186 वार्ड सदस्यों का गैर आवासीय प्रशिक्षण जारी

Updated at : 06 Oct 2024 7:22 PM (IST)
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186 वार्ड सदस्यों का गैर आवासीय प्रशिक्षण जारी

कई मुद्दों पर हुई चर्चा

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फोटो:38-प्रखंड मुख्यालय स्थित सभा भवन में वार्ड सदस्यों को प्रशिक्षण देते मास्टर ट्रेनर. प्रतिनिधि, सिकटी प्रखंड मुख्यालय स्थित सभा भवन में क्रमबद्ध ढंग से चार समूहों में बांट कर पंचायतों के वार्ड सदस्यों का गैर आवासीय प्रशिक्षण चल रहा है. पहले ग्रुप में प्रखंड के चार पंचायतों मजरख, आमगाछी, बोकंतरी व बेंगा के वार्ड सदस्यों को शामिल किया गया था. वहीं दूसरे समूह में ठेंगापुर, कौआकोह व खोरागाछ के वार्ड सदस्य शामिल थे. इसी तरह चार पंचायतों के वार्ड सदस्यों को शनिवार के प्रशिक्षण में शामिल किया गया था. इस तरह प्रखंड के 14 पंचायतों के कुल 186 वार्ड सदस्यों का प्रशिक्षण कराया जाना है. जबकि चौथे समूह के पररिया, दहगामा व भिरभिरी पंचायत के लिये प्रशिक्षण का कार्य सोमवार को देकर इसका समापन किया जायेगा. जानकारी देते मास्टर ट्रेनर प्रखंड कार्यपालक सहायक आदित्य कुमार झा ने बताया कि प्रत्येक ग्रुप में तीन से चार पंचायत के वार्ड सदस्यों को शामिल किया गया है. इस संबंध में बीडीओ परवेज आलम ने प्रशिक्षण के तहत निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को सरकार की विभिन्न योजनाओं जैसे खाद्य सुरक्षा, पेंशन, मनरेगा, स्वच्छता अभियान, मुख्यमंत्री निश्चय योजना, शराबबंदी, बाल विवाह व दहेज प्रथा के साथ-साथ उनके कर्तव्य व दायित्व की जानकारी भी दी जायेगी. कार्यक्रम में मास्टर ट्रेनरों में श्याम सुंदर प्रसाद, प्रेमलाल, श्याम ना ठाकुर, रामलाल राम, अल्ताफ, इजहार, लक्ष्मण, नीतू कुमारी शामिल है. ——————– भारत व नेपाल के बीच एकता को लेकर समीक्षा जरूरी फोटो:39-गृह मंत्री व अतिरिक प्रभार आंतरिक मामला एवं कानून मंत्री लीलावल्लव अधिकारी सहित इंडो-नेपाल पत्रकार समन्वय समिति के प्रेजिडेंट पत्रकार पंकज रणजीत. प्रतिनिधि, अररिया भारत नेपाल पत्रकार समन्वय समिति के प्रेजिडेंट पंकज रणजीत रविवार को नेपाल प्रदेश एक के कानून मंत्री लीला वल्लभ अधिकारी से मिले व भारत-नेपाल के पर्यटन के क्षेत्र में सुधार सहित सीमावर्ती क्षेत्रों में भंसार खोलने को लेकर एक ज्ञापन सौंपा. उन्होंने मंत्री को बताया कि भारत व नेपाल की संस्कृति में एक ओर जहां अतिथि देवो भव की महान विचार धारा है, वहीं दोनों देशों के रिश्तों को बेटी रोटी का संबंध भी माना जाता रहा है. इसलिए राजतंत्र वाला नेपाल व लोकतांत्रिक भारत के बीच दोनों देशों के नागरिकों की सुविधा व लोकहित को ध्यान में रखते हुए कई आपसी सहयोगात्मक दृष्टिकोण को लेकर सहमति हुई थी. जिसके तहत दोनों देशों के नागरीक बे रोक-टोक एक दूसरे के सीमा को पार कर आपसी प्रेम के माध्यम से समन्वय बनाकर न केवल रोटी बेटी का संबं स्थापित किया बल्कि व्यापारिक संबंध को भी मजबूती प्रदान किया. लेकिन वर्तमान परिपेक्ष्य में नेपाल तो लोकतांत्रिक देश तो हो गया किन राजशाही शासन की कानून व्यवस्था में जो चल रहा था वह नेपाल में लोकतंत्र बहाल होने के बाद व नेपाली कानून में भी संशोधन कर देने से बहुत कुछ वैचारिक परिवर्तन आ गया है. नेपाल की कानून व्यवस्था भारत व नेपाल के संबंधों को उतनी गंभीरता से नहीं ले पा रही है. नतीजा नेपाल की अर्थ व्यवस्था जिस प्रकार ज्यादा पर्यटन पर निर्भर थी वह अब काफी पिछड़ने लगी है. जरूरत है नेपाल के द्वारा प्रत्येक बॉर्डर पर कुशल और व्यावहारिक कर्मचारियों व प्रतिनिधियों के बहाल की. पंकज रणजीत के ज्ञापन पर मंत्री ने आवश्यक विचार की सहमति प्रदान की.

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