मदनपुर में जर्जर भवन में पढ़ाई करने को मजबूर 186 छात्र, चार कमरे बने खतरा; दो कमरों में चल रही आठवीं तक की क्लास

Author Vinay singh|Edited by Ragini Sharma
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वर्ग कक्ष  में पढ़ते बच्चे/विधालय का जर्जर छत | Prabhat Khabar Network

वर्ग कक्ष में पढ़ते बच्चे

मदनपुर के राजकीय मध्य विद्यालय की स्थिति गंभीर है, जहाँ 186 छात्र जर्जर भवन और बुनियादी सुविधाओं की कमी का सामना कर रहे हैं। चार कमरे खस्ताहाल होने से बच्चों की सुरक्षा खतरे में है, और पढ़ाई केवल दो कमरों तक सिमट गई है।

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Aurangabad School News : औरंगाबाद जिले के मदनपुर प्रखंड अंतर्गत महुआवा पंचायत के प्राणपुर गांव स्थित राजकीय मध्य विद्यालय की स्थिति इन दिनों काफी चिंताजनक हो गई है. जर्जर भवन और बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण यहां पढ़ने वाले 186 छात्र-छात्राओं की पढ़ाई के साथ-साथ उनकी सुरक्षा भी खतरे में है. हालात ऐसे हैं कि विद्यालय के छह कमरों में से चार पूरी तरह खस्ताहाल हो चुके हैं और अब सिर्फ दो कमरों में पहली से लेकर आठवीं तक की कक्षाएं चलानी पड़ रही हैं.

विद्यालय की मौजूदा स्थिति देखकर साफ पता चलता है कि यहां पढ़ाई से ज्यादा बच्चों की सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती बन चुकी है. दीवारों और छतों में पड़ी दरारें किसी बड़े हादसे का संकेत दे रही हैं, लेकिन इसके बावजूद बच्चे उसी परिसर में पढ़ने को मजबूर हैं.

चार कमरे जर्जर, दो कमरों में सिमटी पूरी पढ़ाई

विद्यालय के चार कमरे पूरी तरह जर्जर हो चुके हैं. दीवारों में बड़ी-बड़ी दरारें हैं और छत भी कई जगह से कमजोर हो चुकी है. ऐसे में इन कमरों का इस्तेमाल करना जोखिम भरा हो गया है. मजबूरी में सभी कक्षाओं के बच्चों को दो ही कमरों में बैठाकर पढ़ाया जा रहा है.

इस कारण न तो बच्चों को ठीक से बैठने की जगह मिल पा रही है और न ही पढ़ाई का माहौल बन पा रहा है. छोटे बच्चों से लेकर बड़े छात्रों तक सभी एक साथ बैठते हैं, जिससे पढ़ाई की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है.

शिक्षकों की कमी से बढ़ी परेशानी

विद्यालय में प्रधानाध्यापक सहित कुल आठ शिक्षक कार्यरत हैं, लेकिन विषयवार शिक्षकों की कमी एक बड़ी समस्या बनी हुई है. खासकर वर्ग छह से आठ तक के लिए हिंदी और संस्कृत विषय के शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं.

इसका सीधा असर छात्रों की पढ़ाई पर पड़ रहा है. पाठ्यक्रम समय पर पूरा नहीं हो पा रहा है और बच्चों को विषयों की सही समझ भी नहीं मिल पा रही है. शिक्षक भी सीमित संसाधनों में किसी तरह पढ़ाई को संभालने की कोशिश कर रहे हैं.

बाउंड्री वॉल और आधारभूत सुविधाओं का अभाव

विद्यालय के प्रभार में रहे शिक्षक मनोज कुमार सिंह ने बताया कि स्कूल की बाउंड्री वॉल को ऊंचा करने की सख्त जरूरत है. वर्तमान में परिसर खुला होने के कारण बच्चों की सुरक्षा को लेकर हमेशा चिंता बनी रहती है.

इसके अलावा स्कूल परिसर में पेवर ब्लॉक लगाने की भी जरूरत है. बरसात के दिनों में यहां कीचड़ और जलजमाव की स्थिति बन जाती है, जिससे बच्चों को आने-जाने में भारी परेशानी होती है.

नए भवन की मांग, प्रशासन से लगाई गुहार

विद्यालय प्रबंधन ने शिक्षा विभाग से जल्द नए भवन के निर्माण की मांग की है. उनका कहना है कि वर्तमान हालात में बच्चों को सुरक्षित वातावरण में शिक्षा देना संभव नहीं है.

यदि समय रहते इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए तो किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता. स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने भी प्रशासन से इस मामले में जल्द हस्तक्षेप करने की मांग की है.


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