

हड़ताल के कारण शहर के कई वार्डों में कचरा उठाव बंद हो गया है. अगर यह स्थिति लंबी चली, तो हालात और भी बिगड़ सकते हैं. जगह-जगह कचरे का ढेर लगने से आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

सबकी नजर नगर परिषद प्रशासन पर टिकी है कि वह सफाईकर्मियों की मांगों को लेकर क्या निर्णय लेता है. फिलहाल शहर की स्वच्छता व्यवस्था पर बड़ा संकट मंडरा रहा है और लोगों को राहत मिलने का इंतजार है.


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Sujit Kumar

लेखक के बारे में

By Sujit Kumar

पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता कर रहे हैं. क्राइम की खबरों में गहरी समझ है. वर्ष 2014 से प्रभात खबर औरंगाबाद में ब्यूरो चीफ की जिम्मेवारी संभाल रहे है. सच्चिदानंद सिन्हा कॉलेज औरंगाबाद से ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की.

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