सरकारी अस्पताल के बाहर ही लगा है ''बीमारियों'' का अंबार
Updated at : 29 Jun 2018 5:29 AM (IST)
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पीएचसी के बाहर नहीं है नाली, कचरे का भी उठाव नहीं, बसें व ऑटो भी लगते हैं हॉस्पिटल गेट के ही पास दाउदनगर : स्वस्थ रहने के लिए स्वच्छता महत्वपूर्ण है और सरकार द्वारा स्वच्छता पर विशेष बल भी दिया जा रहा है .स्वच्छता को अपनाने के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है. […]
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पीएचसी के बाहर नहीं है नाली, कचरे का भी उठाव नहीं, बसें व ऑटो भी लगते हैं हॉस्पिटल गेट के ही पास
दाउदनगर : स्वस्थ रहने के लिए स्वच्छता महत्वपूर्ण है और सरकार द्वारा स्वच्छता पर विशेष बल भी दिया जा रहा है .स्वच्छता को अपनाने के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है. लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन दाउदनगर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के मुख्य द्वार पर ही व्याप्त गंदगी स्वच्छता अभियान की इस मुहिम पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है. नगर पर्षद द्वारा स्वच्छता के प्रति आम लोगों को जागरुक किया जा रहा है.
जगह-जगह स्वच्छता से संबंधित स्लोगन व नारे लिखवाये गये हैं, लेकिन नगर पर्षद क्षेत्र में ही स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के मुख्य द्वार के पास व्याप्त गंदगी और जलजमाव की समस्या इस अभियान की पोल खोलती दिख रहा है. प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दाउदनगर-बारुण पथ पर अवस्थित है. इसी स्थान के पास बारूण की ओर आवागमन करनेवाले यात्री बस व ऑटो भी लगते हैं.
प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में मरीज अपना इलाज कराने पीएचसी में पहुंचते हैं. पीएचसी के मुख्य द्वार पर ही जलजमाव दिखता है और इसी जलजमाव से होकर मरीजों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के भीतर प्रवेश करना पड़ता है. वर्तमान में करीब डेढ़ से 200 की संख्या में मरीज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में अपना इलाज कराने पहुंच रहे हैं. इन्हें इस जलजमाव से होकर गुजरना पड़ रहा है.
समस्या के समाधान की जरूरत: प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में मरीज अपना इलाज करा कर स्वस्थ होने के लिए पहुंचते हैं, इसलिए जरूरी है कि पीएचसी के मुख्य द्वार से इस समस्या का समाधान स्थायी रूप से कराया जाये. प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी का कहना है कि यह समस्या करीब दो-तीन वर्षों से पीएचसी के मुख्य द्वार पर व्याप्त है और इसके समाधान के लिए कई बार नगर पर्षद को पत्र भी लिखा गया है.
क्या है समस्या का कारण
पीएचसी के मुख्य द्वार के पास जलजमाव और गंदगी व्याप्त होने का प्रमुख कारण है कि इस स्थान पर जलनिकासी की व्यवस्था नहीं है. नप के सफाई कर्मचारियों द्वारा नियमित सफाई नहीं करायी जाती.
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में आउटसोर्सिंग एजेंसी द्वारा भीतरी परिसर की, तो साफ सफाई करायी जाती है, लेकिन मुख्य द्वार के बाहर सफाई नहीं की जाती. इसके लिए ये लोग में नगर पर्षद पर ही निर्भर दिखते हैं. दूसरा कारण यह है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के आसपास की खाली पड़ी जमीन पर इधर हाल के वर्षों में जम कर अतिक्रमण किया जा रहा है.
कुछ लोगों द्वारा अपना मकान भी बना लिया गया है. ऐसे कुछ लोगों द्वारा मकान के बाहर गड्ढा खोदकर घर के नाली का पानी का निकासी किया जा रहा है या फिर सड़क पर ही नाली का पानी बढ़ाया जा रहा है, जिसके कारण पीएचसी के मुख्य द्वार पर जलजमाव की समस्या व्याप्त है.
बीमारियों की संभावना
जलजमाव वाले क्षेत्रों में बीमारियां फैलने की संभावना बनी रहती है. खुद इसे स्वीकार करते हुए प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ मनोज कुमार कौशिक ने बताया कि बरसात के मौसम में मलेरिया, निमोनिया, हेपेटाइटिस समेत अन्य बीमारियां फैलने की संभावना बनी रहती है. इसलिए कहीं भी जलजमाव की समस्या नहीं होनी चाहिए. जलजमाव नहीं व्याप्त होने देना चाहिए.
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