मुख्य बातें
Love Story: अरवल. कुर्था में बड़ी बहन से तय शादी के बीच युवक का दिल छोटी बहन पर आ गया और आखिरकार दोनों ने भागकर कुर्था प्राचीन सूर्य मंदिर में शादी रचा ली. यह मामला कुर्था थाना क्षेत्र के भतूबिगहा और सबलकसराय गांव से जुड़ा है, जहां शनिवार को प्रेमी जोड़े ने मंदिर पहुंचकर भगवान सूर्य को साक्षी मानते हुए वैदिक रीति से विवाह किया. जानकारी के अनुसार कुर्था थाना क्षेत्र के भतूबिगहा गांव निवासी रामचंद्र केवट के पुत्र आदित्य कुमार की शादी सबलकसराय गांव निवासी अनिल केवट की बड़ी पुत्री के साथ अप्रैल माह में तय थी. तीन माह पूर्व तिलक की रस्म भी पूरी कर ली गयी थी और परिजन अप्रैल में होने वाले विवाह की तैयारी में जुटे थे.
मोबइल पर बातचीत से बढ़ता गया प्यार
इसी दौरान युवक का संपर्क होने वाली दुल्हन की छोटी बहन से बढ़ गया. बताया जाता है कि लड़की की छोटी बहन जहानाबाद में रहकर पढ़ाई कर रही थी. इसी दौरान युवक से मोबाइल पर बातचीत शुरू हुई, जो धीरे-धीरे प्रेम संबंध में बदल गयी. दोनों का प्यार इस कदर परवान चढ़ा कि उन्होंने घर से भागकर साथ रहने का फैसला कर लिया. शनिवार को दोनों कुर्था थाना पहुंचे, जहां पुलिस की पहल पर उन्हें कुर्था प्राचीन सूर्य मंदिर भेजा गया. मंदिर में पुजारी पं. सतीश पांडेय ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ दोनों का विवाह संपन्न कराया. प्रेमी जोड़े ने भगवान सूर्य को साक्षी मानकर साथ जीने-मरने की कसमें खाईं.
मंदिर में जमा हुए सैकड़ों लोग
खरमास माह में सूर्य मंदिर में शादी की खबर फैलते ही मंदिर परिसर में सैकड़ों लोगों की भीड़ जुट गयी. लोग इस अनोखी प्रेम कहानी को देखने के लिए जमा हो गये. वहीं विवाह के दौरान युवक और युवती की माताओं का रो-रोकर बुरा हाल था. घटना को लेकर क्षेत्र में दिनभर चर्चा का माहौल बना रहा. लोगों का कहना था कि प्रेम जिससे हो उसी से शादी करना चाहिए. वैसे खरमास में शादी को लेकर लोगों में अलग-अलग राय थी. दोनों के परिजनों ने अब तक इस दंपति को स्वीकार नहीं किया है, लेकिन वो इस बात को स्वीकार करते हैं कि मंदिर में हुई शादी हो चुकी है.
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