जिले के 32 थाने नहीं हो सके अब तक ऑनलाइन

Updated at : 09 Aug 2017 12:51 PM (IST)
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जिले के 32 थाने नहीं हो सके अब तक ऑनलाइन

सुस्ती. जुलाई तक पूरी कर लेनी थी जरूरी तैयारी देशभर में कहीं से देख सकेंगे एफआइआर का स्टेटस अपराधियों का रेकॉर्ड रखना और पहचान करना होगा आसान औरंगाबाद सदर : किसी भी तरह की समस्या को लेकर पुलिस थानों का चक्कर लगाने से अभी आम आदमी की जान बचती दिखायी नहीं दे रही है. लोगों […]

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सुस्ती. जुलाई तक पूरी कर लेनी थी जरूरी तैयारी
देशभर में कहीं से देख सकेंगे एफआइआर का स्टेटस
अपराधियों का रेकॉर्ड रखना और पहचान करना होगा आसान
औरंगाबाद सदर : किसी भी तरह की समस्या को लेकर पुलिस थानों का चक्कर लगाने से अभी आम आदमी की जान बचती दिखायी नहीं दे रही है. लोगों की सुविधा के लिए सभी थानों को ऑनलाइन किये जाने की मुहिम जिले में कछुए की रफ्तार से चल रही है.
दरअसल बदलती टेक्नोलॉजी की दुनिया में थानों को भी अपडेट किया जा रहा है़. क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम यानी सीसीटीएनएस के तहत जिले के सभी थानों को ऑनलाइन प्रक्रिया से जोड़ा जाना है. इस काम को जुलाई माह में ही पूरा कर लिया जाना था, लेकिन यह अब तक पूरा नहीं हो सका है़
औरंगाबाद के थाने ऑनलाइन प्रक्रिया से जुड़ जाने के बाद आपराधिक वारदातों या शिकायतों को ऑनलाइन शिकायत दर्ज करना आम लोगों के लिए आसान हो जाता, लेकिन मामला अभी डाटा इंट्री में ही फंसा है़
थानों के पदाधिकारी बताते हैं कि ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी होने से न सिर्फ थाने का कामकाज सुधरेगा, बल्कि फालतू की माथापच्ची से मुक्ति मिल जाती और लोगों को भी अपनी शिकायतें दर्ज करने में आसानी होती़ ऐसे में अब तक थानों को ऑनलाइन प्रक्रिया के पटरी पर नहीं आने से पुराने तौर-तरीके से ही कामकाज चल रहा है.
ऑनलाइन से ये होंगे फायदे : अगर अब तक सभी थाने ऑनलाइन प्रक्रिया से जुड़ जाते हैं, तो उससे पुलिस विभाग के पास आनेवाली शिकायतों में पारदर्शिता आ जायेगी़ इससे किसी भी पुलिस थाने में हो रही कार्रवाई का विभाग के सिर्फ अधिकारियों को तुरंत पता चल जाता और आपराधिक मामलों में भी तेजी से कमी आती़ इसके अलावे आम लोगों को थाने का चक्कर लगाना नही पड़ता और न ही थानेदारों के समक्ष मिन्नतें करनी पडती़ं पारदर्शिता के लिए यह बड़ी पहल है.
30 थानों को उपलब्ध करा दिये गये हैं कंप्यूटर
औरंगाबाद जिला अंतर्गत कुल 32 थाने हैं, जिनमें दो नये ओपी बनाये गये हैं. दाउदनगर अनुमंडल के अंतर्गत आठ थाने आते हैं और बाकी 24 थाने औरंगाबाद अनुमंडल के अंतर्गत हैं. इन सभी थानों को सीसीटीएनएस योजना के तहत ऑनलाइन की प्रक्रिया से जोड़ने के लिए इन थानों को कंप्यूटर सिस्टम व ऑपरेटर उपलब्ध कराये जाने थे. अब तक 30 थानों में ये संसाधन उपलब्ध करा दिये गये हैं फिर भी ऑनलाइन की प्रक्रिया यहां पूरी नहीं हो सकी है़
ऑपरेटर नहीं मिलने से प्रभावित हुआ काम
जिले के तीन ऐसे थाने हैं, जहां अब तक डाटा इंट्री का भी काम शुरू नहीं हो सका है़ ऑपरेटर के कारण टंडवा, नरारी व खैरा थाना का ऑनलाइन प्रक्रिया से जोड़ने का मामला लटका हुआ है़ जब इस संबंध में पुलिस लाइन के पदाधिकारी से बात की गयी तो उन्होंने बताया कि ऑपरेटर्स का चयन हो चुका है, जिन्हें जल्द ही इन थानों में डाटा इंट्री के लिए लगाया जायेगा़
नवंबर तक काम पूरा कराने का लक्ष्य
जिले के 30 थानों को सीसीटीएनएस परियोजना के तहत ऑनलाइन प्रक्रिया से जोड़ने के लिए सारे संसाधन उपलब्ध कराये गये हैं, जिस पर प्रशिक्षित कंप्यूटर ऑपरेटर काम कर रहे हैं.
ऑनलाइन प्रक्रिया को छह महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है़ मई 2017 से डाटा इंट्री का काम शुरू हुआ है, जिसमें मई 2007 से अब तक जितनी भी एफआइआर थानों में दर्ज हैं, की इंट्री का कार्य चल रहा है़ साथ ही साथ, हाल में हुए एफआइआर को भी कंप्यूटर में अपलोड किया जा रहा है़ इसके बाद सभी थाने कोर्ट व जेल से आपस में कनेक्ट हो जायेंगे़ आम लोग भी एफआइआर का स्टेटस आसानी से देख सकेंगे और अपनी शिकायतों को भी दर्ज कर सकेंगे़
अवधेश कुमार, सार्जेंट मेजर, सीसीटीएनएस समन्वयक
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