डॉ बसीर बद्र व प्रो अहमद सज्जाद को दी श्रद्धांजलि
Published by : MRIGENDRA MANI SINGH Updated At : 07 Jun 2026 6:38 PM
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बसीर बद्र उर्दू के महान शायर के अलावा जदीद शायरी को लेकर पूरी दुनिया में अपनी एक अलग पहचान रखते थे.
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लोग टूट जाते हैं एक घर बनाने में, तुम तरस क्यों नहीं खाते बस्तियां जलाने में : बसीर बद्र
अररिया. अंतरराष्ट्रीय स्तर के जदीद उर्दू के नामचीन शायर डॉ बसीर बद्र व महान इस्लामिक स्कॉलर व अदारा अदब इस्लामी हिंद के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष अहमद सज्जाद के लिए श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया. शनिवार की देर शाम सर सैयद लाइब्रेरी अररिया में अदारा अदब इस्लामी अररिया के सौजन्य से इन दोनों महान विभूति के लिए श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया. इसकी अध्यक्षता महान शिक्षाविद मो मोहसिन ने की. जबकि दूसरे शेरी नशिस्त की सदारत उर्दू के महान शायर दीन रेजा अख्तर ने किया. इस मौके पर कार्यक्रम में मौजूद वक्ताओं ने कहा कि डॉ बसीर बद्र साहब का निधन 90 वर्ष की आयु में पिछले दिनों हो गया था. वो उर्दू के महान शायर के अलावा जदीद शायरी को लेकर पूरी दुनिया में अपनी एक अलग पहचान रखते थे. उनकी हजारों शेर काफी लोकप्रिय हुई जिसमें वर्तमान हालात पर उन्होंने लिखा लोग टूट जाते हैं एक घर बनाने में, तुम तरस क्यों नहीं खाते बस्तियां जलाने में, काफी लोकप्रिय हुई, इसके अलावा उन्होंने आसान उर्दू भाषा में शायरी की जिसे सभी लोग आसानी से समझ जाते था. वहीं दूसरी ओर इस अवसर पर अदारा अदब इस्लामी के पूर्व अध्यक्ष प्रो अहमद सज्जाद को भी श्रद्धांजलि दी गयी. इस मौके पर जिया मदनी के द्वारा अहमद सज्जाद के लिए लिखी गई ताजियती नज़्म जिसमें उन्होंने लिखा शर्मा ए शुखून का निगहबान चला गया. उर्दू जुबान के दर्द का दरमाल चला गया. मौके पर मो मोहसिन ,दीन रेजा अख्तर ,प्रो अहसा आलम ,डॉ तौहीद अंसारी ,अब्दुल बारी ज़ख्मी,इनायत वसी,खुर्शीद आलम ,अहमद सद्दाम, शम्स आजम, रजी अहमद सहित अन्य लोग मौजूद थे.प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
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