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जातिसूचक गाली देने के मामले में तीन दोषियों को हुई सजा

Updated at : 15 Jul 2025 6:14 PM (IST)
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जातिसूचक गाली देने के मामले में तीन दोषियों को हुई सजा

एससी/एसटी एक्ट के स्पेशल जज मनोज कुमार तिवारी की अदालत ने जाति सूचक गाली-गलौज करने का मामला प्रमाणित होने पर दो पुरुष और एक महिला को सजा सुनायी है.

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दो पुरुषों को तीन-तीन वर्ष व महिला को एक वर्ष की हुई सजा

अररिया. न्यायमंडल अररिया के एडीजे-01 सह एससी/एसटी एक्ट के स्पेशल जज मनोज कुमार तिवारी की अदालत ने जाति सूचक गाली-गलौज करने का मामला प्रमाणित होने पर दो पुरुष और एक महिला को सजा सुनायी है. दोनों पुरुषों को तीन-तीन वर्ष व महिला को एक वर्ष की सजा मिली है. इसके अलावा तीनों आरोपियों पर जुर्माना भी लगाया गया है. सरकार की ओर से एससी/एसटी एक्ट के स्पेशल कलानंद राम व सूचक के निजी अधिवक्ता प्रणव कुमार वर्मा ने बताया कि तीन-तीन वर्ष सजा पाने वाले पुरुष क्रमश: 49 वर्षीय मो असरफ व 51 वर्षीय मो असलम दोनों पिता स्व कमरुद्दीन व 41 वर्षीय महिला बीवी मुर्शीदा पति मो मीरशद रानीगंज प्रखंड क्षेत्र के धामा वार्ड संख्या 10 का निवासी बताया जा रहा है. बताया गया कि नौ दिसंबर 2000 को धामा गांव के सूचक चंद्रभूषण पासवान व मीरा देवी के साथ आरोपियों ने जातिसूचक गाली-गलौज करते हुए सूचक के बासगीत पर्चा वाली जमीन को खाली करवाने के उद्देश्य से नाजायज मजमा बनाकर लाठी-डंडे से मारपीट कर अपमानित किया था. इस मामले में बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता धर्मानंद चौधरी ने कम से कम सजा देने की गुहार लगायी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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MRIGENDRA MANI SINGH

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