ग्रंथों को सुरक्षित रखने की शीघ्र हो व्यवस्था
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 07 Jul 2016 4:27 AM
अरवल ग्रामीण : अंगरेजी हुकूमत के दौरान स्थापित गांधी पुस्तकालय विगत कई वर्षों से बदहाल है. कई सरकारें आयी और गयी फिर भी पुस्तकालय की स्थिति यथावत बनी है. इस पुस्तकालय का भवन काफी जर्जर हो गया है. इससे प्राचीन ग्रंथों व पुस्तकों के नष्ट होने की आशंका बनी रहती है. मालूम हो कि जियालाल […]
अरवल ग्रामीण : अंगरेजी हुकूमत के दौरान स्थापित गांधी पुस्तकालय विगत कई वर्षों से बदहाल है. कई सरकारें आयी और गयी फिर भी पुस्तकालय की स्थिति यथावत बनी है. इस पुस्तकालय का भवन काफी जर्जर हो गया है. इससे प्राचीन ग्रंथों व पुस्तकों के नष्ट होने की आशंका बनी रहती है. मालूम हो कि जियालाल ठाकुर द्वारा 5 अक्तूबर 1935 को पुस्तकालय की स्थापना की गयी थी. इसके स्थापना के बाद से यह पुस्तकालय क्षेत्र का केंद्र बिंदु बन गया और
दिनो दिन इसके सहयोग में लोग हाथ बंटाने लगे.
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