Bihar Bhumi: बिहार के अरवल जिले में बेनीपुर उपवितरणी (छोटी नहर) की मरम्मत कार्य से जुड़े भू-अर्जन के लंबित मामलों के समाधान को लेकर जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है. जिलाधिकारी अमृषा बैंस की अध्यक्षता में कुर्था प्रखंड के मानिकपुर और कोनी गांव के रैयतों के साथ एक अहम बैठक आयोजित की गई. इस बैठक का मकसद भू-अर्जन से जुड़ी दिक्कतों को समझना और उनका जल्द समाधान निकालना था.
बैठक के दौरान डीएम अमृषा बैंस ने सबसे पहले रैयतों से सीधे उनकी समस्याएं सुनीं. रैयतों ने भू-अर्जन की लंबित राशि, कागजातों की कमी और प्रक्रिया में हो रही देरी को लेकर अपनी परेशानियां रखीं. जिलाधिकारी ने सभी बातों को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही जरूरी निर्देश दिए.
डीएम ने अंचलाधिकारी को दिया निर्देश
डीएम ने कुर्था के अंचलाधिकारी (CO) को निर्देश दिया कि रैयतों की जमीन से जुड़े सभी जरूरी कागजात जल्द से जल्द तैयार और अपडेट किए जाएं. उन्होंने कहा कि अभिलेखों का काम प्राथमिकता के आधार पर पूरा हो, ताकि भू-अर्जन की प्रक्रिया में तेजी आए और रैयतों को जल्द भुगतान मिल सके.
इसके साथ ही जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिया कि भू-अर्जन की तय चेकलिस्ट के अनुसार जरूरी दस्तावेज जुटाने के लिए मानिकपुर गांव में विशेष शिविर लगाया जाए. इससे रैयतों को अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे और एक ही जगह सभी औपचारिकताएं पूरी हो सकेंगी.
भू-अर्जन से जुड़े सभी लंबित मामलों के जल्द निवारण का आदेश
डीएम अमृषा बैंस ने अधिकारियों को आपसी तालमेल के साथ काम करने को कहा और यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि भू-अर्जन से जुड़े सभी लंबित मामलों का जल्द निवारण हो. उन्होंने साफ कहा कि इस प्रक्रिया में रैयतों को किसी तरह की अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए.
इस बैठक में उप विकास आयुक्त शैलेश कुमार, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी विनोद कुमार, ओएसडी ऋषिकेश तिवारी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी माला कुमारी, सोन उच्च नहर प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता सहित कई अन्य अधिकारी मौजूद रहे.

